रिश्तों की कड़ी पढ़ें, नज़रिया बदलें
लंबा संकेत असल में छोटी-छोटी कड़ियों की एक लाइन होता है। इस पाठ में आप कड़ी को उसके पहले व्यक्ति से शुरू करके एक-एक कदम पढ़ेंगे, और रिश्ते को उलटना सीखेंगे (Y का X से क्या संबंध है?), बिना किसी का लिंग अपने मन से माने।
पहले अनुमान लगाइए
एक कड़ी, तीन कदम। कोई तरीका पढ़ने से पहले इसे खुद चलकर देखिए।
कबीर, रोहन की माँ के भाई का बेटा है। कबीर का रोहन से क्या संबंध है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C
रोहन से शुरू कीजिए और कड़ियाँ क्रम से लीजिए: रोहन की माँ, फिर उनके भाई, फिर उनका बेटा। एक मंज़िल ऊपर, बगल में, फिर एक मंज़िल नीचे: कबीर, रोहन की ही मंज़िल पर है, पर माता-पिता अलग हैं। माँ के भाई का बेटा ममेरा भाई कहलाता है।
विकल्प A: यहाँ एक कदम पहले रुक गए। माँ के भाई मामा हैं; कबीर उनका बेटा है।
विकल्प B: कबीर, रोहन की मंज़िल पर है, पर दोनों के माता-पिता एक नहीं। एक ही पीढ़ी का होना भाई-बहन होना नहीं है।
विकल्प D: कड़ी रोहन की माँ से शुरू होती है, इसलिए यह माँ के पक्ष का भाई (ममेरा) है, पिता के पक्ष का (चचेरा) नहीं।
संकेत: रोहन से तीर बनाइए: माँ, फिर उनके भाई, फिर उनका बेटा।
आपको नियमों की सूची की ज़रूरत नहीं पड़ी। आपने रोहन से तीन कदम चले। यह पाठ उसी चाल को पक्का करता है।
कड़ी एक पता है
रिश्तों की कड़ी किसी घर का पता बताने जैसी है: एक दरवाज़े से शुरू कीजिए और एक-एक मोड़ लीजिए।
अपना दरवाज़ा शुरुआत का व्यक्ति
जिसकी यह कड़ी है
एक मोड़ एक कड़ी
हर "का, की, के" एक कदम आगे ले जाता है
आखिरी दरवाज़ा पूछा गया व्यक्ति
उसे शुरुआत वाले की नज़र से नाम दीजिए
लौटने का रास्ता उलटा रिश्ता
वही रास्ता, पर नाम दूसरे छोर का
कड़ी उस व्यक्ति की होती है जिससे वह शुरू होती है। "रोहन की माँ के भाई का बेटा" में शुरुआत रोहन है। हिंदी में कड़ी उसी क्रम में पढ़ी जाती है जिसमें हम चलते हैं: माँ (ऊपर), भाई (बगल में), बेटा (नीचे)। चलते-चलते मंज़िलें गिनिए: ऊपर 1, बगल 0, नीचे 1, यानी वापस रोहन की मंज़िल।
देखिए: एक कड़ी, कदम-दर-कदम
कबीर, रोहन की माँ के भाई का बेटा है:
- रोहन से शुरू कीजिए। रोहन मंज़िल 0 पर है।
- "रोहन की माँ": एक मंज़िल ऊपर (+1), माँ का पक्ष।
- "माँ के भाई": माँ की ही मंज़िल पर, उनके बगल में। ये रोहन के मामा हैं।
- "भाई का बेटा": एक मंज़िल नीचे, वापस मंज़िल 0 पर। यही कबीर है।
- रोहन की नज़र से कबीर का नाम: वही मंज़िल, अलग माता-पिता, माँ के भाई के रास्ते। यानी ममेरा भाई।
flowchart TD G["नाना-नानी"] --> M["रोहन की माँ"] G --> U["उनके भाई: मामा"] M --> R["रोहन"] U --> K["कबीर: ममेरा भाई"]
यही चित्र शब्दों में: नाना-नानी की दो संतानें हैं, रोहन की माँ और उनके भाई। रोहन, माँ की संतान है; कबीर, भाई का बेटा है। रोहन और कबीर की मंज़िल एक है, माता-पिता नहीं।
हिंदी में हर कज़िन का नाम बीच वाले भाई या बहन से तय होता है:
| माता-पिता के भाई या बहन | उनका बेटा / बेटी |
|---|---|
| पिता के भाई (चाचा या ताऊ) | चचेरा भाई / चचेरी बहन |
