भारत के भौतिक विभाग: उच्चावच मानचित्र पढ़ना
सवाल सीधे शब्दों में: उच्चावच मानचित्र पर भारत कहीं हरा, कहीं पीला और उत्तर में भूरा या सफ़ेद क्यों दिखता है, और ये रंग ज़मीन के बारे में क्या बताते हैं?
इस पाठ के बाद आप: भारत के छह भौतिक विभागों के नाम बता सकेंगे, हर एक को मानचित्र पर ढूँढ सकेंगे, और हर एक की दो विशेषताएँ बता सकेंगे।
1. एक सच्ची-सी कहानी: एक यात्रा, छह तरह की ज़मीन
अमन का परिवार रेल और बस से लंबी छुट्टी पर जाता है।
- शिमला में सड़क घूमती हुई ऊपर चढ़ती है; दूर उत्तर में बर्फ़ीली चोटियाँ चमकती हैं।
- नीचे लखनऊ आते हैं तो सैकड़ों किलोमीटर तक ज़मीन समतल है, गेहूँ और गन्ने के खेतों से भरी।
- जैसलमेर में वे रेत के टीलों पर ऊँट की सवारी करते हैं।
- हैदराबाद के आसपास ज़मीन पथरीली है, हल्की ऊँची-नीची, पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर।
- चेन्नई में वे चौड़े रेतीले समुद्र तट पर टहलते हैं।
- आख़िर में वे हवाई जहाज़ से अंडमान द्वीप के पोर्ट ब्लेयर जाते हैं, जो समुद्र और घने जंगल से घिरा है।
अमन ने एक ही यात्रा में भारत के छहों भौतिक विभाग पार कर लिए। चलिए इन्हें मानचित्र पर खोजें।
2. पहला कदम: उच्चावच मानचित्र कैसे पढ़ें
उच्चावच मानचित्र रंगों से समुद्र तल से ऊँचाई दिखाता है। NCERT का नियम सरल है: मैदान के लिए हरा, पठार के लिए पीला, पर्वत के लिए भूरा, पानी के लिए नीला। हमारा मानचित्र भी यही करता है: जितना गहरा भूरा, उतनी ऊँची ज़मीन; सफ़ेद सबसे ऊँची, 4,000 मी. से ऊपर की बर्फ़ीली ज़मीन है।
मानचित्र पर ये छह खोजें:
छह भौतिक विभाग
- हिमालय पर्वत
- उत्तर में, सीमा के साथ मानचित्र पर भूरा और सफ़ेद
- उत्तरी मैदान
- हिमालय के दक्षिण में गहरा हरा, समतल
- प्रायद्वीपीय पठार
- मैदान के दक्षिण में पीला और हल्का भूरा
- भारतीय मरुस्थल
- अरावली के पश्चिम में रेतीला, बहुत कम वर्षा
- तटीय मैदान
- दोनों समुद्रों के किनारे पतली हरी पट्टियाँ
- द्वीप समूह
- लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार दोनों समुद्रों में
मानचित्र पर उत्तर से दक्षिण क्रम: पर्वत, मैदान, पठार, तट।
3. दूसरा कदम: हिमालय, नवीन वलित पर्वत
हिमालय पश्चिम से पूर्व, सिंधु से ब्रह्मपुत्र तक फैला है। ये नवीन वलित पर्वत हैं: चट्टानों की परतें ऊपर धकेली गईं और मुड़ गईं। इनकी तीन समानांतर श्रेणियाँ हैं, उत्तर से दक्षिण:
- महान हिमालय (हिमाद्रि): सबसे ऊँची और सबसे लगातार श्रेणी, औसत ऊँचाई लगभग 6,000 मी., सबसे ऊँची चोटियाँ यहीं हैं। इसका भीतरी भाग ग्रेनाइट का है और यह हमेशा बर्फ़ से ढका रहता है। कंचनजंगा (8,598 मी.) सिक्किम-नेपाल सीमा पर है।
- लघु हिमालय (हिमाचल): ऊँचाई ज़्यादातर 3,700 से 4,500 मी.। इसमें पीर पंजाल, धौलाधार और महाभारत श्रेणियाँ और प्रसिद्ध पर्वतीय नगर हैं।
- शिवालिक: सबसे बाहरी और सबसे नीची श्रेणी, 900 से 1,100 मी., नदियों द्वारा लाए ढीले अवसादों से बनी।
हिमाचल और शिवालिक के बीच की चौड़ी घाटियों को दून कहते हैं, जैसे देहरादून।
4. तीसरा कदम: उत्तरी मैदान, नदियों का उपहार
- सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र और उनकी सहायक नदियों ने बारीक मिट्टी (जलोढ़) बिछाकर इसे बनाया।
- क्षेत्रफल लगभग 7 लाख वर्ग किमी, लंबाई लगभग 2,400 किमी, चौड़ाई 240 से 320 किमी।
- उपजाऊ मिट्टी, पानी और समतल ज़मीन के कारण यह भारत का सबसे ज़्यादा खेती वाला और सबसे घना बसा भाग है।
- इसके तीन भाग हैं: पंजाब का मैदान (पश्चिम), गंगा का मैदान (बीच) और ब्रह्मपुत्र का मैदान (पूर्व, असम में)।
