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मौर्य और गुप्त साम्राज्य

पाठ 2 / 22 मिनटमुफ़्त

मौर्य साम्राज्य (लगभग 321–185 ई.पू.)

  • चंद्रगुप्त मौर्य ने कौटिल्य (चाणक्य) की सहायता से स्थापना की; कौटिल्य अर्थशास्त्र के लेखक; राजधानी पाटलिपुत्र।
  • सेल्यूकस निकेटर के राजदूत मेगस्थनीज़ ने इंडिका लिखी।
  • अशोक: कलिंग युद्ध (लगभग 261 ई.पू.) के बाद धम्म की नीति अपनाई; बौद्ध धर्म का प्रसार; अभिलेख अधिकतर प्राकृत भाषा व ब्राह्मी लिपि में (उत्तर-पश्चिम में खरोष्ठी, अफ़ग़ानिस्तान में यूनानी व अरामाइक)।
  • अशोक के समय पाटलिपुत्र में तृतीय बौद्ध संगीति।

गुप्त साम्राज्य (लगभग 320–550 ई.)

  • चंद्रगुप्त प्रथम ने गुप्त संवत् (320 ई.) आरंभ किया।
  • समुद्रगुप्त: विजयों का वर्णन हरिषेण रचित प्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभ अभिलेख में; वी. ए. स्मिथ ने "भारत का नेपोलियन" कहा।
  • चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य): चीनी यात्री फाह्यान आया; कालिदास दरबार में।
  • विज्ञान: आर्यभट (आर्यभटीय), वराहमिहिर। कुमारगुप्त प्रथम के समय नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना।

प्रारंभिक परीक्षा बिंदु

  1. मौर्य प्रशासन अत्यधिक केंद्रीकृत था; गुप्त प्रशासन भूमि-अनुदानों के साथ अधिक विकेंद्रीकृत था।
  2. कला, साहित्य और विज्ञान के कारण गुप्त काल को प्रायः "शास्त्रीय युग" कहा जाता है।

उदाहरण से समझें

मौर्यों ने भारत को ऐसे चलाया जैसे एक मुख्यालय हो और शाखा प्रबंधक रोज़ रिपोर्ट करें; गुप्तों ने इसे फ़्रैंचाइज़ी की तरह चलाया। अशोक का मुख्यालय हर जगह एक-से अभिलेख भेजता था, जबकि गुप्त सम्राट को मानने की शर्त पर स्थानीय सरदारों और भूमि-अनुदान धारकों को अपने कामकाज स्वयं सँभालने देते थे।

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