संबंध सत्यनिष्ठा और सार्वजनिक पारदर्शिता 20 अंकीय समीक्षा
मुख्य समीक्षा 20 अंक
तीनों मुख्य प्रश्न हल करें: पहले दो 5–5 अंक और प्रत्येक की 50 शब्द-सीमा है; तीसरा 10 अंक और 150 शब्द-सीमा का है। लगभग 25 मिनट दें, फिर स्वमूल्यांकन करें। अलग चिह्नित तीन वैकल्पिक प्रश्न अतिरिक्त अभ्यास हैं, अनिवार्य अंकों में शामिल नहीं। यह मौलिक शिक्षण-परीक्षण है, आधिकारिक आरपीएससी प्रश्नपत्र या निर्धारित मॉड्यूल परीक्षा नहीं। 9 जनवरी 2026 की आधिकारिक योजना इकाई स्तर के संकेतात्मक प्रारूप देती है और बदलाव की गुंजाइश रखती है। उत्तर-निर्देश पढ़ने से पहले प्रश्न हल करें। नमूने तर्क दिखाते हैं, उनका शब्दांकन अनिवार्य नहीं। समान कसौटी पर समकक्ष कारणयुक्त उत्तर स्वीकारें; केवल नाम या नारे तर्क के अंक नहीं पाते। दोनों भाषाओं में रिक्त स्थान से अलग शब्द गिने गए हैं।
मुख्य समीक्षा के प्रश्न
मुख्य प्रश्न 1 5 अंक 50 शब्द
अधिकारी उस संस्था की अवैतनिक न्यासी है जिसके अनुदान आवेदन का वह मूल्यांकन करती है। वह भूमिका बता देती है। क्या संस्था को निकालना चाहिए या अधिकारी पहले की तरह काम कर सकती है? स्वतंत्र पुनःकार्य-वितरण की अनुमति वाली प्रक्रिया में उचित विकल्प समझाएँ।
मुख्य प्रश्न 2 5 अंक 50 शब्द
क्या प्रशासनिक सिफारिश बदलना सत्यनिष्ठा दिखा सकता है? दार्शनिक कारण दें और साक्ष्य-आधारित संशोधन को अवसरवादी पलटाव से अलग करें।
मुख्य प्रश्न 3 10 अंक 150 शब्द
काल्पनिक नगरपालिका कार्यालय सड़क-मरम्मत की प्राथमिकता-सूची जारी करता है। आलोचक अखबार वार्डों के बीच पक्षपात का आरोप लगाता है। सत्यापन प्रकाशित खतरे और आवश्यक पहुँच के मानदंडों के अनुसार क्रम का समर्थन करता है; पक्षपात सिद्ध नहीं होता। पर्यवेक्षक अखबार को ब्रीफिंग से हटाने और उसकी खबर गलत दिखाने के लिए शिकायतकर्ताओं की संपर्क-सूचना जारी करने को कहता है। अधिकृत प्रक्रिया मानदंड और समेकित निरीक्षण-निष्कर्ष प्रकाशित करने, ब्रीफिंग की समान पहुँच तथा नए साक्ष्य पर अभिलिखित उत्तर की अनुमति देती है। व्यक्तिगत अभिलेखों के आवेदन पर सक्षम अधिकारी अलग विधिक निर्णय करता है। उदार समाज में खुलेपन का औचित्य समझाते हुए सत्यपूर्ण, उचित और सही सीमा वाला उत्तर सुझाएँ।
मुख्य समीक्षा के उत्तर और अंक विभाजन
मुख्य प्रश्न 1
संकेतात्मक उत्तर। न्यासी-दायित्व आवेदक के हित को अधिकारी के मूल्यांकन से जोड़ता है; भ्रष्टाचार सिद्ध नहीं करता। घोषणा टकराव बताती है, मिटाती नहीं; स्वतः बहिष्कार संस्था के साथ अनुचित होगा। अधिकृत पर्यवेक्षक संबंधित कार्य और पहुँच स्वतंत्र रूप से पुनःसौंपे, व्यवस्था दर्ज करे तथा सामान्य पात्रता बनाए रखे।
अंक विभाजन। हित-टकराव की सही पहचान 1.5; घोषणा और स्वतः आवेदक-बहिष्कार अपर्याप्त होने का कारण 1.5; अधिकृत स्वतंत्र व्यवस्था 1; 50 शब्दों में स्पष्टता 1
