नए संकेतों वाली गणितीय संक्रियाएँ
आप क्या सीखेंगे
आप संकेत की परिभाषा पढ़ना, व्यंजक को सही ढंग से फिर लिखना और उसके बाद गणना करना सीखेंगे। यहाँ दो तरह के काम हैं। अर्थ बदले हुए संक्रिया-चिह्न वाले प्रश्न में छपा संकेत किसी सामान्य गणितीय संक्रिया के लिए है। परिभाषित दो-इनपुट संक्रिया में नया संकेत बाएँ और दाएँ इनपुट वाले पूरे सूत्र के लिए है। इन दोनों अर्थों को न मिलाएँ।
पूर्वज्ञान में पहले के गणना-पाठ का कोष्ठक, धन-ऋण की गणना और समान-प्राथमिकता का क्रम चाहिए। कूटलेखन में दक्षता आवश्यक नहीं है। यह पाठ नए संकेत सावधानी से पढ़ना सिखाता है; यह सामान्य गणना की जगह कोई नया सार्वभौमिक BODMAS नियम नहीं बनाता।
1 गणना से पहले संकेत-अर्थ
संकेत-अर्थ सारणी छोटी सूची है जो हर चिह्न का अर्थ बताती है। @ का अर्थ + हो तो मूल @ को जोड़ पढ़ें। गणना करने से पहले पूरा व्यंजक सामान्य चिह्नों में फिर लिखें। परिचित छपे चिह्न का अर्थ भी बदला जा सकता है, इसलिए केवल उसका सामान्य रूप देखकर अर्थ तय न करें।
इन प्रतिस्थापन प्रश्नों में हर मूल संक्रिया-चिह्न एक साथ केवल एक बार बदलें। यहाँ चिह्न से आशय मूल व्यंजक की एक छपी संक्रिया-प्रविष्टि है। संख्याएँ और कोष्ठक अपने स्थान पर रहें। रूपांतरण के बाद नए चिह्न सामान्य गणित के हैं; उन्हें फिर न बदलें।
हल सहित उदाहरण
यहाँ @ का अर्थ +, # का अर्थ × और $ का अर्थ − है। सभी संकेत एक बार बदलकर सामान्य संक्रिया-क्रम लागू करें।
8 @ 3 # 4 $ 5
उत्तर: 15
8+3×4−5=8+12−5=15।
गलती से सावधान: सिर्फ बाएँ से दाएँ गणना करने पर 39 आएगा; उसमें संकेत बदलने के बाद गुणा की प्राथमिकता छूटती है।
अच्छे हल की पहली पंक्ति बदला हुआ व्यंजक है। इससे दो संभावित गलतियाँ अलग होती हैं: संकेत-अर्थ गलत पढ़ना और सही बदले व्यंजक की गणना गलत करना। चरण स्पष्ट रहने पर गलत उत्तर सुधारना आसान है।
2 संकेत बदलने के बाद गणना की प्राथमिकता
पूरे बदले व्यंजक पर सामान्य क्रम लगाएँ:
- सबसे अंदर के कोष्ठक या अन्य स्पष्ट समूह पहले हल करें
- घातें हों तो उनका मान निकालें
- गुणा और भाग समान प्राथमिकता पर बाएँ से दाएँ करें
- जोड़ और घटाव समान प्राथमिकता पर बाएँ से दाएँ करें
BODMAS के अक्षरों का अर्थ “हर बार गुणा से पहले भाग” या “हर बार घटाव से पहले जोड़” नहीं है। “प्रकार की परवाह किए बिना सभी संक्रियाएँ बाएँ से दाएँ करें” अलग नियम होगा और उसके लिए स्पष्ट निर्देश चाहिए। यहाँ बदली हुई सामान्य गणना में वह नियम प्रयुक्त नहीं है।
3 परिचित चिह्नों का अदल-बदल: एक साथ, एक बार
मान लें + का अर्थ ÷ और ÷ का अर्थ − दिया है। मूल + एक बार सामान्य ÷ बनेगा। उसके बाद वह − नहीं बनेगा। आप मूल छपे व्यंजक का अर्थ पढ़ रहे हैं; चिह्न खत्म होने तक बार-बार पाठ बदलने का काम नहीं कर रहे।
हल सहित उदाहरण
