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संख्या श्रेणी और लुप्त पद

पाठ 5 / 811 मिनटPDF नोट्समुफ़्त

आप क्या सीखेंगे

आप दिए हुए नियम के अंतर्गत संख्या श्रेणियाँ पूरी करना, जाँचने योग्य गणना लिखना और बीच के लुप्त पद को दोनों ओर से सत्यापित करना सीखेंगे। इस पाठ में छह उपयोगी प्रकार चुने हैं: स्थिर अंतर, स्थिर अनुपात, अंतरों में समान परिवर्तन, बारी-बारी से आने वाले उप-अनुक्रम, पिछले दो पदों का दिया नियम और वर्ग/घन के दिए नियम। यह शिक्षण के लिए चुना दायरा है; इसका अर्थ यह नहीं कि RRB की हर संभव श्रेणी इन्हीं रूपों में होगी।

पूर्वज्ञान में सटीक जोड़, घटाव, गुणा, पूर्णांकों का सटीक भाग और छोटी धनात्मक घातें चाहिए, जो गणना वाले मूल पाठ में हैं। साथ में हर उदाहरण जाँचने की आदत चाहिए। भिन्न की गणना में मदद चाहिए, तभी उसका पुनःअभ्यास करें; यहाँ दिए संख्या-पद सटीक पूर्णांक हैं। छोटे वर्गों के लिए पूरा वर्गमूल-पाठ पहले करना आवश्यक नहीं है। अक्षर श्रेणी में दक्षता भी अनिवार्य शर्त नहीं, हालाँकि उसकी पद-स्थान और अंतर वाली पंक्तियाँ उपयोगी नमूने हैं।

श्रेणी पदों की क्रमबद्ध सूची है। पद-स्थान 4 का अर्थ चौथी प्रविष्टि है, संख्या 4 नहीं। कुछ शुरुआती पद अपने आप केवल एक ही अगला पद सिद्ध नहीं करते। यहाँ हर आकलन-प्रश्न में अनुमत नियमों का समूह या उनकी सीमित सूची स्पष्ट दी है। किसी विकल्प को सही बनाने के लिए नया अपवाद गढ़ने के बजाय उसी दायरे में उत्तर जाँचें।

1 समान अंतर: हर बार वही धन या ऋण राशि जोड़ना

स्थिर-अंतर वाली श्रेणी में अगले पद में से वर्तमान पद घटाएँ। बढ़ती श्रेणी का अंतर धनात्मक और घटती श्रेणी का अंतर ऋणात्मक हो सकता है। चिह्न न छोड़ें। उपलब्ध सभी अंतर जाँचें; केवल दो संख्याएँ देखकर यह जाँच पूरी नहीं होती कि पूरी दी सूची में वही बदलाव चलता है।

हल सहित उदाहरण

क्रमागत पदों का अंतर समान है।

13, 20, ?, 34, 41

उत्तर: 27

अंतर +7 है। 20+7=27 और 34−7=27 दोनों से वही पद मिलता है।

गलती से सावधान: रिक्त स्थान के दोनों ओर के पदों का प्रयोग करें।

रिक्ति भरने पर पूरी सूची 13,20,27,34,41 है और हर अंतर +7 है। यह दोनों ओर से की गई जाँच है: बीच का प्रस्तावित पद दोनों पड़ोसी पदों से सही जुड़ना चाहिए। केवल पहले हिस्से से चुना मान अगले हिस्से पर विफल हो सकता है।

2 समान अनुपात: हर बार वही गुणक

प्रश्न निश्चित गुणक बताए तो अगला पद ÷ वर्तमान पद देखें। अनुपात तभी निकालें जब वर्तमान पद शून्य न हो; शून्य से भाग देना सही जाँच नहीं है। गुणा का नियम हमेशा श्रेणी को बड़ा नहीं करता। 1/3 से गुणा करना, 3 से भाग देने के समान है; इससे धनात्मक पद छोटे होते हैं।

हल सहित उदाहरण

हर पद को उसी धनात्मक गुणक से गुणा करके अगला पद मिलता है।

324, 108, 36, ?, 4

उत्तर: 12

गुणक 1/3 है: 324÷3=108, 108÷3=36, 36÷3=12, 12÷3=4।

गलती से सावधान: गुणा का नियम मान घटा भी सकता है; समान घटाव का नियम जबरन न लगाएँ।

यहाँ अंतर बदलते हैं, फिर भी अनुपात स्थिर है। केवल श्रेणी घट रही है इसलिए उस पर घटाव का नियम न थोपें। इसी तरह, केवल बढ़ती श्रेणी देखकर गुणा न चुनें: प्रश्न का दिया नियम और सभी पद उस चयन का समर्थन करें।