स्वीकार्य विकल्प। संस्था के प्रति दायित्व, निष्ठा या स्वतंत्र निर्णय को उचित जोखिम, संबंधित हित के रूप में स्वीकारें; व्यक्तिगत भुगतान जरूरी नहीं। अधिकृत स्थानापन्न और पहुँच-नियंत्रण सहित निर्णय से अलग होना समकक्ष है। कदाचार का निष्कर्ष या संस्था की अयोग्यता जरूरी न बनाएँ।
कमजोर उत्तर सुधारें। “बताकर काम जारी रखे” जोखिम दिखाता है, प्रभाव नहीं हटाता। “संस्था निकाल दें” उचित पात्रता भूलता है। अधिकारी की भूमिका और आवेदक की योग्यता अलग करें तथा स्वतंत्र, दर्ज प्रबंधन बताएँ।
मुख्य प्रश्न 2
संकेतात्मक उत्तर। हाँ। सत्यनिष्ठा उचित प्रतिबद्धताओं और उत्तरदायी निर्णय से जुड़ी है, हर विश्वास अपरिवर्तित रखने से नहीं। सत्यापित साक्ष्य बदलने पर सिफारिश सुधारना शुद्धता और प्रभावित लोगों के सम्मान की प्रतिबद्धता निभाता है। केवल प्रशंसा या पुरस्कार के लिए पलटना यह कारण छोड़ता है; संशोधन समझाने से अंतर जाँचा जा सकेगा।
अंक विभाजन। सत्यनिष्ठा का सही अंतर 2; संशोधन से जुड़ा दार्शनिक कारण 2; 50 शब्दों में स्पष्टता 1
स्वीकार्य विकल्प। ईमानदार कारणों का कर्तव्य, विचार-विमर्श में दूसरों का सम्मान या विश्वसनीय सार्वजनिक निर्णयों के परिणाम का तर्क पूरे अंक पा सकता है, यदि उचित संशोधन और सुविधा का अंतर स्पष्ट हो। मौलिक उदाहरण से भी व्याख्या हो सकती है; दार्शनिक का नाम जरूरी नहीं।
कमजोर उत्तर सुधारें। “सत्यनिष्ठा सदा अपनी बात पर अड़े रहना है” प्रतिबद्धता और तथ्यगत निष्कर्ष मिलाता है। कायम मूल्य, नया विश्वसनीय तथ्य और सिफारिश बदलने का कारण बताएँ। अच्छे कारण बिना बदलने की तत्परता भी पर्याप्त नहीं।
मुख्य प्रश्न 3
संकेतात्मक उत्तर। सार्वजनिक अधिकार असहमत नागरिकों पर भी लागू होता है; सुलभ कारण सर्वसम्मति माँगे बिना सूचित जाँच संभव बनाते हैं। खतरे और आवश्यक पहुँच के मानदंड, समेकित निरीक्षण-निष्कर्ष तथा उनसे क्रम को मिला समर्थन समझाएँ। प्रासंगिक जोखिम अलग हों तो अलग प्राथमिकता समान नैतिक दर्जे के अनुकूल है। कहें कि सत्यापन सूची का समर्थन करता है, हर संभावित आरोप खारिज नहीं करता। ब्रीफिंग की पहुँच समान रखें और अखबार को तथ्यात्मक उत्तर दें; आलोचना बहिष्कार का आधार नहीं। उसे गलत दिखाने के लिए शिकायतकर्ताओं के संपर्क न दें। व्यक्तिगत अभिलेखों के आवेदन पर लागू सूचना-सीमाओं सहित अलग सक्षम विधिक आकलन हो। निरीक्षण-अभिलेख और उत्तर बचाएँ, प्रक्रिया के अंतर्गत आगे के प्रश्नों का उत्तरदाता तय करें तथा विश्वसनीय नए साक्ष्य पर फिर परखें। इससे उचित निजता और सुधार का मार्ग बचाते हुए निर्णय जाँच योग्य बनता है।
अंक विभाजन। कारण और जाँच का उदार-समाज संबंधी औचित्य 2; साक्ष्य की सही और जाँच योग्य व्याख्या 2; मीडिया के प्रति निष्पक्ष गैर-प्रतिशोधी उत्तर 2; सूचना की उचित सीमा और सक्षम विधिक मार्ग 2; जवाबदेह आगे की कार्रवाई 1; 150 शब्दों में संगति 1