मूल व्यंजक में + का अर्थ ÷, ÷ का अर्थ −, − का अर्थ × और × का अर्थ + है। हर मूल संकेत को एक साथ केवल एक बार बदलें; फिर सामान्य प्राथमिकता लागू करें।
24 + 6 − 2 × 5 ÷ 1
रुकें: केवल संकेत बदलें
मूल प्रविष्टियाँ: 24 | + | 6 | − | 2 | × | 5 | ÷ | 1
सामान्य गणित की पंक्ति: 24 | □ | 6 | □ | 2 | □ | 5 | □ | 1
मूल चिह्न देखकर केवल संक्रियाओं की चार रिक्तियाँ भरें। पूरा बदला व्यंजक जाँचने तक गणना न करें। हर मूल चिह्न केवल एक बार बदलेगा; नया डाला चिह्न फिर अर्थ-सारणी से नहीं बदलेगा।
उत्तर: 12
बदलने पर 24÷6×2+5−1; फिर 4×2+5−1=8+5−1=12।
गलती से सावधान: नए बदले संकेत को अर्थ-सारणी से फिर न बदलें। भाग और गुणा बाएँ से दाएँ हल होते हैं।
चार रिक्तियों के चिह्न ÷, ×, +, − हैं। अब 24÷6×2 बाएँ से दाएँ करें: 4×2=8। बचा +5−1 करने पर 12 मिलेगा। पहले 6×2 करने से गणना का समूह बदल जाएगा और उत्तर गलत होगा।
4 कोष्ठक भी जानकारी का हिस्सा हैं
कोष्ठक आगे की संक्रिया के लिए पूरा इनपुट समूह बनाता है। संकेत बदलते समय उसे ठीक उसी स्थान पर रखें। बिना कोष्ठक जोड़ और घटाव की प्राथमिकता समान है और वे बाएँ से दाएँ होते हैं; कोष्ठक जानबूझकर यह क्रम बदल सकता है।
हल सहित उदाहरण
@ का अर्थ − और # का अर्थ + है। एक बार बदलें, फिर सामान्य प्राथमिकता लगाएँ और सभी कोष्ठक बनाए रखें।
18 @ 7 # 3
18 @ (7 # 3)
उत्तर: 14; 8
18−7+3=11+3=14, जबकि 18−(7+3)=18−10=8।
गलती से सावधान: जोड़ हमेशा घटाव से पहले नहीं होता; कोष्ठक जानबूझकर समूह बदलते हैं।
पहले व्यंजक में घटाने पर 11 बचता है, फिर 3 जुड़ता है। दूसरे में पूरे कोष्ठक का मान 10 है, जो 18 से घटता है। ये दो अलग व्यंजक हैं, एक ही व्यंजक की दो वैकल्पिक विधियाँ नहीं। स्मरण-सूत्र के अनुकूल करने के लिए चुपचाप नया कोष्ठक न लगाएँ।
5 सूत्र से परिभाषित नई संक्रिया
a ★ b = 2a+b में ★ का अर्थ केवल गुणा या जोड़ नहीं है। वह पूरा निर्देश बताता है: “बाएँ इनपुट का दोगुना करें, फिर दायाँ इनपुट जोड़ें”। एक बार संक्रिया करने के लिए a और b पहचानें, परिभाषा में उनके मान रखें और गणना करें।
इस परिभाषा से यह भी तय नहीं होता कि इनपुट या कोष्ठक मनचाहे बदल सकते हैं। जैसे 3★4 में बायाँ इनपुट 3 और दायाँ 4 है, जबकि 4★3 में क्रम उलटा है। अंदर-बाहर वाली संक्रियाओं में पहले दिखाया गया अंदर का कोष्ठक हल करें और उसका परिणाम बाहर का एक पूरा इनपुट मानें।
हल सहित उदाहरण
किसी भी संख्या a और b के लिए a ★ b = 2a+b परिभाषित है। केवल दिए गए पूरी तरह कोष्ठकबद्ध व्यंजक हल करें।
(3 ★ 4) ★ 5
3 ★ (4 ★ 5)
रुकें: (3 ★ 4) ★ 5 के अंदर/बाहर वाले इनपुट भरें
- अंदर की संक्रिया: बायाँ इनपुट 3; दायाँ इनपुट 4; परिणाम □
- बाहर की संक्रिया: बायाँ इनपुट □; दायाँ इनपुट 5; परिणाम □
अंदर का परिणाम निकालकर उसे बाहर के बाएँ इनपुट में रखें। मूल दायाँ इनपुट 5 बनाए रखें। फिर परिभाषा दोबारा लगाएँ। यह क्रम स्पष्ट होने पर ही अलग कोष्ठक वाले दूसरे व्यंजक को हल करें।
