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सिलेबस · भारतीय अर्थव्यवस्था

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संवृद्धि, क्षेत्र और सार्वजनिक वित्त2

अर्थव्यवस्था के तीन क्षेत्र

पाठ 2 / 22 मिनटPDF नोट्समुफ़्त

सीखने का परिणाम

आप खेत, कारखाना और सेवा को तीन क्षेत्रों में रख सकते हैं।

अवधारणाएँ और उनके कारण

प्राथमिक क्षेत्र प्रकृति से वस्तुएँ लेता है और उससे जुड़ा सहयोगी काम करता है। गेहूँ उगाना और पशु पालना यहीं हैं। द्वितीयक क्षेत्र वस्तुएँ बनाता है। जो मिल गेहूँ को आटा बनाती है, वह यहीं है। तृतीयक क्षेत्र सेवाएँ देता है। आटा बेचने वाली दुकान, या बैंक, यहीं है। वही गेहूँ तीनों से गुजर सकता है। क्षेत्र काम के अनुसार होता है, केवल फसल के अनुसार नहीं। यह पाठ नहीं बताता कि कौन सा क्षेत्र सबसे बड़ा है। वह हिस्सा बदलता है।

हल किए गए उदाहरण

गेहूँ उगाता किसान प्राथमिक क्षेत्र में है। आटे की मिल द्वितीयक क्षेत्र में है। बैंक तृतीयक क्षेत्र में है। वह खेत नहीं है।

आम गलतियाँ

हर खाद्य काम को प्राथमिक कहना। मिल वस्तु बनाती है। दुकान सेवा बेचती है। बैंक को प्राथमिक कहना क्योंकि वह उस धन को संभालता है जिसका किसान उपयोग करता है। कृषि का कोई हिस्सा ऐसा लिखना जैसे वह कभी बदलता ही नहीं।

अभ्यास प्रश्न

  1. गेहूँ का खेत किस क्षेत्र में है?
  2. आटे की मिल किस क्षेत्र में है?
  3. बैंक किस क्षेत्र में है?

उत्तर और व्याख्या

  1. प्राथमिक।
  2. द्वितीयक।
  3. तृतीयक।

उदाहरण से समझें

एक आम तोड़ा जा सकता है, मिठाई में पकाया जा सकता है, और फिर काउंटर पर परोसा जा सकता है। तोड़ना प्राथमिक है। कार्यशाला में मिठाई बनाना द्वितीयक है। परोसना तृतीयक है। आम पूरी यात्रा एक ही क्षेत्र में नहीं रहता।

सूत्र और नियम

प्राथमिक: फसल उगाना और पशुपालन जैसा सहयोगी काम। द्वितीयक: वस्तुएँ बनाना। तृतीयक: सेवाएँ, जिनमें दुकान या बैंक भी है।

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