स्वीकार्य विकल्प। निर्धारित प्रकाशन-अधिकार में सुलभ ब्रीफिंग टिप्पणी, समझाया समेकित मानचित्र या मानदंडों से जुड़ा सार स्वीकारें। उत्तर समान नागरिकता, स्वतंत्रता या सार्वजनिक औचित्य पर बल दे सकता है। अनुपातिक अतिरिक्त समीक्षा स्वीकार्य है; समर्थित निष्कर्ष, मीडिया की समान पहुँच और व्यक्तिगत अभिलेखों का अलग विधिक मार्ग बने रहें। असिद्ध पक्षपात की माफी जरूरी नहीं।
कमजोर उत्तर सुधारें। “आरोप झूठा है, इसलिए अखबार रोकें” सत्यापन से अधिक दावा और जाँच पर दंड है। “सब छाप दें” प्राथमिकता का प्रश्न सुलझाए बिना शिकायतकर्ता उजागर करता है। साक्ष्य तथा प्रासंगिक जरूरत समझाएँ, समान पहुँच बचाएँ, सामान्य सूचना की सीमा रखें और पुनर्विचार खुला रखें।
अतिरिक्त अभ्यास 20 अंकों में शामिल नहीं
वैकल्पिक अभ्यास 1 5 अंक 50 शब्द
व्यक्ति मित्र की विशेष देखभाल करते हुए सार्वजनिक भूमिका में निष्पक्ष व्यवहार का दायित्व कैसे रख सकता है?
वैकल्पिक अभ्यास 2 5 अंक 50 शब्द
समान नैतिक दर्जा हमेशा हूबहू समान प्रशासनिक व्यवहार क्यों नहीं माँगता? कार्य-संबंधी प्रासंगिक अंतर से समझाएँ।
वैकल्पिक अभ्यास 3 10 अंक 150 शब्द
अधिकारी ने किसी नीति के विरुद्ध ईमानदार सलाह दी। सक्षम सरकार उस पर विचार कर नीति विधिसम्मत रूप से अपनाती है; झूठे अभिलेख या भेदभावपूर्ण सेवा का आदेश नहीं है। सत्यनिष्ठा और दलगत निरपेक्षता अधिकारी के अगले कदम कैसे निर्देशित करेंगी?
अतिरिक्त अभ्यास के उत्तर और अंक विभाजन
वैकल्पिक अभ्यास 1
संकेतात्मक उत्तर। मित्रता और वादे देखभाल, ईमानदारी तथा विश्वास की विशेष जिम्मेदारियाँ बनाते हैं। अपना समय देकर इन्हें निभा सकते हैं। सार्वजनिक अधिकार प्रभावितों के लिए सौंपा गया है; निजी निष्ठा प्रासंगिक मानदंडों की जगह नहीं ले सकती। निजी देखभाल भी दूसरों के अधिकार, सहमति और उचित हितों से बँधी है।
अंक विभाजन। निजी संबंध के नैतिक दायित्व 1.5; निजी संसाधन और सार्वजनिक अधिकार का कारणयुक्त अंतर 1.5; निजी देखभाल की नैतिक सीमाएँ 1; 50 शब्दों में स्पष्टता 1
स्वीकार्य विकल्प। मित्रता की जगह पारिवारिक जिम्मेदारी या स्वेच्छा का वादा ले सकते हैं। निजी संसाधन का दूसरा मौलिक उदाहरण स्वीकारें, यदि सहमति और अन्य लोगों के उचित हित सुरक्षित हों। मुख्य अंतर कार्य करने की भूमिका है, सार्वजनिक काम में भावनाएँ मिट जाने का दावा नहीं।
कमजोर उत्तर सुधारें। “निजी जीवन में मित्रों का पक्ष ले सकते हैं” अधूरा है। देखभाल का दायित्व, देने योग्य अपने संसाधन और सौंपे सार्वजनिक अधिकार के अलग औचित्य समझाएँ। ईमानदारी या सहमति जैसी सीमा जोड़ें।
वैकल्पिक अभ्यास 2
संकेतात्मक उत्तर। समान दर्जा सबके हित गंभीरता से लेना है, प्रासंगिक अंतर मिटाना नहीं। प्रकाशित सेवा-जरूरत मानदंडों में, बाकी स्थितियाँ समान हों तो देर-रात उपयोगी विकल्प वाले मार्ग से विकल्पहीन वयस्कों का मार्ग अधिक सेवा पा सकता है। समान कसौटी लागू करके जाँचें; दलगत पसंद या निजी निकटता जरूरत का विकल्प नहीं।
