ParikshaPDF logo
ParikshaPDFएनालॉजी-समृद्ध हिंदी और अंग्रेजी परीक्षा नोट्स
परीक्षाएँमॉक टेस्टनोट्स
ENSwitch language
LoginRegister

हम analytics के लिए cookies इस्तेमाल करते हैं। वैकल्पिक analytics cookies से हमें उपयोग समझने में मदद मिलती है - गोपनीयता सूचना.

SSC CGL पर वापस

परीक्षा अध्ययन योजना

SSC CGL तैयारी: अवधारणाएँ और अभ्यास

फ्री

हिंदी और अंग्रेजी पाठों, हल किए गए उदाहरणों तथा व्याख्या सहित अभ्यास से SSC CGL की तैयारी की नींव मजबूत करें। मात्रात्मक योग्यता, सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति, अंग्रेजी बोध तथा सामान्य जागरूकता के उपलब्ध पाठ पढ़ें। अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति के साथ सादृश्यता, वर्गीकरण, श्रेणी, दिशा, क्रम और घड़ी के प्रश्नों का अभ्यास करें; व्याकरण और संविधान की मूल बातें समझें। संबंधित विषय अभ्यास टेस्ट देकर गलतियों की समीक्षा करें। सामग्री विषय-वार बढ़ाई जा रही है; अभी पूरा SSC CGL पाठ्यक्रम शामिल नहीं है। उपलब्ध सामग्री के लिए मॉड्यूल सूची और मॉक टेस्ट अनुभाग देखें।

पाठ

विषय → मॉड्यूल → पाठ

अंग्रेज़ी बोधसामान्य जागरूकतासामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कQuantitative Aptitude
पाठ्यक्रम 100
33 / 100
पाठ 1–50 · पृष्ठ 1 / 2
अगला पृष्ठ

8 पाठ
  1. 1
    प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्णांक, परिमेय और अपरिमेय संख्याएँ
  2. 2
    स्थानीय मान, अंकित मान और संख्याओं की तुलना
  3. 3
    अभाज्य, भाज्य और सह-अभाज्य संख्याएँ
  4. 4
    गुणनखंड और गुणज
  5. 5
    विभाज्यता के नियम और लुप्त अंक
  6. 6
    संख्याओं के सरल प्रश्नों में शेषफल
  7. 7
    इकाई अंक और दोहराने वाले चक्र
  8. 8
    किसी संख्या के धनात्मक गुणनखंडों की गिनती1 अभ्यास टेस्ट

4 पाठ
  1. 9
    चिह्नयुक्त पूर्णांकों पर संक्रियाएँ
  2. 10
    BODMAS और एक-दूसरे के भीतर कोष्ठक
  3. 11
    मिश्रित संख्यात्मक व्यंजकों का सरलीकरण
  4. 12
    अनुमान और संख्यात्मक उत्तरों की जाँच1 अभ्यास टेस्ट

3 पाठ
  1. 13
    दशमलव संकेतन और क्रम निर्धारण
  2. 14
    दशमलव संख्याओं का जोड़, घटाव, गुणा और भाग
  3. 15
    सांत और आवर्ती दशमलव

4 पाठ
  1. 16
    उचित, अनुचित, मिश्र और समतुल्य भिन्न
  2. 17
    भिन्नों का क्रम निर्धारण और तुलना
  3. 18
    भिन्नों के साथ अंकगणितीय संक्रियाएँ
  4. 19
    भिन्नों और दशमलवों का परस्पर रूपांतरण1 अभ्यास टेस्ट

5 पाठ
  1. 20
    अनुपात लिखना, सरल करना और तुलना करना
  2. 21
    समानुपात और सतत समानुपात
  3. 22
    सीधा और व्युत्क्रम समानुपात
  4. 23
    राशियों को अनुपात में बाँटना
  5. 24
    मिश्र अनुपात और बदलते अनुपात

7 पाठ
  1. 25
    प्रतिशत का अर्थ और भिन्न–दशमलव–प्रतिशत रूपांतरण
  2. 26
    किसी राशि का प्रतिशत निकालना
  3. 27
    एक राशि को दूसरी के प्रतिशत में व्यक्त करना
  4. 28
    प्रतिशत वृद्धि और कमी
  5. 29
    क्रमिक प्रतिशत परिवर्तन
  6. 30
    प्रतिशत परिवर्तन से मूल राशि निकालना
  7. 31
    जनसंख्या, आय, व्यय और कीमत के अनुप्रयोग

3 पाठ
  1. 32
    किसी समूह का अंकगणितीय औसत
  2. 33
    संयुक्त और भारित औसत
  3. 34
    जोड़ने, हटाने या बदलने से औसत में परिवर्तन1 अभ्यास टेस्ट

5 पाठ
  1. 35
    क्रय मूल्य, विक्रय मूल्य, लाभ और हानि
  2. 36
    लाभ-हानि प्रतिशत और उलटी गणनाएँ
  3. 37
    अंकित मूल्य, छूट और मार्कअप
  4. 38
    क्रमिक छूट
  5. 39
    लाभ, हानि और छूट की संयुक्त स्थितियाँ

3 पाठ
  1. 40
    मूलधन, दर, समय, साधारण ब्याज और मिश्रधन
  2. 41
    अज्ञात मूलधन, दर या समय ज्ञात करना
  3. 42
    साधारण ब्याज की व्यवस्थाओं की तुलना