| पिता की बहन (बुआ) | फुफेरा भाई / फुफेरी बहन |
| माँ के भाई (मामा) | ममेरा भाई / ममेरी बहन |
| माँ की बहन (मौसी) | मौसेरा भाई / मौसेरी बहन |
कागज़ पर करके देखिए। अपने किसी कज़िन को ऐसी कड़ी में लिखिए जो आपसे शुरू हो ("मेरे पिता की बहन की बेटी"), फिर उसे तीन मंज़िलों में बनाइए।
रिश्ता उलटिए
कभी-कभी प्रश्न उलटी दिशा से पूछा जाता है। अगर अजीत, पूजा के मामा हैं, तो पूजा का अजीत से क्या संबंध है? उसी रास्ते पर पीछे चलिए और अब दूसरे छोर पर खड़े व्यक्ति को नाम दीजिए। मंज़िलों की गिनती का चिह्न बदल जाता है (+1 का −1), और शब्द भी बदल जाता है।
| अगर A, B का ... है | तो B, A का ... है |
|---|---|
| पिता या माँ | बेटा या बेटी |
| चाचा, ताऊ या बुआ | भाई की संतान: भतीजा (लड़का) या भतीजी (लड़की) |
| मामा या मौसी | बहन की संतान: भांजा (लड़का) या भांजी (लड़की) |
| दादा या दादी | बेटे की संतान: पोता या पोती |
| नाना या नानी | बेटी की संतान: नाती या नातिन |
बुआ पिता की बहन हैं, इसलिए उनके लिए वह बच्चा भाई की संतान है: भतीजा या भतीजी। मौसी माँ की बहन हैं, इसलिए उनके लिए वह बच्चा बहन की संतान है: भांजा या भांजी। हिंदी शब्द बीच वाले भाई या बहन से तय होता है।
नियम खोजिए
अजीत, पूजा के मामा हैं। पूजा लड़की है। पूजा का अजीत से क्या संबंध है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
अजीत, पूजा की माँ के भाई हैं। अजीत से उलटे चलिए: उनकी बहन पूजा की माँ हैं और पूजा उनकी बेटी है। बहन की बेटी भांजी कहलाती है।
विकल्प A: भतीजी भाई की बेटी होती है। अजीत और पूजा के बीच पूजा की माँ हैं, जो अजीत की बहन हैं।
विकल्प C: "मामा" तो अजीत का पूजा से संबंध है। प्रश्न उलटा पूछ रहा है।
विकल्प D: इसमें उलटे रास्ते की पहली कड़ी छूट गई। पूजा, अजीत की बहन की बेटी है, उनकी अपनी नहीं।
संकेत: अजीत और पूजा के बीच कौन है: अजीत का भाई या बहन?
अजीत, आशु के मामा हैं। किसी शब्द से आशु का लिंग पता नहीं चलता। आशु का अजीत से क्या संबंध है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
अजीत से उलटे चलिए: उनकी बहन आशु की माँ हैं और आशु उनकी संतान है। इतना निश्चित है। भांजा या भांजी कहने के लिए आशु का लिंग चाहिए, इसलिए "बहन की संतान" ही सटीक उत्तर है।
विकल्प A: "भांजा" कहने का अर्थ है कि आशु लड़का है। ऐसा कोई शब्द नहीं दिया गया।
विकल्प C: "मामा" तो अजीत का आशु से संबंध है, यानी सीधा प्रश्न, उलटा नहीं।
विकल्प D: संबंध पता है: आशु, अजीत की बहन की संतान है। केवल लिंग वाला शब्द नहीं मिला, और "बहन की संतान" को उसकी ज़रूरत नहीं।
संकेत: पहले जो निश्चित है वह कहिए; लिंग तभी जोड़िए जब कोई शब्द उसे बताए।
सुनील, रेखा के पिता की बहन का बेटा है। सुनील का रेखा से क्या संबंध है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
रेखा से शुरू कीजिए: उनके पिता, पिता की बहन (बुआ), बुआ का बेटा। वापस रेखा की मंज़िल पर, पर माता-पिता अलग: फुफेरा भाई।
विकल्प A: यहाँ एक कदम पहले रुक गए। पिता की बहन बुआ हैं; सुनील उनका बेटा है।
