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प्रकाशिकी: 20 प्रश्नों का अध्ययन अभ्यास

20 प्रश्न · कोई समय-सीमा नहीं

20 अंक · +1 प्रति प्रश्न

इस अभ्यास का उपयोग कैसे करें यह निःशुल्क, मौलिक अध्ययन अभ्यास प्रकाशिकी के तीनों पाठों के बाद करें: परावर्तन और दर्पण; अपवर्तन और लेंस; मानव नेत्र, वर्ण-विक्षेपण और प्रकाशीय प्रभाव। कुल 20 प्रश्न हैं, प्रत्येक एक अंक का है और हर प्रश्न में ठीक एक विकल्प सही है। अभ्यास बिना समय-सीमा, ऋणात्मक अंकन और उत्तीर्ण सीमा के है। सुझाए गए 25 मिनट केवल अध्ययन-सहायता हैं, आधिकारिक परीक्षा अवधि नहीं। यह पूरे RRB सीबीटी का अनुकरण नहीं है और उसकी आधिकारिक अंकन-व्यवस्था को नहीं दोहराता। जब तक प्रश्न कुछ और न कहे, वस्तु वास्तविक और सीधी मानें। दर्पण तथा लेंस की गणनाओं में मुख्य अक्ष के पास चलने वाली किरणों का सन्निकटन अपनाएँ; लेंस पतले और हवा में हैं। आपतित प्रकाश बाएँ से दाएँ चलता है। कार्तीय चिह्न परंपरा में दर्पण के ध्रुव या लेंस के प्रकाशिक केंद्र से दाईं ओर की दूरियाँ धनात्मक और बाईं ओर की दूरियाँ ऋणात्मक हैं। इसलिए यहाँ प्रयुक्त वास्तविक वस्तुओं के लिए u शून्य से कम है। v का चिह्न दर्पण या लेंस के अनुसार समझें; केवल “वास्तविक” शब्द देखकर अनुमान न लगाएँ। आपतन, परावर्तन और अपवर्तन कोण अभिलंब से मापे जाते हैं। व्याख्या देखने से पहले अपना विकल्प और एक कारण या गणना लिखें। फिर गलती पहचानें: अभिलंब और सतह का भ्रम, वस्तु की स्थिति, चिह्न परंपरा, दर्पण–लेंस का गलत सूत्र, मात्रक परिवर्तन, प्रतिबिंब की प्रकृति या अपवर्तन, वर्ण-विक्षेपण और प्रकीर्णन में भ्रम। संबंधित पाठ फिर पढ़ें और उत्तर देखे बिना छूटा प्रश्न दोबारा हल करें।

शुरू करने से पहले

  • आपके उत्तर अपने-आप सेव होते रहते हैं।
  • आप प्रश्नों के बीच आ-जा सकते हैं और किसी को भी रिव्यू के लिए मार्क कर सकते हैं।

खाता सिर्फ़ अंत में चाहिए — रिज़ल्ट सेव करने के लिए।