3 अंतरों का नियम

जब अंतर स्वयं एक समान मात्रा से बदलें, तो दो पंक्तियाँ लिखें:

  • पहली पंक्ति में मूल पद
  • दूसरी पंक्ति में अगला पद − वर्तमान पद

फिर पास-पास के अंतरों की तुलना करें। “अंतर 3 बढ़ते हैं” का अर्थ पिछले अंतर में 3 जोड़ना है, अंतिम मूल पद में सीधे 3 जोड़ना नहीं। अगले पद के लिए दो कदम हैं: नया अंतर खोजें, फिर उसे अंतिम पद में जोड़ें।

हल सहित उदाहरण

क्रमागत पदों के अंतर एक निश्चित मात्रा से बढ़ते हैं।

5, 9, 16, 26, 39, ?

उत्तर: 55

अंतर 4,7,10,13 में हर बार 3 की वृद्धि है; अगला अंतर 16 और 39+16=55 है।

गलती से सावधान: 13 पिछला अंतर है, अगला अंतर नहीं।

पूरी अंतर-पंक्ति जाँचें: 4,7,10,13,16। इनके क्रमागत बदलाव 3,3,3,3 हैं। इस दिए हुए अंतर-नियम के अंतर्गत 55 उचित है; यह हर कल्पनीय सूत्र के बारे में प्रमाण नहीं है जो इन सीमित पदों पर लागू हो सकता हो।

4 पद-स्थान के अनुसार अलग श्रेणियाँ

प्रश्न दो स्थिर-अंतर वाली श्रेणियों को बारी-बारी से रख सकता है। अलग करने से पहले सभी पदों के क्रमांक लिखें। 1,3,5,… स्थान एक पंक्ति में और 2,4,6,… दूसरी में रखें। संख्याओं के मान सम हैं या विषम, इसके अनुसार उन्हें न बाँटें।

हल सहित उदाहरण

विषम और सम पद-स्थान, प्रत्येक पर अलग स्थिर-अंतर वाली श्रेणी बनती है।

7, 40, 12, 36, 17, 32, ?, 28

उत्तर: 22

विषम स्थान: 7,12,17,22 (+5)। सम स्थान: 40,36,32,28 (−4)।

गलती से सावधान: विषम स्थान की श्रेणी बढ़ाने के लिए 17 की सीधे 32 से तुलना न करें।

लुप्त सातवाँ पद विषम-स्थान वाली पंक्ति में है, भले ही उसका मान 22 सम है। इसी कारण पद-स्थान और पद का मान अलग रखने जरूरी हैं। दूसरी पंक्ति भी जाँचें: लक्ष्य की पंक्ति में अच्छा लगने वाला नियम, दिए सम स्थानों की पंक्ति के विरोधाभास को सही नहीं कर देता।

5 पिछले दो पदों से अगला पद बनाने का दिया नियम

कुछ श्रेणियों में पुराने पदों से नया पद बनाने का नियम दिया होता है। इसे पुनरावर्ती नियम कहते हैं, पर प्रश्न हल करने के लिए यह तकनीकी शब्द याद करना जरूरी नहीं। पढ़ें कि कितने पुराने पद लिए जाते हैं और प्रश्न के दिए आरंभिक पद बनाए रखें।

“पिछले दो पद जोड़ें” नियम में पहले दो पद आरंभिक जानकारी हैं। नियम तीसरे पद से शुरू होता है। हर नए कदम पर सबसे हाल के दो पद लें; हर बार पहला आरंभिक मान ही जोड़ते न रहें।

हल सहित उदाहरण

तीसरे पद से हर पद अपने पिछले दो पदों के योग के बराबर है।

4, 9, 13, 22, 35, ?

उत्तर: 57

4+9=13, 9+13=22, 13+22=35; इसलिए 22+35=57।

गलती से सावधान: नवीनतम दो पद जोड़ें, पहले और नवीनतम पद को नहीं।

किसी प्रसिद्ध श्रेणी का नाम पहचानने से अधिक जरूरी उसका सटीक नियम है। अलग आरंभिक मान एक ही नियम का पालन कर सकते हैं और उनसे अलग संख्या-सूचियाँ बनती हैं।

6 क्रमागत घातें और दिया हुआ परिवर्तन

वर्ग n²=n×n है; घन n³=n×n×n है। आधार n और उससे बना पद अलग राशियाँ हैं। प्रश्न कह सकता है कि बढ़ते क्रम के क्रमागत धनात्मक आधारों का वर्ग या घन करें, फिर हर बार वही राशि जोड़ें या घटाएँ। तीनों बातें देखें: आधारों का क्रम, घात और अंत का परिवर्तन।

हल सहित उदाहरण

पद बढ़ते क्रम में आने वाले क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों के वर्ग से एक अधिक हैं।

10, 17, 26, 37, 50, ?

