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आँकड़ों की व्याख्या: कुल, वृद्धि और गलत आधार चुनने से बचाव

पाठ 6 / 65 मिनटमुफ़्त

समझें कि आँकड़े किसकी गिनती करते हैं

नीचे दिए गए आँकड़े प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में संसाधित आवेदनों की गिनती करते हैं, अलग-अलग व्यक्तियों की नहीं। इस अभ्यास में हर आवेदन अपने वर्ष के भीतर ठीक एक केंद्र के अंतर्गत गिना जाता है, इसलिए केंद्रों की संख्याएँ जोड़ी जा सकती हैं। 120 जैसे मान का अर्थ 120 आवेदन है, 120 हजार आवेदन या 120% नहीं। सभी आँकड़े अभ्यास के लिए काल्पनिक हैं।

अभ्यास के लिए मूल आँकड़े

  • केंद्र A: 2024 = 120; 2025 = 150।
  • केंद्र B: 2024 = 200; 2025 = 220।
  • केंद्र C: 2024 = 80; 2025 = 130।

हल किए गए प्रश्न

2024 का कुल = 120 + 200 + 80 = 400 आवेदन। 2025 का कुल = 150 + 220 + 130 = 500 आवेदन। वृद्धि = 500 − 400 = 100 आवेदन। कुल प्रतिशत वृद्धि = (100/400)×100 = 25%। हर में शुरुआती वर्ष का कुल लिया गया है, अंतिम वर्ष का कुल नहीं।

A की प्रतिशत वृद्धि = (30/120)×100 = 25%। B की प्रतिशत वृद्धि = (20/200)×100 = 10%। C की प्रतिशत वृद्धि = (50/80)×100 = 62.5%। C की प्रतिशत वृद्धि सबसे अधिक है, जबकि 2025 में B की संख्या सबसे अधिक, 220 है। सबसे बड़ी अंतिम संख्या और सबसे बड़ी वृद्धि-दर अलग-अलग प्रश्नों के उत्तर हैं।

2025 के कुल में A का हिस्सा = (150/500)×100 = 30%। A की वृद्धि-दर में उसी केंद्र की पहले की संख्या आधार है, जबकि उसके हिस्से में उसी वर्ष के सभी केंद्रों का कुल आधार है। B का हिस्सा (200/400)×100 = 50% से घटकर (220/500)×100 = 44% होता है; यह 6 प्रतिशत-अंकों की गिरावट है, जबकि B की संख्या 20 आवेदन बढ़ती है।

शुरुआती संख्याओं के भार से वृद्धि-दरें जोड़ें

25%, 10% और 62.5% का साधारण माध्य (25 + 10 + 62.5)/3 = 32.5% है, जो कुल वृद्धि 25% से अलग है। यहाँ शुरुआती संख्याएँ अलग हैं, इसलिए प्रत्येक केंद्र का भार अलग है। कुल वृद्धि-दर = कुल परिवर्तन / कुल शुरुआती संख्या। प्रतिशत के रूप में यह (120×25 + 200×10 + 80×62.5)/400 = 25% है। शुरुआती संख्याएँ बराबर होना साधारण माध्य से कुल दर पाने के लिए पर्याप्त है, आवश्यक नहीं; दरें बराबर होने या दूसरे सटीक संतुलन के कारण भी दोनों परिणाम समान हो सकते हैं।

किसी केंद्र की प्रतिशत वृद्धि निकालने के लिए उसकी शुरुआती संख्या धनात्मक होनी चाहिए। यदि शुरुआती संख्या शून्य है, तो उसकी प्रतिशत वृद्धि अपरिभाषित है; इसलिए भारित सूत्र में कोई मनमानी दर न रखें। यदि संयुक्त शुरुआती कुल धनात्मक है, तो संयुक्त वृद्धि फिर भी कुल संख्याओं से सीधे निकाली जा सकती है।

