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मोड़ के बाद की दिशा

पाठ 1 / 52 मिनटPDF नोट्समुफ़्त

सीखने का परिणाम

आप दाएँ और बाएँ मोड़ के बाद दिशा बता सकते हैं, और छाया की दिशा भी बता सकते हैं।

अवधारणाएँ और उनके कारण

दायाँ मोड़ घड़ी की दिशा में एक कदम है: उत्तर से पूर्व, पूर्व से दक्षिण, दक्षिण से पश्चिम, पश्चिम से उत्तर। बायाँ मोड़ उलटी दिशा में एक कदम है: उत्तर से पश्चिम, पश्चिम से दक्षिण, दक्षिण से पूर्व, पूर्व से उत्तर। बायाँ और दायाँ उसी व्यक्ति के हैं जो सामने देख रहा है। सुबह सूरज पूर्व में होता है, इसलिए छाया पश्चिम में पड़ती है। शाम को सूरज पश्चिम में होता है, इसलिए छाया पूर्व में पड़ती है।

हल किए गए उदाहरण

एक व्यक्ति उत्तर की ओर देख रहा है। वह दाएँ, फिर दाएँ, फिर बाएँ मुड़ता है। उत्तर से दाएँ पूर्व। पूर्व से दाएँ दक्षिण। दक्षिण से बाएँ पूर्व। व्यक्ति पूर्व की ओर देखता है। सूर्योदय पर खंभे की छाया पश्चिम में पड़ती है, क्योंकि सूरज पूर्व में है।

आम गलतियाँ

उत्तर से दाएँ को पश्चिम मानना। उत्तर से दायाँ पूर्व है। प्रश्न जिस व्यक्ति की बात करे, उसका बायाँ अपने बाएँ से बदल देना। सुबह की छाया को पूर्व कहना। छाया सूरज से उलटी दिशा में पड़ती है।

अभ्यास प्रश्न

  1. दक्षिण की ओर देखता व्यक्ति बाएँ मुड़े तो सामने कौन सी दिशा है?
  2. पूर्व की ओर देखता व्यक्ति दाएँ, फिर दाएँ मुड़े तो सामने कौन सी दिशा है?
  3. शाम को छाया किस दिशा में पड़ती है?

उत्तर और व्याख्या

  1. पूर्व। दक्षिण से बायाँ पूर्व है।
  2. पश्चिम। पूर्व से दाएँ दक्षिण, और दक्षिण से दाएँ पश्चिम।
  3. पूर्व। शाम का सूरज पश्चिम में है, इसलिए छाया पूर्व में पड़ती है।

उदाहरण से समझें

व्यक्ति को घड़ी पर खड़ा मानिए। उत्तर 12 है, पूर्व 3, दक्षिण 6 और पश्चिम 9। दायाँ मोड़ अगले अंक की ओर जाता है। बायाँ मोड़ एक अंक पीछे आता है।

सूत्र और नियम

दायाँ मोड़: उत्तर, पूर्व, दक्षिण, पश्चिम। बायाँ मोड़: उत्तर, पश्चिम, दक्षिण, पूर्व। सुबह की छाया पश्चिम। शाम की छाया पूर्व।

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