मुगल प्रशासन और मनसबदारी
मुगल प्रशासन और मनसबदारी
साम्राज्यीय संगठन
मुगल प्रशासन में केंद्रीय सत्ता और स्थानीय समझौता दोनों थे। सम्राट शीर्ष पर था; अमीर, प्रांतीय अधिकारी, जमींदार और ग्राम संस्थाएँ केंद्र को समाज से जोड़ती थीं। साम्राज्य सूबों में बँटा था; सूबे सरकार, परगने और गाँवों में विभाजित थे। सूबेदार के साथ प्रांतीय दीवान राजस्व देखता और नियंत्रण रखता था। फौजदार सैन्य तथा कानून-व्यवस्था और काजी न्याय से जुड़े थे। जमींदार स्थानीय मध्यस्थ बने रहे।
मनसब और जागीर
मनसब शाही सेवा का रैंक था। मनसबदार की संख्या जात और सवार में व्यक्त होती थी। जात व्यक्तिगत पद, प्रतिष्ठा और वेतन-स्तर, जबकि सवार घुड़सवारों की निर्धारित संख्या से जुड़ा था; नियम समय के साथ बदलते रहे। मनसबदार नागरिक या सैन्य पद निभा सकते थे और व्यवस्था पूरी तरह वंशानुगत नहीं थी।
नकद वेतन के बदले कई मनसबदारों को जागीर, अर्थात राजस्व-असाइनमेंट, मिलती थी। जागीरदार निर्धारित राजस्व वसूलता, भूमि का स्वामी नहीं बनता और जागीर सामान्यतः हस्तांतरणीय होती थी। खालिसा भूमि का राजस्व सीधे शाही कोष में जाता था। मनसब रैंक है, जागीर राजस्व-अधिकार।
अकबर के समय टोडर मल के सुधार जब्त और दहसाला से जुड़े हैं। उपयुक्त क्षेत्रों में भूमि, फसल और कीमतों के आधार पर अवधि का औसत आकलन बना तथा माँग प्रायः नकद में तय हुई; पूरी व्यवस्था साम्राज्य में समान नहीं थी। जमींदार परंपरागत हिस्सा और स्थानीय प्रभाव रखते थे। आइन-ए-अकबरी प्रशासनिक विवरण है, हर गाँव की निष्पक्ष जनगणना नहीं। जात-सवार, मनसब-जागीर, सूबा-सरकार-परगना और जब्त-दहसाला का अंतर याद रखें।
त्वरित पुनरावृत्ति
पहले परिभाषा पहचानें और फिर उसे संबंधित संस्था, तिथि, प्रक्रिया तथा उदाहरण से जोड़ें। वैज्ञानिक तंत्र को नीति साधन, अंतरराष्ट्रीय पहचान को स्वतः घरेलू कानूनी दर्जा और पद को स्वामित्व न मानें। “हमेशा” तथा “केवल” जैसे पूर्ण शब्दों से सावधान रहें और बदलती संख्या या संस्करणों के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।
उदाहरण से समझें
मुगल प्रशासन और मनसबदारी — उपमा
मनसब कर्मचारी का ग्रेड है; जागीर वेतन के बदले मिला अस्थायी राजस्व-क्षेत्र। ग्रेड का अर्थ उस क्षेत्र का स्वामित्व नहीं।
इस पाठ के टेस्ट
- Mughal administration and mansabdari practice
प्रगति सहेजने के लिए साइन इन करें। साइन इन