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समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता

पाठ 3 / 32 मिनटPDF नोट्समुफ़्त

सीखने का परिणाम

आप बता सकते हैं कि 42वें संशोधन ने उद्देशिका में कौन से शब्द जोड़े, और 1949 में कौन से शब्द पहले से थे।

अवधारणाएँ और उनके कारण

1949 में अंगीकृत उद्देशिका भारत को प्रभुत्वसंपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य कहती थी, और राष्ट्र की एकता की बात करती थी। 42वें संशोधन ने वह पाठ बदला। शब्द हुए प्रभुत्वसंपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य। राष्ट्र की एकता वाला वाक्यांश राष्ट्र की एकता और अखंडता हो गया। हिंदी में जोड़ी गई बातें समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता हैं। समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता 1949 की उद्देशिका में नहीं थे। प्रभुत्वसंपन्न, लोकतांत्रिक और गणराज्य पहले से थे।

हल किए गए उदाहरण

प्रश्न पूछे कि किस संशोधन ने उद्देशिका में समाजवादी और पंथनिरपेक्ष जोड़े। उत्तर 42वाँ संशोधन है। प्रश्न पूछे कि एकता और अखंडता 1949 का वाक्यांश था क्या। 1949 का वाक्यांश राष्ट्र की एकता था। अखंडता 42वें संशोधन के साथ आई।

आम गलतियाँ

समाजवादी और पंथनिरपेक्ष को 1949 की उद्देशिका में रखना। यह कहना कि 42वें संशोधन ने लोकतांत्रिक या गणराज्य हटा दिया। उसने शब्द जोड़े। उन दो को नहीं हटाया। अखंडता को मूल एकता वाले वाक्यांश का हिस्सा मानना।

अभ्यास प्रश्न

  1. किस संशोधन ने उद्देशिका में समाजवादी और पंथनिरपेक्ष जोड़े?
  2. एकता के लिए 1949 का वाक्यांश क्या था?
  3. इनमें से कौन 1949 की उद्देशिका में पहले से था: पंथनिरपेक्ष, या गणराज्य?

उत्तर और व्याख्या

  1. 42वाँ संशोधन।
  2. राष्ट्र की एकता।
  3. गणराज्य। पंथनिरपेक्ष 42वें संशोधन से जुड़ा।

उदाहरण से समझें

फाटक की नामपट्टिका पर दो नए शब्द और एक लंबी अंतिम पंक्ति जुड़ सकती है, और पहले शब्द रह सकते हैं। प्रभुत्वसंपन्न, लोकतांत्रिक और गणराज्य रहे। समाजवादी और पंथनिरपेक्ष लिखे गए। अंतिम पंक्ति एकता से बढ़कर एकता और अखंडता हुई।

सूत्र और नियम

1949: प्रभुत्वसंपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य, राष्ट्र की एकता। 42वाँ संशोधन: प्रभुत्वसंपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य, राष्ट्र की एकता और अखंडता। हिंदी में जोड़े गए शब्द: समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता।

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