भारत के जैव विविधता हॉटस्पॉट
भारत के जैव विविधता हॉटस्पॉट
अर्थ और कसौटी
जैव विविधता हॉटस्पॉट ऐसा जैव-भौगोलिक क्षेत्र है जहाँ स्थानिकता बहुत अधिक और आवास-हानि गंभीर होती है। कसौटी में कम-से-कम 1,500 स्थानिक संवहनी पादप प्रजातियाँ और मूल वनस्पति का कम-से-कम 70 प्रतिशत नष्ट होना शामिल है। हॉटस्पॉट संरक्षण-प्राथमिकता है; इससे अपने-आप वैधानिक संरक्षित क्षेत्र नहीं बनता।
भारत से जुड़े चार क्षेत्र
हिमालय में तलहटी से अल्पाइन क्षेत्र तक विविधता, स्थानिक प्रजातियाँ, वन, हिमनद और उच्च-ऊँचाई आर्द्रभूमियाँ हैं; सड़क, जलविद्युत, तापन, आग और विखंडन दबाव हैं। इंडो-बर्मा में पूर्वोत्तर का बड़ा भाग और दक्षिण-पूर्व एशिया की मुख्यभूमि आती है; वन, नदियों और पर्वतों में प्राइमेट, पक्षी, ऑर्किड और मीठे पानी का जीवन मिलता है। पश्चिमी घाट–श्रीलंका में पौधों, उभयचरों, सरीसृपों और मीठे पानी की मछलियों की स्थानिकता है; सदाबहार, नम-पर्णपाती, शोला और घासभूमि के मोजेक मिलते हैं। सुंडालैंड का भारतीय भाग मुख्यतः निकोबार है, जहाँ द्वीपीय स्थानिकता, तटीय और वर्षावन तंत्र संवेदनशील हैं।
पूर्वोत्तर एक ही हॉटस्पॉट नहीं है: बड़ा भाग इंडो-बर्मा, हिमालयी भाग हिमालय हॉटस्पॉट से जुड़ा है। स्थानिक प्रजातियों का सीमित वितरण स्थानीय क्षति को वैश्विक विलुप्ति बना सकता है। गलियारे, पुनर्स्थापन, समुदाय संरक्षण और आक्रामक प्रजाति नियंत्रण संरक्षित क्षेत्रों के पूरक हैं। इन-सिटु प्राकृतिक आवास में, एक्स-सिटु बीज बैंक, चिड़ियाघर या वनस्पति उद्यान में होता है। चार नाम याद रखें और पूर्वी घाट को अलग वैश्विक हॉटस्पॉट न मानें।
त्वरित पुनरावृत्ति
पहले परिभाषा पहचानें और फिर उसे संबंधित संस्था, तिथि, प्रक्रिया तथा उदाहरण से जोड़ें। वैज्ञानिक तंत्र को नीति साधन, अंतरराष्ट्रीय पहचान को स्वतः घरेलू कानूनी दर्जा और पद को स्वामित्व न मानें। “हमेशा” तथा “केवल” जैसे पूर्ण शब्दों से सावधान रहें और बदलती संख्या या संस्करणों के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।
उदाहरण से समझें
भारत के जैव विविधता हॉटस्पॉट — उपमा
हॉटस्पॉट ऐसी पुस्तकालय है जिसमें दुर्लभ पुस्तकें हैं और अलमारियाँ नष्ट हो रही हैं। प्राथमिकता केवल कुल पुस्तकों से नहीं, अनोखी पुस्तकों और नष्ट आवास से तय होती है।
इस पाठ के टेस्ट
- Biodiversity hotspots of India practice
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