अनुपलब्ध आँकड़े और निष्कर्ष

संसाधित आवेदनों की संख्या अकेले सेवा की गुणवत्ता, माँग, स्वीकृति-दर या अलग-अलग आवेदकों की संख्या स्थापित नहीं करती। एक व्यक्ति कई आवेदन दे सकता है। स्वीकृति-दर के लिए स्वीकृत आवेदनों की संख्या और स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट पात्र कुल चाहिए; वे आँकड़े यहाँ नहीं हैं। इसलिए केवल अधिक संसाधित आवेदन बेहतर सेवा या अधिक दक्षता सिद्ध नहीं करते।

हल सहित अभ्यास

  1. 2024 के कुल में C का हिस्सा कितना है? उसी वर्ष का कुल लें: (80/400)×100 = 20%।
  2. 2025 में A:B:C का अनुपात क्या है? यह 150:220:130 है। तीनों संख्याओं को 10 से भाग देने पर 15:22:13 मिलता है; केंद्रों का क्रम A:B:C ही रहता है।
  3. कुल वृद्धि का कितना हिस्सा C से आया? C की वृद्धि 130 − 80 = 50 है; कुल वृद्धि 500 − 400 = 100 है। C का योगदान (50/100)×100 = 50% है। यहाँ हर में कुल वृद्धि है, 2025 का कुल नहीं।
  4. यदि A के 2025 के आवेदनों में 20% को सुधार की आवश्यकता थी, तो ऐसे कितने आवेदन थे? A ने 150 आवेदन संसाधित किए, इसलिए संख्या (20/100)×150 = 30 आवेदन है।
  5. क्या इन आँकड़ों से सिद्ध होता है कि B सबसे दक्ष केंद्र है? नहीं। इनमें संसाधित आवेदनों की संख्या है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या, संसाधन, मामलों की जटिलता या लगा समय नहीं दिया गया है। दक्षता का क्रम तय करने के लिए B की अधिक संख्या पर्याप्त नहीं है।

प्रतिशत-अंक और हिस्से में सापेक्ष परिवर्तन

B का हिस्सा 50% से 44% होता है। घटाने पर 44 − 50 = −6 प्रतिशत-अंक मिलते हैं। शुरुआती हिस्से की तुलना में परिवर्तन ((44 − 50)/50)×100 = −12% है, इसलिए उसका हिस्सा 12% घटता है। फिर भी B के आवेदनों की संख्या (20/200)×100 = 10% बढ़ती है। ये परिणाम परस्पर संगत हैं: कुल संख्या B की संख्या से तेज़ बढ़ती है। संख्या बढ़ने के साथ उसका हिस्सा घट सकता है।

अनुपलब्ध संख्या निकालें

मानें कि B की 2025 की संख्या छिपी हुई है, लेकिन कुल 500 और A = 150, C = 130 दिए हैं। केंद्रों की श्रेणियाँ एक-दूसरे से अलग हैं और पूरा कुल इन्हीं से बनता है, इसलिए B = 500 − 150 − 130 = 220। जाँच: 150 + 220 + 130 = 500। यदि श्रेणियों में एक ही आवेदन दोबारा गिना जाता या कुल में कोई ऐसा केंद्र भी होता जो सूची में नहीं है, तो इस घटाव से B की संख्या निश्चित नहीं होती।

संसाधित संख्या और निर्दिष्ट दर की तुलना

अब एक अलग काल्पनिक विवरण जोड़ें: 2025 के इस काम में A पर 75 कर्मचारी-घंटे, B पर 110 कर्मचारी-घंटे और C पर 65 कर्मचारी-घंटे लगे। एक कर्मचारी-घंटे का अर्थ है एक व्यक्ति का एक घंटे का काम। प्रति कर्मचारी-घंटे संसाधित आवेदन हैं A: 150/75 = 2, B: 220/110 = 2 और C: 130/65 = 2। इस माप में B की अधिक संख्या उसकी दर को अधिक नहीं बनाती। ये जोड़े गए घंटे मूल संख्याओं से निष्कर्ष के रूप में नहीं मिले थे। प्रति कर्मचारी-घंटे समान संख्या में आवेदन संसाधित होना भी समान गुणवत्ता या समग्र दक्षता सिद्ध नहीं करता; मामलों की कठिनाई और परिणाम अलग हो सकते हैं।

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