5. चौथा कदम: प्रायद्वीपीय पठार, सबसे पुरानी ज़मीन
पठार ऊँची ज़मीन है जिसका ऊपरी भाग लगभग समतल होता है। प्रायद्वीपीय पठार बहुत पुरानी कठोर चट्टानों (आग्नेय और कायांतरित) से बना है और भारत का सबसे पुराना भूभाग है। नर्मदा इसे दो भागों में बाँटती है:
- मध्य उच्चभूमि, नर्मदा के उत्तर में: मालवा का पठार, दक्षिण में विंध्य श्रेणी और उत्तर-पश्चिम में अरावली। इसके पूर्वी विस्तार हैं बुंदेलखंड, बघेलखंड और छोटा नागपुर पठार।
- दक्कन का पठार, नर्मदा के दक्षिण में: त्रिभुज के आकार का, उत्तर में सतपुड़ा श्रेणी। यह पूर्व की ओर धीरे-धीरे ढलता है।
इसके दो किनारे घाट हैं:
- पश्चिमी घाट: ज़्यादा ऊँचे (900 से 1,600 मी.) और लगातार। अनाई मुडी (2,695 मी.) प्रायद्वीप की सबसे ऊँची चोटी है।
- पूर्वी घाट: नीचे और बंगाल की खाड़ी में जाने वाली नदियों द्वारा टुकड़ों में कटे हुए। महेंद्रगिरि (1,501 मी.) इनकी सबसे ऊँची चोटी है।
उत्तर-पूर्व का मेघालय पठार इसी पुराने पठार का हिस्सा है।
दक्कन ट्रैप की काली मिट्टी पुराने ज्वालामुखी लावा से बनी है। यह कपास के लिए बहुत अच्छी है।
6. पाँचवाँ कदम: भारतीय मरुस्थल
- अरावली पहाड़ियों के पश्चिम में है।
- रेत के टीलों से ढका ऊँचा-नीचा रेतीला मैदान।
- वर्षा सालाना 150 मि.मी. से कम, इसलिए सूखा और कम वनस्पति।
- बरसात में धाराएँ बनती हैं और फिर रेत में समा जाती हैं। लूनी ही एकमात्र बड़ी नदी है।
7. छठा कदम: तटीय मैदान
पश्चिमी तट बनाम पूर्वी तट
- पश्चिमी तटीय मैदान
- संकरा, पश्चिमी घाट और अरब सागर के बीच कोंकण (मुंबई-गोवा), कन्नड़, मालाबार
- पूर्वी तटीय मैदान
- चौड़ा और समतल, बंगाल की खाड़ी के साथ उत्तरी सरकार (उत्तर), कोरोमंडल (दक्षिण)
पूर्व की बड़ी नदियाँ (महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी) पूर्वी मैदान पर चौड़े डेल्टा बनाती हैं।
ओडिशा में महानदी डेल्टा के दक्षिण में चिल्का झील भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।
8. सातवाँ कदम: द्वीप समूह
- लक्षद्वीप (अरब सागर), केरल तट के पास: छोटे प्रवाल (कोरल) द्वीप। प्रशासनिक मुख्यालय कवरत्ती है।
- अंडमान और निकोबार (बंगाल की खाड़ी): बड़े, ज़्यादा संख्या में और दूर-दूर फैले; ये समुद्र के नीचे के पर्वतों के ऊपर उठे भाग हैं। भूमध्य रेखा के पास होने से यहाँ गर्म, नम जलवायु और घने जंगल हैं।
9. याद रखने के आसान तरीके (समझने के बाद)
अमन की यात्रा के क्रम में छह विभाग: पर्वत → मैदान → मरुस्थल → पठार → तट → द्वीप। हिमालय की ऊँचाई, उत्तर से दक्षिण: लगभग 6,000 → 3,700-4,500 → 900-1,100 मी.। हिमाद्रि, हिमाचल, शिवालिक: सबसे ऊँची, बीच वाली, सबसे नीची। घाट: पश्चिम = ऊँचे और लगातार। पूर्व = नीचे और टूटे (नदियाँ काटती हैं)। तट: पश्चिम = संकरा, बड़े डेल्टा नहीं। पूर्व = चौड़ा, बड़े डेल्टा। नर्मदा = सीमा रेखा मध्य उच्चभूमि और दक्कन के बीच।
10. झटपट जाँच
हिमालय की सबसे बाहरी और सबसे नीची श्रेणी कौन-सी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C
शिवालिक सबसे दक्षिणी (बाहरी) श्रेणी है, लगभग 900 से 1,100 मी. ऊँची, नदियों के ढीले अवसादों से बनी।
विकल्प A: हिमाद्रि सबसे भीतरी और सबसे ऊँची श्रेणी है, औसत लगभग 6,000 मी.।
विकल्प B: हिमाचल बीच की श्रेणी है, ज़्यादातर 3,700 से 4,500 मी.।
विकल्प D: काराकोरम बहुत उत्तर में है, तीनों समानांतर हिमालयी श्रेणियों से आगे।
संकेत: मैदान के सबसे पास वाली श्रेणी सबसे नीची है।
