साधारण ब्याज: अवधारणाएँ और सूत्र
मुख्य शब्द
- मूलधन (P): उधार ली गई या निवेश की गई राशि।
- दर (R): प्रति ₹100 प्रति वर्ष ब्याज (% वार्षिक)।
- समय (T): वर्षों में।
- मिश्रधन (A) = P + साधारण ब्याज।
सूत्र
साधारण ब्याज = (P × R × T)/100
उदाहरण: ₹5,000 पर 8% की दर से 3 वर्ष → 5000 × 8 × 3/100 = ₹1,200।
परिवर्तित रूप
- P = (100 × SI)/(R × T)
- R = (100 × SI)/(P × T)
- T = (100 × SI)/(P × R)
दोगुना और तिगुना
साधारण ब्याज में राशि n गुना तब होती है जब ब्याज = (n − 1)P।
- T वर्षों में दोगुनी → R = 100/T। 10 वर्षों में दोगुनी → 10%।
- 20 वर्षों में तिगुनी → 20 वर्षों में ब्याज 2P → 10%।
परीक्षा टिप्स (RRB NTPC)
- साधारण ब्याज हर वर्ष बराबर होता है — यह सीधी रेखा में बढ़ता है।
- मिश्रधन दिया हो तो पहले A = P(1 + RT/100) लिखें और P निकालें।
उदाहरण से समझें
साधारण ब्याज मकान के किराए जैसा है। आप हर महीने एक-सा किराया देते हैं, जो केवल मूल मकान पर तय होता है — चुकाए गए किराए पर अलग से किराया नहीं लगता। उसी तरह साधारण ब्याज केवल मूल मूलधन पर लगता है, इसलिए हर वर्ष बराबर राशि जुड़ती है।
इस पाठ के टेस्ट
- Simple Interest: Concepts and Formulas practice
प्रगति सहेजने के लिए साइन इन करें। साइन इन