विकल्प C: कड़ी रेखा के पिता से शुरू होती है, इसलिए कज़िन पिता के पक्ष का है। मौसेरा भाई माँ की बहन का बेटा होता है।
विकल्प D: सुनील, रेखा की मंज़िल पर है पर माता-पिता अलग हैं। वह कज़िन है, सगा भाई नहीं।
संकेत: रेखा से तीन कदम: पिता, उनकी बहन, उनका बेटा।
नियम को नाम दीजिए
शुरुआत, कड़ियाँ, नाम।
- शुरुआत: जिस व्यक्ति की कड़ी है, उसी से शुरू कीजिए ("रोहन की ...")। "X का Y से क्या संबंध है?" में Y से शुरू कीजिए।
- कड़ियाँ: हर रिश्ते के शब्द पर एक कदम: माता-पिता ऊपर, भाई-बहन बगल में, संतान नीचे। मंज़िलें गिनते चलिए।
- नाम: आखिरी व्यक्ति को शुरुआत वाले की नज़र से नाम दीजिए।
उलटने के लिए वही कड़ियाँ उलटी चलिए और दूसरे छोर को नाम दीजिए। मंज़िलों का चिह्न बदल जाता है, और अब शब्द के लिए उस व्यक्ति का लिंग चाहिए जिसे आप नाम दे रहे हैं।
"अजीत, पूजा के मामा हैं" से अजीत का लिंग पता चलता है: मामा पुरुष होते हैं। उलटा शब्द पूजा के बारे में है (भांजा या भांजी), और उसे केवल पूजा का अपना लिंग तय करता है। अगर कोई शब्द उसे न बताए, तो "बहन की संतान" कहिए।
हल किया, आधा हल, फिर खुद
प्रश्न
मीना, सुरेश के पिता के भाई की बेटी है। मीना का सुरेश से क्या संबंध है?
हल
- सुरेश से शुरू कीजिए, कड़ी उन्हीं की है
सुरेश के पिता: एक मंज़िल ऊपर, पिता का पक्ष।
- बगल में पिता के भाई तक जाइए
ये सुरेश के चाचा या ताऊ हैं।
- नीचे उनकी बेटी तक जाइए
मीना: वापस सुरेश की मंज़िल पर, पर माता-पिता अलग।
उत्तर: मीना, सुरेश की चचेरी बहन है।
ध्यान दें: एक ही मंज़िल पर होने से वह सगी बहन नहीं बनती। मीना के माता-पिता, सुरेश के माता-पिता नहीं हैं।
अब एक आधा हल किया हुआ प्रश्न पूरा कीजिए।
यश, लता की माँ की बहन का बेटा है। लता से: ऊपर उनकी माँ, बगल में माँ की बहन (मौसी), नीचे मौसी का बेटा यश। तो यश, लता का ... है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
माँ की बहन का बेटा माँ के पक्ष का कज़िन है: मौसेरा भाई।
विकल्प B: ममेरा भाई, माँ के भाई का बेटा होता है। यहाँ बीच में माँ की बहन हैं।
विकल्प C: यहाँ एक कदम पहले रुक गए। माँ की बहन मौसी हैं; यश उनका बेटा है।
विकल्प D: यश, लता की मंज़िल पर है पर माता-पिता अलग हैं, इसलिए वह कज़िन है।
संकेत: बीच वाली व्यक्ति माँ की बहन हैं। मौसी के बेटे को हिंदी में क्या कहते हैं?
और एक प्रश्न खुद कीजिए, इस बार उलटी दिशा में।
गौरी, हर्ष की बुआ हैं। हर्ष लड़का है। हर्ष का गौरी से क्या संबंध है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
गौरी, हर्ष के पिता की बहन हैं। गौरी से उलटे चलिए: उनके भाई हर्ष के पिता हैं और हर्ष उनका बेटा है। भाई का बेटा भतीजा कहलाता है।
विकल्प A: भांजा बहन का बेटा होता है। गौरी और हर्ष के बीच गौरी के भाई, यानी हर्ष के पिता हैं।
विकल्प C: "बुआ" तो गौरी का हर्ष से संबंध है। प्रश्न उलटा पूछ रहा है।
विकल्प D: इसमें हर्ष के पिता वाली कड़ी छूट गई। हर्ष, गौरी के भाई का बेटा है।
संकेत: बीच वाला भाई-बहन कौन है: गौरी का भाई या बहन?