उत्तर: 65

आधार 3,4,5,6,7 हैं; अगला 8 है और 8²+1=65।

गलती से सावधान: 64 में दिया हुआ एक जोड़ना छूटता है; 50 स्वयं वर्ग नहीं है।

दिए पदों की पूरी जाँच लिखें: 3²+1=10, 4²+1=17, 5²+1=26, 6²+1=37 और 7²+1=50। अगला आधार 8 है। प्रश्न घन का नियम दे तो दो के बजाय तीन गुणक लें; केवल किसी एक पद के वर्ग और घन दोनों होने से घात का अनुमान न लगाएँ।

7 सही पंक्ति चुनें, फिर सत्यापित करें

हल की पंक्ति प्रश्न में दिए नियम के अनुसार चुनें। हर प्रश्न में पहले वर्ग, फिर घन, फिर गुणा आज़माने का कोई अनिवार्य क्रम नहीं है।

  • स्थिर अंतर: क्रमागत पद घटाएँ
  • स्थिर अनुपात: क्रमागत अशून्य पदों का भाग करें
  • बदलते अंतर: अंतर की पंक्ति बनाएँ और बढ़ाएँ
  • बारी-बारी का क्रम: दोनों तरह के पद-स्थान चिह्नित करके अलग करें
  • पिछले दो पदों का नियम: तीसरे से सभी पद जाँचें
  • घात और परिवर्तन: धनात्मक आधार पहचानें और दी दिशा बनाए रखें

बीच की रिक्ति के लिए पूरी श्रेणी फिर बनाकर दोनों ओर जाँचें। कोई प्रस्तावित नियम एक दिए पद पर विफल हो तो उस पद को अनदेखा न करें। यदि अनुमत सूची के एक से अधिक सही नियम अलग लक्ष्य दें, तो उस सूची के अंतर्गत जानकारी पर्याप्त नहीं है; पसंदीदा पैटर्न चुन लेने से अस्पष्टता दूर नहीं होती।

स्वतंत्र अभ्यास

व्याख्या सहित उत्तरमाला से पहले सभी छह प्रश्न करें। यह निःशुल्क अभ्यास समय-सीमा रहित है: सही पर +1, गलत या छोड़े पर 0, कोई ऋणात्मक अंकन या उत्तीर्णांक नहीं। ये सीखने की व्यवस्थाएँ हैं, RRB परीक्षा की अंकन-व्यवस्था नहीं।

  1. क्रमागत पदों का अंतर एक समान है: 46, 39, ?, 25, 18। लुप्त पद खोजें।

A. 31 B. 33 C. 32 D. 34

  1. अगला पद पाने के लिए हर पद को उसी धनात्मक गुणक से गुणा किया जाता है: 5, 15, 45, ?, 405। लुप्त पद क्या है?

A. 75 B. 135 C. 45 D. 405

  1. क्रमागत पदों के अंतर एक ही निश्चित मात्रा से बढ़ते हैं: 8, 13, 21, 32, ?। अगला पद खोजें।

A. 43 B. 45 C. 48 D. 46

  1. विषम पद-स्थानों और सम पद-स्थानों पर अलग-अलग स्थिर-अंतर वाली श्रेणियाँ हैं: 6, 51, 10, 46, 14, 41, 18, ?। पद-स्थान 8 का मान खोजें।

A. 36 B. 37 C. 22 D. 46

  1. तीसरे पद से हर पद अपने पिछले दो पदों का योग है: 6, 10, 16, 26, 42, ?। अगला पद खोजें।

A. 52 B. 58 C. 68 D. 84

  1. हर पद बढ़ते क्रम में आने वाले क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों के घन से एक कम है: 7, 26, 63, 124, ?। अगला पद खोजें।

A. 216 B. 215 C. 124 D. 342

व्याख्या सहित उत्तरमाला

  1. C — 32

अंतर −7 है, क्योंकि 39−46=−7 और 18−25=−7। रिक्त पद 39−7=32 है; आगे जाँचने पर 32−7=25 मिलता है। पूरी श्रेणी में अंतर −7,−7,−7,−7 हैं। A के दोनों ओर −8 और −6, B के दोनों ओर −6 और −8 तथा D के दोनों ओर −5 और −9 आते हैं।