4 पाठ
  1. 43
    चक्रवृद्धि ब्याज और क्रमिक संचय
  2. 44
    वार्षिक और वर्ष में एक से अधिक बार चक्रवृद्धि
  3. 45
    साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज की तुलना
  4. 46
    बार-बार प्रतिशत बदलाव से वृद्धि और मूल्यह्रास

2 पाठ
  1. 47
    पूँजी, अवधि और लाभ-वितरण का अनुपात
  2. 48
    साझेदारों का जुड़ना, अलग होना या निवेश बदलना

2 पाठ
  1. 49
    सांद्रता और मिश्रणों के भारित औसत
  2. 50
    दो घटकों वाले मिश्रणों के लिए एलिगेशन

12 मॉड्यूल में 50 पाठ

पाठ 33 / 100 | Quantitative Aptitude / Averages / औसत

संयुक्त और भारित औसत

सीखने का परिणाम

असमान समूहों का संयुक्त औसत तथा भारित प्राप्तांक निकालें और संयुक्त औसत से समूहों की गिनती का अनुपात खोजें।

अर्थ और तरीका

समूह का कुल योग = गिनती × औसत। खाली न होने वाले समूह जोड़ते समय उनके कुल योग जोड़कर संयुक्त गिनती से भाग दें।

केवल औसतों का औसत लेने से दोनों समूहों को बराबर प्रभाव मिलता है, चाहे उनके आकार अलग हों। बराबर धनात्मक गिनतियों पर यह तरीका सही है; असमान गिनतियों पर वास्तविक भार लगाएँ।

भारित औसत अलग-अलग महत्व वाले मान भी दर्शाता है। हर मान को उसके भार से गुणा करें, गुणनफल जोड़ें और भारों के योग से भाग दें। मान समान पैमाने पर हों। समूह-आकार के भार मानों की गिनती बताते हैं; मूल्यांकन के भार उनका सापेक्ष महत्व बताते हैं।

भार अऋणात्मक हों और उनका योग धनात्मक हो। शून्य भार वाले मान छोड़ दें। खाली समूह का औसत अपरिभाषित है; काल्पनिक औसत न दें। सभी गिनतियाँ या भार शून्य हों तो औसत अपरिभाषित है।

सभी भारों को समान धनात्मक गुणक से गुणा करने पर अंश और हर समान अनुपात में बदलते हैं; औसत अपरिवर्तित रहता है। इसलिए भारों का अनुपात पर्याप्त है। धनात्मक भारों पर परिणाम शामिल मानों के न्यूनतम और अधिकतम के बीच है।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1 — समूह जोड़ें। आठ विद्यार्थी औसतन 35 पृष्ठ और बारह विद्यार्थी औसतन 45 पृष्ठ पढ़ते हैं। कुल पृष्ठ = 8 × 35 + 12 × 45 = 280 + 540 = 820। संयुक्त औसत = 820 ÷ 20 = 41 पृष्ठ। बड़ा समूह परिणाम को 45 के करीब लाता है; केवल औसतों का औसत लेने पर 40 मिलता।

उदाहरण 2 — महत्व के भार लगाएँ। तीन परीक्षणों में प्रत्येक के अधिकतम अंक 100 हैं। प्राप्तांक 64, 76 और 88 तथा भार 2:3:5 हैं। भारित अंक = (2 × 64 + 3 × 76 + 5 × 88) ÷ (2 + 3 + 5) = 796 ÷ 10 = 79 3/5। कुल भार से भाग दें, परीक्षणों की संख्या से नहीं।

उदाहरण 3 — गिनती का अनुपात निकालें। दो समूहों के औसत 24 और 39 हैं; संयुक्त औसत 33 है। पहला औसत संयुक्त औसत से 33 - 24 = 9 कम और दूसरा 39 - 33 = 6 अधिक है। गिनतियाँ a और b हों तो कुल कमी और बढ़त बराबर होंगी: 9 × a = 6 × b। इसलिए a:b = 6:9 = 2:3।

आम गलतियाँ

समूह के औसत को उसका कुल योग न समझें। भारों और मानों का क्रम समान रखें। अधिक सदस्य समूह का प्रभाव बढ़ाते हैं; केवल अधिक औसत अतिरिक्त भार नहीं देता।

अभ्यास प्रश्न

  1. 6 विद्यार्थियों का औसत 21 अंक और 9 विद्यार्थियों का औसत 31 अंक है। संयुक्त औसत निकालें।
  2. दो समूहों के औसत 18 और 32 तथा गिनतियों का अनुपात 3:4 है। संयुक्त औसत निकालें।
  3. प्राप्तांक 50, 65 और 80 के भार 1:2:3 हैं। भारित औसत निकालें।
  4. औसत 16 और 28 वाले समूहों का संयुक्त औसत 25 है। उसी क्रम में उनकी गिनतियों का अनुपात निकालें।

हल सहित उत्तर

  1. कुल = 6 × 21 + 9 × 31 = 126 + 279 = 405। गिनती = 15, इसलिए औसत = 405 ÷ 15 = 27 अंक।
  2. अनुपात को भार मानें: (3 × 18 + 4 × 32) ÷ 7 = 182 ÷ 7 = 26।
  3. भारित कुल = 50 + 130 + 240 = 420। कुल भार = 6, इसलिए औसत = 420 ÷ 6 = 70।
  4. 25 से अंतर 9 कम और 3 अधिक है। संतुलन से 9 × a = 3 × b, इसलिए a:b = 3:9 = 1:3।
33 / 100
Loading footer…