भारतीय मरुस्थल अरावली पहाड़ियों के किस ओर है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
भारतीय मरुस्थल अरावली पहाड़ियों के पश्चिम में है। यह सूखा रेतीला मैदान है जहाँ सालाना 150 मि.मी. से कम वर्षा होती है।
विकल्प A: अरावली के पूर्व में मालवा का पठार और मैदान हैं, मरुस्थल नहीं।
विकल्प C: अरावली के उत्तर में पंजाब और हरियाणा के मैदान हैं।
विकल्प D: अरावली के दक्षिण में गुजरात और मालवा क्षेत्र हैं।
संकेत: मानचित्र पर पाकिस्तान सीमा के पास का रेतीला भाग देखें।
महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी किस तटीय मैदान पर डेल्टा बनाती हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C
ये नदियाँ पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में जाती हैं। पूर्वी तटीय मैदान चौड़ा और समतल है, इसलिए वहाँ बड़े डेल्टा बनते हैं।
विकल्प A: कोंकण तट अरब सागर पर संकरे पश्चिमी मैदान का भाग है।
विकल्प B: मालाबार तट पश्चिमी मैदान का दक्षिणी भाग है, केरल में।
विकल्प D: कन्नड़ मैदान पश्चिमी मैदान का बीच का भाग है।
संकेत: ये चारों नदियाँ किस समुद्र में पहुँचती हैं?
लक्षद्वीप के द्वीप मुख्य रूप से किससे बने हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
लक्षद्वीप केरल तट के पास छोटे प्रवाल द्वीपों का समूह है।
विकल्प A: ज्वालामुखी चट्टान अंडमान सागर के बैरन द्वीप से जुड़ी है, लक्षद्वीप से नहीं।
विकल्प C: ग्रेनाइट महान हिमालय का भीतरी भाग बनाता है, इन द्वीपों को नहीं।
विकल्प D: नदी की रेत डेल्टा और मैदान बनाती है, खुले समुद्र के द्वीप नहीं।
संकेत: बहुत छोटे समुद्री जीव लंबे समय में ये द्वीप बनाते हैं।
कक्षा 9 के बच्चे मैदान और पठार में बार-बार उलझते हैं। शिक्षक को पहले क्या करना चाहिए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
हाथ से बना मॉडल दिखाता है कि पठार ऊँचा और ऊपर से समतल है, जबकि मैदान नीचा और समतल। मॉडल को मानचित्र के रंगों से जोड़ने पर मानचित्र पढ़ना आता है।
विकल्प A: शब्द दोहराने से बच्चे के मन की तस्वीर नहीं बदलती।
विकल्प C: नकल करना निष्क्रिय है और उलझन दूर नहीं करता।
विकल्प D: विषय छोड़ने से गलत धारणा बनी रहती है।
संकेत: ज़मीन के आकार करके सीखने से सबसे अच्छी तरह समझ आते हैं।
दोनों तटों और दोनों घाटों को उलट देना। पश्चिमी घाट ऊँचे और लगातार हैं; पश्चिमी तटीय मैदान संकरा है। पूर्वी घाट नीचे और टूटे हैं; पूर्वी तटीय मैदान बड़े डेल्टा के साथ चौड़ा है। साथ ही: शिवालिक हिमालय की सबसे नीची श्रेणी है, सबसे ऊँची नहीं।
अपनी जगह से शुरू करें: पूछें "हमारा शहर समतल है, पहाड़ी है या रेतीला? नदी या समुद्र के पास है?" पहले उसे उच्चावच मानचित्र पर चिह्नित करें। भू-आकृतियाँ बनाएँ: समूहों में रेत की ट्रे या मिट्टी से पर्वत, मैदान और पठार बनाएँ; पानी डालकर दिखाएँ कि नदियाँ मिट्टी को मैदान तक कैसे लाती हैं। रंग का नियम: रेखा-मानचित्र दें; बच्चे उच्चावच मानचित्र देखकर हरा, पीला और भूरा भरें, और संकेत-सूची, उत्तर-तीर और शीर्षक जोड़ें। यात्रा की कहानी: हर समूह तीन विभाग पार करने वाली यात्रा बनाए और वहाँ की ज़मीन, मौसम और लोगों के काम बताए। सबको शामिल करें: मिट्टी का उभरा उच्चावच मानचित्र दृष्टिबाधित बच्चों को ऊँची-नीची ज़मीन छूकर समझने देता है। समझ जाँचें: रेत का टीला, डेल्टा, बर्फ़ीली चोटी और पठार के किनारे की तस्वीरें दिखाएँ; बच्चे हर एक का विभाग बताएँ।
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