पाठ 67 / 100 | Quantitative Aptitude / Plane Mensuration / समतल क्षेत्रमिति
समांतर चतुर्भुज, समचतुर्भुज और समलंब के क्षेत्रफल
सीखने का लक्ष्य
ऊँचाइयों या विकर्णों से क्षेत्रफल निकालना, भुजा और ऊँचाई में अंतर करना तथा परिमाप के लिए उपलब्ध जानकारी की पर्याप्तता जाँचना।
अवधारणाएँ और मान्यताएँ
सटीक लंबाइयाँ और संगत इकाइयाँ लें। समांतर चतुर्भुज की सामने वाली भुजाएँ समांतर और बराबर होती हैं। एक सिरे के त्रिकोणीय हिस्से को दूसरे सिरे पर रखने से बिना क्षेत्रफल बदले आयत बनता है। इसलिए क्षेत्रफल = आधार × लंबवत ऊँचाई। इसका परिमाप आसन्न भुजाओं के योग का दोगुना है, आधार और ऊँचाई के योग का दोगुना नहीं।
समचतुर्भुज की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं। उसके विकर्ण एक-दूसरे को लंबवत समद्विभाजित करते हैं। इससे चार समकोण त्रिभुज बनते हैं, जिनकी लंबभुजाएँ आधे विकर्णों के बराबर होती हैं। उनके क्षेत्रफल जोड़ने पर समचतुर्भुज का क्षेत्रफल = पहला विकर्ण × दूसरा विकर्ण ÷ 2 मिलता है। परिमाप एक भुजा का चार गुना है; विकर्ण सीमा की भुजाएँ नहीं हैं।
यहाँ समलंब में सामने की दो भुजाएँ समांतर हैं, जिन्हें आधार कहते हैं; दूसरी दो भुजाएँ समांतर नहीं हैं। इसकी दो समान प्रतियों से ऐसा समांतर चतुर्भुज बनता है जिसकी ऊँचाई वही और आधार दोनों समांतर भुजाओं के योग के बराबर है। इसलिए समलंब का क्षेत्रफल = समांतर भुजाओं का योग × लंबवत ऊँचाई ÷ 2।
ऊँचाई का अर्थ लंबवत दूरी है, कोई भी तिरछी भुजा नहीं। आधारों और ऊँचाई से समलंब का क्षेत्रफल तय होता है, लेकिन सामान्यतः परिमाप नहीं। अतिरिक्त जानकारी, जैसे असमांतर भुजाओं का बराबर होना, अज्ञात लंबाइयाँ निकालने में सहायता कर सकती है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 — समांतर चतुर्भुज। एक समांतर चतुर्भुज का आधार 18 cm, आसन्न भुजा 10 cm और उस आधार पर लंबवत ऊँचाई 8 cm है। क्षेत्रफल और परिमाप निकालिए।
क्षेत्रफल = 18 × 8 = 144 cm²। परिमाप = 2(18 + 10) = 56 cm। 8 cm की ऊँचाई समांतर भुजाओं की दूरी बताती है; वह सीमा की 10 cm भुजा की जगह नहीं ले सकती।
उदाहरण 2 — समचतुर्भुज। एक समचतुर्भुज के विकर्ण 16 cm और 30 cm हैं। क्षेत्रफल और परिमाप निकालिए।
क्षेत्रफल = 16 × 30/2 = 240 cm²। आधे विकर्ण 8 cm और 15 cm हैं। समचतुर्भुज की भुजा इनके समकोण त्रिभुज का कर्ण है: भुजा = √(8² + 15²) = √289 = 17 cm। परिमाप = 4 × 17 = 68 cm।
उदाहरण 3 — समद्विबाहु समलंब। समांतर आधार 26 cm और 14 cm हैं तथा उनके बीच लंबवत दूरी 8 cm है। छोटे आधार का मध्यबिंदु बड़े आधार के मध्यबिंदु के ठीक ऊपर है, जिससे असमांतर भुजाएँ बराबर हैं।
क्षेत्रफल = (26 + 14) × 8/2 = 160 cm²। प्रत्येक सिरे पर क्षैतिज अंतर = (26 − 14)/2 = 6 cm। प्रत्येक तिरछी भुजा = √(6² + 8²) = √100 = 10 cm। परिमाप = 26 + 14 + 10 + 10 = 60 cm।
आम गलतियाँ
तिरछी भुजा को ऊँचाई मानना; समचतुर्भुज का परिमाप निकालने के लिए विकर्ण जोड़ना; समलंब के क्षेत्रफल में असमांतर भुजाओं का औसत लेना; अपर्याप्त जानकारी से परिमाप तय कर देना।
अभ्यास प्रश्न
- एक समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल 126 cm² और आधार 18 cm है। लंबवत ऊँचाई निकालिए। क्या उसका परिमाप निर्धारित किया जा सकता है?
- एक समचतुर्भुज के विकर्ण 10 cm और 24 cm हैं। क्षेत्रफल और परिमाप निकालिए।
- एक समलंब की समांतर भुजाएँ 19 m और 11 m हैं। उनके बीच लंबवत दूरी 9 m है। क्षेत्रफल निकालिए।
- एक समलंब का क्षेत्रफल 210 cm², लंबवत ऊँचाई 12 cm और एक समांतर भुजा 21 cm है। दूसरी समांतर भुजा निकालिए।
चरणबद्ध हल
- ऊँचाई = 126/18 = 7 cm। आसन्न भुजा अज्ञात है, इसलिए परिमाप निर्धारित नहीं होता। ऊँचाई का उस भुजा के बराबर होना आवश्यक नहीं है।
- क्षेत्रफल = 10 × 24/2 = 120 cm²। भुजा = √(5² + 12²) = 13 cm। परिमाप = 4 × 13 = 52 cm।
- समांतर भुजाओं का योग = 19 + 11 = 30 m। क्षेत्रफल = 30 × 9/2 = 135 m²।
- अज्ञात आधार b cm मानें। तब 210 = (21 + b) × 12/2 = 6(21 + b)। इसलिए 35 = 21 + b, जिससे b = 14 cm।