जाल
- गलत शुरुआत: कड़ी उसके मालिक की जगह आखिरी व्यक्ति से पढ़ना।
- पहले रुक जाना: कड़ी बेटे तक जाती है, पर उत्तर में मामा या चाचा लिख देना।
- कज़िन को सगा भाई-बहन मानना: एक ही मंज़िल पर अलग माता-पिता का व्यक्ति कज़िन है।
- उलटते समय वही शब्द लिख देना: अगर A, B के मामा हैं, तो B, A का भांजा या भांजी है, मामा कभी नहीं।
- उलटे व्यक्ति का लिंग मान लेना: "भांजा" के लिए लड़का होना चाहिए। लिंग का शब्द न हो तो "बहन की संतान" या "भाई की संतान" कहिए।
दिव्या ने ऐसे हल किया: "अनु, रवि की माँ के भाई की बेटी है। इसलिए अनु, रवि की बहन है।" गलती कहाँ हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
रवि से: माँ, उनके भाई, उनकी बेटी अनु। अनु, रवि की मंज़िल पर है, पर उसके माता-पिता रवि के मामा-मामी हैं। वह रवि की ममेरी बहन है, सगी बहन नहीं।
विकल्प A: अनु से पढ़ने पर रवि के बारे में उत्तर मिलता, अनु के बारे में नहीं। शुरुआत ठीक थी; आखिरी कदम का नाम गलत रखा गया।
विकल्प C: दिव्या के उत्तर में कोई पक्ष चुना ही नहीं गया: "बहन" कहकर बीच के मामा को छोड़ दिया गया।
विकल्प D: सगी बहन के माता-पिता वही होते हैं जो रवि के हैं। अनु के नहीं हैं।
संकेत: क्या अनु और रवि के माता-पिता एक ही हैं?
मिला-जुला अभ्यास
प्रेम, कुसुम के पिता हैं। कुसुम, रजत की माँ हैं और रजत उनका बेटा है। रजत का प्रेम से क्या संबंध है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
प्रेम से शुरू कीजिए: उनकी बेटी कुसुम, फिर कुसुम का बेटा रजत। बेटी के रास्ते दो मंज़िल नीचे: नाती।
विकल्प A: पोता बेटे का बेटा होता है। प्रेम से रेखा उनकी बेटी कुसुम से होकर जाती है।
विकल्प C: रजत, प्रेम से दो मंज़िल नीचे है। "बेटा" कहने से कुसुम छूट जाती हैं।
विकल्प D: नाना तो प्रेम का रजत से संबंध है, यानी उलटा प्रश्न।
संकेत: पाठ 1 याद कीजिए: नीचे जाते समय पहली संतान बेटा है या बेटी?
नितिन, आशा के भाई का बेटा है। आशा महिला हैं। आशा का नितिन से क्या संबंध है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
नितिन से चलिए: उसके पिता आशा के भाई हैं, और आशा उन भाई की बहन हैं। पिता की बहन बुआ होती हैं।
विकल्प B: मौसी, माँ की बहन होती हैं। बीच वाले भाई-बहन नितिन के पिता हैं।
विकल्प C: भतीजा (भाई का बेटा) तो नितिन का आशा से संबंध है, यानी उलटा प्रश्न।
विकल्प D: इसमें नितिन के पिता वाली कड़ी छूट गई। आशा, उसके पिता की बहन हैं, उससे एक मंज़िल ऊपर।
संकेत: नितिन से शुरू कीजिए। बीच वाले व्यक्ति उसके पिता हैं या माँ?
सूत्र और नियम
कड़ी और उलटा रास्ता
- शुरुआत
- जिसकी कड़ी है ("रोहन की ...") "X का Y से क्या संबंध है?" में Y से शुरू
- हर शब्द एक कदम
- माता-पिता ऊपर, भाई-बहन बगल में, संतान नीचे चलते-चलते मंज़िलें गिनिए
- एक ही मंज़िल
- सगे भाई-बहन तभी जब माता-पिता वही हों वरना कज़िन: चचेरा, फुफेरा, ममेरा, मौसेरा
- उलटा रिश्ता
- वही कड़ियाँ, उलटी दिशा में दूसरे छोर को उसके अपने लिंग से नाम दीजिए
- चाचा-बुआ, मामा-मौसी उलटें
- चाचा, ताऊ, बुआ: भतीजा या भतीजी मामा, मौसी: भांजा या भांजी
- दादा-नाना उलटें
- दादा, दादी: पोता या पोती नाना, नानी: नाती या नातिन
ऐसा क्यों? रिश्ता दो लोगों के बीच एक ही रास्ता है। उसे सही छोर से पढ़िए, और मुड़ते समय दूसरे छोर पर खड़े व्यक्ति को उसके अपने लिंग से नाम दीजिए।
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