उत्तर: 25; 19
3★4=10, फिर 10★5=25। अलग से, 4★5=13, फिर 3★13=19।
गलती से सावधान: ★ के लिए सामान्य गणितीय प्राथमिकता या मनमाना कोष्ठक-परिवर्तन न मानें। इनपुट-क्रम भी महत्त्वपूर्ण है: 3★4=10, पर 4★3=11।
पहली सारणी में अंदर का परिणाम 10, बाहर का बायाँ इनपुट 10, दायाँ इनपुट 5 और परिणाम 25 है। दूसरे व्यंजक में अंदर का परिणाम 13, बाहर का दायाँ इनपुट है, इसलिए परिणाम 19 है। इसी कारण केवल तीनों संख्याएँ समान होने से कोष्ठक बदलना सही नहीं होता।
a★b★c जैसी बिना कोष्ठक की कड़ी का समूह यहाँ निर्धारित नहीं है। हमारे प्रश्न ★ को चुपचाप सामान्य गणित की प्राथमिकता देने के बजाय कोष्ठक दिखाते हैं। भविष्य के किसी परिभाषित सूत्र में भाग हो तो पहले हर का शून्य न होना जाँचें; अपरिभाषित व्यंजक के लिए सुविधाजनक संख्यात्मक विकल्प चुनकर समस्या ठीक नहीं होती।
6 दो चरणों वाली जाँच-विधि
अर्थ बदले संक्रिया-चिह्नों के लिए:
- मूल चिह्न और पूरी अर्थ-सारणी लिखें
- हर मूल संक्रिया-चिह्न एक बार बदलें; हर संख्या और कोष्ठक रखें
- सामान्य व्यंजक को अर्थ-सारणी से फिर मिलाएँ
- समान प्राथमिकता में बाएँ से दाएँ क्रम सहित सामान्य गणना करें
- उपयोगी हो तो चिह्न और आकार की जाँच करें
सूत्र से परिभाषित संक्रिया के लिए:
- सटीक परिभाषा लिखें और बाएँ/दाएँ इनपुट पहचानें
- दिए अंदर के कोष्ठक पहले हल करें
- परिणाम को बाहर के सही इनपुट-स्थान पर रखें
- इनपुट-क्रम या समूह बदले बिना परिभाषा फिर लगाएँ
स्वतंत्र अभ्यास
व्याख्या सहित उत्तरमाला से पहले सभी चार प्रश्न करें। ये मौलिक शिक्षण-प्रश्न निःशुल्क और समय-सीमा रहित हैं: सही पर +1, गलत या छोड़े पर 0, कोई ऋणात्मक अंकन या उत्तीर्णांक नहीं। इनकी स्थानीय व्यवस्था RRB परीक्षा के अंकन का दावा नहीं है। हर प्रश्न में आवश्यक संकेत-अर्थ और गणना का क्रम दिया है।
- यहाँ @ का अर्थ + और # का अर्थ × है। हर मूल चिह्न को एक बार बदलें, फिर जोड़ने से पहले गुणा करें। 7 @ 4 # 3 का मान निकालें।
A. 33 B. 14 C. 19 D. 84
- मूल व्यंजक में + का अर्थ ×, × का अर्थ −, − का अर्थ ÷ और ÷ का अर्थ + है। सभी मूल चिह्न एक साथ केवल एक बार बदलें। फिर × और ÷ बाएँ से दाएँ करें, उसके बाद + और − बाएँ से दाएँ करें। 24 − 4 + 2 × 3 ÷ 1 का मान निकालें।
A. 1 B. 26 C. 8 D. 10
- यहाँ @ का अर्थ −, # का अर्थ + और $ का अर्थ × है। मूल चिह्न एक बार बदलें, कोष्ठक बनाए रखें और सामान्य प्राथमिकता लगाएँ: पहले कोष्ठक, फिर घटाव से पहले गुणा। 30 @ (8 # 3) $ 2 का मान निकालें।
A. 8 B. 38 C. 28 D. 16
- a ★ b = 3a−b परिभाषित है। बाएँ/दाएँ इनपुट का क्रम और दिए कोष्ठक बनाए रखें। (5 ★ 2) ★ 4 का मान निकालें।
A. 13 B. 35 C. −1 D. 9
व्याख्या सहित उत्तरमाला
- C — 19