अंक विभाजन। समान नैतिक दर्जे की व्याख्या 1.5; कार्य से जुड़ा प्रासंगिक अंतर और उसका कारण 1.5; समान जाँच योग्य मानदंड से पक्षपात रोकना 1; 50 शब्दों में स्पष्टता 1
स्वीकार्य विकल्प। सेवा में सत्यापित पहुँच-बाधा जैसा दूसरा कार्य-संबंधी अंतर स्वीकार्य है, यदि उद्देश्य और मानदंड समझाए जाएँ। प्रासंगिक तथ्य समान हों तो बराबर आवंटन भी उचित हो सकता है; प्रश्न स्वतः हूबहू व्यवहार को चुनौती देता है, समानता को नहीं।
कमजोर उत्तर सुधारें। “सबको बिल्कुल एक जैसा मिले” सेवा का उद्देश्य और वास्तविक बाधाएँ छोड़ता है। “जरूरतमंद की मदद करें” अस्पष्ट है। संबंधित अंतर, कार्य पर उसका असर और सबके लिए उसी कसौटी की जाँच समझाएँ।
वैकल्पिक अभ्यास 3
संकेतात्मक उत्तर। अधिकारी का दायित्व सक्षम सरकार को चुनाव का ईमानदार आधार देना और फिर विधिसम्मत निर्णयों से सार्वजनिक सेवा करना है। सत्यनिष्ठा दर्ज सलाह और उसके कारण बचाती है; सहमति का दिखावा या छिपकर क्रियान्वयन बिगाड़ना नहीं माँगती। दलगत निरपेक्षता का अर्थ है किसी भी दल की सरकार में पेशेवर काम, बिना दलगत लाभ के लिए साक्ष्य या पहुँच बदले। दिए तथ्यों में सलाह पर विचार हुआ और नीति विधिसम्मत है; अधिकारी सौंपे अधिकारों में निष्ठापूर्वक क्रियान्वयन करे। सही अभिलेख रखे, संबंधित परिणाम देखे और विश्वसनीय नया साक्ष्य उचित अधिकृत समीक्षा-मार्ग से उठाए। बदली सिफारिश कारणों से निकले, पुरस्कारों से नहीं। यह लोकतांत्रिक नीति पर निजी निषेधाधिकार या भविष्य के हर आदेश का पालन नहीं है; नई अवैधता या भेदभावपूर्ण निर्देश पर लागू कर्तव्यों के अनुसार नया आकलन जरूरी होगा।
अंक विभाजन। सार्वजनिक भूमिका और लोकतांत्रिक औचित्य 2; सत्यनिष्ठा तथा दर्ज ईमानदार सलाह 2; दलगत निरपेक्ष विधिसम्मत क्रियान्वयन 2; नए साक्ष्य पर अभिलेख और अधिकृत समीक्षा 2; न निजी निषेधाधिकार न असीम आज्ञापालन 1; 150 शब्दों में संगति 1
स्वीकार्य विकल्प। संस्थागत विश्वास, समान नागरिकता या लोकतांत्रिक और पेशेवर जिम्मेदारियों के उचित बँटवारे का तर्क स्वीकारें, यदि अगले कदम समझे गए हों। व्यावहारिक विषय पर विधिसम्मत स्पष्टीकरण माँग सकते हैं, लेकिन दी गई विधिसम्मत नीति को रोक नहीं सकते। नीति रद्द करने, सरकार को दंड देने या सुरक्षा की गारंटी का काल्पनिक अधिकार जरूरी नहीं।
कमजोर उत्तर सुधारें। “इस्तीफा दें या मना करें, वरना सत्यनिष्ठा गई” निजी सहमति को सार्वजनिक अधिकार का स्रोत मानता है। “हर आदेश मानें” ईमानदार विवेक और विधिक सीमाएँ छोड़ता है। सलाह और निर्णय-अधिकार अलग करें, विधिसम्मत नीति लागू करें और कारणयुक्त समीक्षा का मार्ग रखें।
मूल्यांकन प्रारूप का स्रोत
आरपीएससी मुख्य परीक्षा संकेतात्मक योजना 9 जनवरी 2026 प्रश्नपत्र II इकाई I
इस पाठ के नोट्स
इस पाठ के टेस्ट
- आरएएस मुख्य सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता: 20 अंकों का वर्णनात्मक अभ्यास
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