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भूकंप और विवर्तनिक प्लेटें: धरती क्यों काँपती है?

पाठ 7 / 78 मिनटमुफ़्त

गति की कड़ी समझें, फिर उद्गम पहचानें

विवर्तनिक प्लेटें धीरे चलती हैं, फिर भी भूकंप अचानक धरती हिला सकता है। दोनों समय-पैमानों को जोड़ें: धीरे-धीरे तनाव बढ़ना → भ्रंश पर अचानक खिसकाव → भूकंपीय तरंगें। फिर भूकंप के शुरू होने वाले बिंदु और किसी स्थान पर महसूस हुए कंपन में अंतर करें।

1. प्लेटें चलती हैं; भ्रंश का भाग अटक सकता है

स्थलमंडल पृथ्वी का कठोर बाहरी आवरण है: भूपर्पटी और मैंटल का सबसे ऊपरी भाग। यह विवर्तनिक प्लेटों में बँटा है, जो एक-दूसरे के सापेक्ष चलती हैं। भ्रंश चट्टानों में दरार या दरारों का क्षेत्र है, जिसके दोनों ओर की चट्टानों में आपेक्षिक खिसकाव हुआ है।

भ्रंश के अटके हुए भाग पर घर्षण खिसकने का प्रतिरोध करता है, जबकि आसपास की चट्टानों का रूप बदलता रहता है। उनमें प्रत्यास्थ विकृति के रूप में ऊर्जा जमा होती है। अचानक खिसकाव होने पर इस ऊर्जा का कुछ भाग भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलता है। इन तरंगों से जमीन काँपती है। यह अनेक विवर्तनिक भूकंपों की व्याख्या है; हर भ्रंश हमेशा अटका नहीं रहता और हर भूकंप का कारण एक जैसा नहीं होता।

2. पड़ोसी प्लेटों की गति के तीन तरीके

ऊपर से देखे गए तीन सांकेतिक चित्र: अभिसारी प्लेटें एक-दूसरे की ओर आती हैं; अपसारी प्लेटें दूर जाती हैं; रूपांतर प्लेटें बगल से एक-दूसरे के पास से खिसकती हैं। तीर प्लेटों की आपेक्षिक गति दिखाते हैं, भूकंपीय तरंगों की दिशा नहीं।
प्लेट सीमाप्लेटों की आपेक्षिक गति
अभिसारीएक-दूसरे की ओर
अपसारीएक-दूसरे से दूर
रूपांतरबगल से एक-दूसरे के पास से

तीनों प्रकार की सीमाओं पर भूकंप आते हैं। अनेक भूकंप प्लेट सीमाओं के पास केंद्रित होते हैं, जहाँ चट्टानों का विरूपण आम है। लेकिन प्लेट के अंदर भी भूकंप आते हैं: तनाव भीतर के भ्रंशों को फिर सक्रिय कर सकता है। प्लेट-सीमा का मानचित्र एक उपयोगी पैटर्न दिखाता है; सीमा से बाहर भूकंप असंभव नहीं हो जाता।

3. उद्गम-केंद्र और अधिकेंद्र: अलग-अलग स्थितियाँ

भूमि के भीतर का सरल अनुप्रस्थ चित्र: नारंगी उद्गम-केंद्र ढलान वाले भ्रंश पर है। हरा अधिकेंद्र उसके ठीक ऊपर धरातल पर है। फैलते वृत्त भूकंपीय तरंगें दर्शाते हैं, क्षति की सीमा नहीं।

उद्गम-केंद्र (focus या hypocentre) पृथ्वी के भीतर वह बिंदु है जहाँ भूकंपीय टूटन शुरू होती है। अधिकेंद्र (epicentre) धरातल पर उसके ठीक लंबवत ऊपर का बिंदु है। टूटन भ्रंश के बहुत बड़े भाग तक फैल सकती है। अधिकेंद्र पूरे स्रोत-क्षेत्र का नाम नहीं है; सबसे तेज कंपन या सबसे अधिक क्षति ठीक वहीं होना आवश्यक नहीं है।

पूरी की पूरी दो प्लेटों को एक साथ उछलता हुआ समझने के बजाय यह क्रम देखें:

  1. धीमी गति से अटके हुए भ्रंश के आसपास चट्टानों पर तनाव बढ़ता है; वहाँ घर्षण खिसकने का प्रतिरोध करता है।
  2. चट्टानों में प्रत्यास्थ विकृति होती है और ऊर्जा जमा होती है।
  3. अचानक खिसकाव उद्गम-केंद्र से शुरू होता है और टूटन भ्रंश के कुछ भाग में फैलती है।
  4. मुक्त ऊर्जा का कुछ भाग भूकंपीय तरंगें ले जाती हैं और जमीन काँपती है; जरूरी नहीं कि सारा तनाव समाप्त हो जाए।