पहले बदलें: 7+4×3। गुणा से 12, फिर 7+12=19। A में बदले व्यंजक को केवल बाएँ से दाएँ किया है: (7+4)×3=33। B में दोनों चिह्न जोड़ मानकर 7+4+3=14 किया है। D में दोनों गुणा मानकर 7×4×3=84 किया है। B और D, सारणी के दो अलग अर्थों का पालन नहीं करते।
- D — 10
एक बार बदलने पर 24÷4×2−3+1 मिलता है। भाग और गुणा बाएँ से दाएँ: 6×2=12। फिर घटाव और जोड़ बाएँ से दाएँ: 12−3+1=10। A में गलत ढंग से पहले 4×2 किया है, जिससे 24÷8−3+1=1 मिला। B में चिह्न बदले बिना मूल व्यंजक किया है: 24−4+6=26। C में घटाने से पहले 3+1 जोड़ दिया, मानो व्यंजक 12−(3+1)=8 हो।
- A — 8
बदला व्यंजक 30−(8+3)×2 है। कोष्ठक का मान 11 है, इसलिए 30−11×2=30−22=8। B में पहले घटाव को गलत कोष्ठक दिया है: (30−11)×2=38। C में दिए कोष्ठक छोड़ दिए: 30−8+3×2=28। D में कोष्ठक बदलकर केवल 3 को 2 से गुणा किया: 30−(8+3×2)=16। रूपांतरण के बाद भी मूल कोष्ठक ज्यों के त्यों रहने चाहिए।
- B — 35
अंदर की संक्रिया 5★2=3×5−2=13 है। बाहर का बायाँ इनपुट अब 13 है, इसलिए 13★4=3×13−4=35। A में कोष्ठक बदलकर 5★(2★4) किया: 2★4=2, फिर 5★2=13। C में अंदर के इनपुट उलटे हैं: (2★5)★4=1★4=−1। D में बाहर का 3 से गुणा छोड़कर केवल 13−4=9 किया है।
स्रोत और सीमा
RRB CEN 09/2025 के खंड 14.1, मुद्रित पृष्ठ 28 में अक्षर एवं संख्या श्रेणी, कूटलेखन-कूटवाचन और गणितीय संक्रियाएँ विषय दिए हैं। सूची उदाहरणात्मक है, संपूर्ण नहीं। OpenStax Prealgebra 2e, खंड 2.1 यहाँ प्रयुक्त कोष्ठक और समान-प्राथमिकता वाले संक्रिया-क्रम का आधार है। यहाँ की व्याख्याएँ, उदाहरण और प्रश्न मौलिक शिक्षण-सामग्री हैं। चुने गए प्रकार और प्रश्न-संख्या सीखने की योजना हैं, आधिकारिक विषयवार भार नहीं। ये पिछले वर्षों के प्रश्न या पूरी तर्कशक्ति की सामग्री नहीं हैं।
उदाहरण से समझें
पहले अनुवादक और फिर गणना-यंत्र सोचें। अनुवादक हर मूल चिह्न को एक बार पढ़कर उसका दिया गणितीय अर्थ लिखता है; संख्याएँ और कोष्ठक वहीं रहते हैं। पूरा सामान्य व्यंजक ही गणना-यंत्र में जाता है। सूत्र से परिभाषित संक्रिया अलग है: वह बाएँ और दाएँ नाम वाले दो इनपुट का छोटा यंत्र है, इसलिए अंदर के यंत्र का परिणाम बाहर के सही खाने में जाना चाहिए।
सूत्र और नियम
- पूरी संकेत-अर्थ सारणी या सूत्र पढ़ें
- हर मूल संक्रिया-चिह्न एक साथ केवल एक बार बदलें
- संख्याएँ, इनपुट-क्रम और सभी कोष्ठक रखें
- सामान्य चिह्नों में बदलने के बाद ही गणना करें
- सामान्य क्रम: कोष्ठक, घातें, ×/÷ बाएँ से दाएँ, +/− बाएँ से दाएँ
- नया डाला सामान्य चिह्न फिर अर्थ-सारणी से न बदलें
- नई संक्रिया का सटीक सूत्र और बाएँ/दाएँ इनपुट लें
- नई संक्रिया की कड़ियों में पूरे कोष्ठक दें; मनमाने समूह या इनपुट-बदलाव न मानें
- हर शून्य हो तो भाग अपरिभाषित है; उसका संख्यात्मक उत्तर नहीं
इस पाठ के नोट्स
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