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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: कांग्रेस से गांधी युग तक

पाठ 6 / 81 मिनटमुफ़्त

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1885 में ए.ओ. ह्यूम द्वारा स्थापित; पहला अधिवेशन बंबई में, अध्यक्ष डब्ल्यू.सी. बनर्जी। प्रारंभिक चरण (1885–1905) का नेतृत्व दादाभाई नौरोजी (धन निकासी सिद्धांत) जैसे नरमपंथियों ने किया।

गरमपंथी चरण और बंगाल विभाजन

लॉर्ड कर्ज़न के बंगाल विभाजन (1905) से स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। लाल-बाल-पाल (लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल) ने गरमपंथियों का नेतृत्व किया। तिलक: "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।" मुस्लिम लीग 1906 में बनी।

गांधी युग

  • चंपारण (1917) – भारत में पहला सत्याग्रह (नील किसान)।
  • जलियाँवाला बाग (13 अप्रैल 1919) – जनरल डायर।
  • असहयोग (1920–22) – चौरी चौरा के बाद वापस।
  • सविनय अवज्ञा / दांडी मार्च (1930) – नमक कानून।
  • भारत छोड़ो (1942) – "करो या मरो"।

परीक्षा टिप्स

  1. घटनाएँ वर्ष और संबंधित वायसराय के साथ याद करें।
  2. पूर्ण स्वराज प्रस्ताव: लाहौर अधिवेशन, 1929 (नेहरू)।

उदाहरण से समझें

स्वतंत्रता संग्राम एक नदी जैसा था जो बाढ़ बन गई। यह याचिकाओं की छोटी धारा (नरमपंथी) से शुरू हुआ, पथरीली तेज़ धाराओं (गरमपंथी) से गति पकड़ी, और गांधी के नेतृत्व में एक विशाल नदी बन गया जो करोड़ों आम लोगों को साथ बहा ले गई।

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