4. एक घटना, अलग-अलग कंपन

परिमाण (magnitude) स्रोत पर भूकंप के आकार का माप है। तीव्रता (intensity) किसी विशेष स्थान पर कंपन और उसके प्रभावों को बताती है। इसलिए एक ही भूकंप की तीव्रता अलग नगरों में अलग हो सकती है। टूटन से दूरी, गहराई और स्थानीय भूमि की दशाएँ इस अंतर को प्रभावित करती हैं। क्षति पर भवनों के निर्माण का तरीका भी असर डालता है।

मान लें कि एक ही घटना में नगर A ने नगर B से तेज कंपन महसूस किया। इससे स्थानीय कंपन का अंतर पता चलता है; इसका अर्थ दो अलग भूकंप या हर नगर में बदलता परिमाण नहीं है। अधिक रिकॉर्ड मिलने पर परिमाण के अनुमान संशोधित हो सकते हैं; वह अलग बात है।

5. संभावना का आकलन, तारीख की गारंटी नहीं

वैज्ञानिक किसी क्षेत्र और अवधि के लिए भूकंप की संभावनाओं का आकलन कर सकते हैं। वे अभी भविष्य के भूकंप का सटीक समय, स्थान और परिमाण विश्वसनीय ढंग से नहीं बता सकते। प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली भूकंप शुरू हो जाने के बाद उसका पता लगाती है और तेज कंपन पहुँचने से पहले कुछ स्थानों को सचेत कर सकती है। यह ऐसे भूकंप की अग्रिम भविष्यवाणी नहीं है जो अभी शुरू ही नहीं हुआ।

पाँच अभ्यास प्रश्न

  1. भ्रंश अटका रहता है, जबकि पास की चट्टानों में धीरे-धीरे विकृति होती है। बाद के अचानक भूकंप की सही व्याख्या क्या है?
A प्लेट की धीमी गति तनाव का बढ़ना पूरी तरह रोक देती है
B अचानक भ्रंश-खिसकाव जमा विकृति-ऊर्जा मुक्त करता है, जिसका कुछ भाग भूकंपीय तरंगें ले जाती हैं
C अधिकेंद्र जमीन के भीतर जाकर प्लेटों को धक्का देता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B

घर्षण खिसकाव का प्रतिरोध कर सकता है, जबकि प्रत्यास्थ विकृति जमा होती है। अचानक खिसकाव से ऊर्जा मुक्त होती है; उसका कुछ भाग तरंगें ले जाती हैं।

  1. टूटन जमीन से 15 किमी नीचे बिंदु F पर शुरू होती है। बिंदु E धरातल पर F के ठीक ऊपर है। सही नाम कौन-से हैं?
A F अधिकेंद्र है; E उद्गम-केंद्र है
B F और E दोनों पूरे भ्रंश हैं
C F उद्गम-केंद्र है; E अधिकेंद्र है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C

उद्गम-केंद्र भीतर का वह बिंदु है जहाँ टूटन शुरू होती है। अधिकेंद्र उसके ठीक लंबवत ऊपर धरातल पर है; 15 किमी केवल उदाहरण की गहराई है।

  1. दो पड़ोसी प्लेटें क्षैतिज दिशा में बगल से एक-दूसरे के पास से खिसकती हैं। चित्र किस सीमा को दिखाता है?
A रूपांतर
B अपसारी
C अभिसारी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A

रूपांतर सीमा पर प्लेटों की आपेक्षिक गति बगल से होती है। अपसारी प्लेटें दूर जाती हैं; अभिसारी प्लेटें पास आती हैं।

  1. एक भूकंप में नगर A का कंपन नगर B से तेज था। सबसे उचित निष्कर्ष क्या है?
A हर नगर में उसी भूकंप का स्रोत-परिमाण अलग होना चाहिए
B एक ही भूकंप की तीव्रता स्थान के अनुसार बदल सकती है
C अधिकेंद्र दोनों नगरों के भीतर होना चाहिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B

तीव्रता स्थानीय कंपन और प्रभाव बताती है। दूरी और भूमि की दशाएँ अलग हो सकती हैं; देखने वाले के स्थान से भूकंप का स्रोत-आकार नहीं बदलता।

  1. एक प्रणाली शुरू हो चुकी टूटन का पता लगाकर दूर के नगर तक तेज कंपन पहुँचने से पहले चेतावनी भेजती है। यह क्या है?
A भूकंप शुरू होने से पहले की विश्वसनीय भविष्यवाणी
B इस बात का प्रमाण कि भूकंप केवल प्लेट सीमाओं पर आते हैं
C भूकंप की प्रारंभिक चेतावनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C

प्रारंभिक चेतावनी भूकंप शुरू होने के बाद उसके पता चलने पर आधारित है। यह भविष्य की घटना का सटीक समय, स्थान और परिमाण विश्वसनीय ढंग से बताने से अलग है।

स्रोत

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