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साधारण ब्याज: अवधारणाएँ और सूत्र

पाठ 17 / 222 मिनटमुफ़्त

मुख्य शब्द

  • मूलधन (P): उधार ली गई या निवेश की गई राशि।
  • दर (R): प्रति ₹100 प्रति वर्ष ब्याज (% वार्षिक)।
  • समय (T): वर्षों में।
  • मिश्रधन (A) = P + साधारण ब्याज।

सूत्र

साधारण ब्याज = (P × R × T)/100

उदाहरण: ₹5,000 पर 8% की दर से 3 वर्ष → 5000 × 8 × 3/100 = ₹1,200।

परिवर्तित रूप

  • P = (100 × SI)/(R × T)
  • R = (100 × SI)/(P × T)
  • T = (100 × SI)/(P × R)

दोगुना और तिगुना

साधारण ब्याज में राशि n गुना तब होती है जब ब्याज = (n − 1)P।

  • T वर्षों में दोगुनी → R = 100/T। 10 वर्षों में दोगुनी → 10%।
  • 20 वर्षों में तिगुनी → 20 वर्षों में ब्याज 2P → 10%।

परीक्षा टिप्स (RRB NTPC)

  1. साधारण ब्याज हर वर्ष बराबर होता है — यह सीधी रेखा में बढ़ता है।
  2. मिश्रधन दिया हो तो पहले A = P(1 + RT/100) लिखें और P निकालें।

उदाहरण से समझें

साधारण ब्याज मकान के किराए जैसा है। आप हर महीने एक-सा किराया देते हैं, जो केवल मूल मकान पर तय होता है — चुकाए गए किराए पर अलग से किराया नहीं लगता। उसी तरह साधारण ब्याज केवल मूल मूलधन पर लगता है, इसलिए हर वर्ष बराबर राशि जुड़ती है।

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