  1. B — 135

15÷5=3 और 45÷15=3, इसलिए गुणक 3 है। लुप्त पद 45×3=135 है; दूसरी ओर 135×3=405 भी सही है। A में गुणा करने के बजाय पिछला अंतर 30 जोड़ा है। C में 45 दोहराया है। D में बीच का कदम छोड़कर बाद का पद उतार दिया है; 405×3 से अगला दिया पद 405 नहीं मिलेगा।

  1. D — 46

अंतर 5,8,11 हैं; हर बार 3 बढ़ता है। अगला अंतर 14 और अगला पद 32+14=46 है। A में पिछला अंतर 11 दोहराया है। B में 13 लिया है, जो पिछले अंतर से केवल 2 अधिक है। C में 16 लिया है, जो उससे 5 अधिक है। केवल D में अंतरों की समान वृद्धि 3 बनी रहती है।

  1. A — 36

विषम स्थानों पर 6,10,14,18 में +4 है। सम स्थानों पर 51,46,41,36 में −5 है। क्रमांक 8 सम पंक्ति का है, इसलिए 41−5=36। B में विषम पंक्ति के अंतर का आकार लेकर 4 घटाया है। C में विषम पंक्ति को 22 तक बढ़ाया है, जबकि उसका अगला पद क्रमांक 9 पर होगा। D में सम पंक्ति का पिछला पद 46 दोहराकर अंतिम कदम की दिशा उलटी कर दी है।

  1. C — 68

दिए पद जाँचें: 6+10=16, 10+16=26 और 16+26=42। नवीनतम दो पद 26 और 42 हैं, इसलिए अगला पद 68 है। A में पुराने आरंभिक पद 10 को 42 में जोड़ा है। B में 26 छोड़कर 16 और 42 जोड़े हैं। D में पिछले दो अलग पद जोड़ने के बजाय 42 का दोगुना किया है।

  1. B — 215

दिए पद 2³−1=7, 3³−1=26, 4³−1=63 और 5³−1=124 हैं। अगला आधार 6 है, इसलिए 6³−1=216−1=215। A में अंत का घटाव छूटा है। C में पिछला पद दोहराया है। D का मान 7³−1 है और उसमें आवश्यक आधार 6 छूट गया है।

स्रोत और सीमा

RRB CEN 09/2025 के खंड 14.1, मुद्रित पृष्ठ 28 में अक्षर एवं संख्या श्रेणी, कूटलेखन-कूटवाचन और गणितीय संक्रियाएँ विषय दिए हैं। सूची उदाहरणात्मक है, संपूर्ण नहीं। NCERT गणित प्रकाश, अध्याय 1, खंड 1.2–1.4, मूल संख्या-पैटर्न की अवधारणाओं का आधार है। यहाँ की व्याख्याएँ, उदाहरण और प्रश्न मौलिक शिक्षण-सामग्री हैं। चुने गए प्रकार और प्रश्न-संख्या सीखने की योजना हैं, आधिकारिक विषयवार भार नहीं। ये पिछले वर्षों के प्रश्न या पूरी तर्कशक्ति की सामग्री नहीं हैं।

उदाहरण से समझें

क्रमांकित कार्डों की पंक्ति के लिए लिखी विधि सोचें। “वही राशि जोड़ें” एक विधि है; “उसी गुणक से गुणा करें” दूसरी। बारी-बारी की दो पंक्तियाँ दो विधियों को बारी से लागू करती हैं। लुप्त कार्ड को अपने पहले और बाद, दोनों ओर विधि से मेल खाना चाहिए। कुछ कार्ड देखने से हर संभव विधि तय नहीं होती, इसलिए प्रश्न में अनुमत प्रकार देना जरूरी है।

सूत्र और नियम

  • विधि चुनने से पहले स्पष्ट दिया नियम पढ़ें
  • पद-स्थान और पद का मान अलग हैं
  • अंतर = अगला − वर्तमान; चिह्न बनाए रखें
  • अनुपात = अगला ÷ वर्तमान, केवल जब वर्तमान ≠ 0
  • अंतरों में समान बदलाव: पहले अंतर की पंक्ति बढ़ाएँ, फिर पद पाएँ
  • बारी-बारी का क्रम: पद-क्रमांक से बाँटें, मान के सम-विषम होने से नहीं
  • पिछले दो के योग का नियम तीसरे पद से; दोनों आरंभिक पद रखें
  • घातें: क्रमागत धनात्मक आधार, घात और अंतिम परिवर्तन देखें
  • बीच की रिक्ति: दोनों पड़ोसी कदम और फिर पूरी सूची जाँचें
  • उत्तर दिए गए नियमों के दायरे की शर्त पर सही है

इस पाठ के नोट्स

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