Simple Interest: P × R × T ÷ 100
साधारण ब्याज क्या है?
साधारण ब्याज (SI) केवल मूल राशि, यानी मूलधन (P) पर लगता है। ब्याज पर आगे ब्याज नहीं लगता।
सूत्र
SI = (P × R × T) / 100
- P = मूलधन (₹)
- R = वार्षिक ब्याज दर (%)
- T = समय (वर्षों में)
मिश्रधन (A) = P + SI
उदाहरण
P = ₹5,000, R = 8% वार्षिक, T = 3 वर्ष।
SI = (5000 × 8 × 3) / 100 = ₹1,200। मिश्रधन = ₹6,200।
परीक्षा टिप्स (SSC CHSL)
- महीनों को वर्ष में बदलें: 9 महीने = 0.75 वर्ष।
- हर वर्ष का SI समान होता है।
- यदि राशि T वर्षों में दोगुनी हो, तो R × T = 100।
- मूलधन: P = (SI × 100) / (R × T)।
उदाहरण से समझें
साइकिल किराए पर लेने की सोचिए। दुकानदार साइकिल की कीमत (मूलधन) के आधार पर रोज़ का एक तय किराया लेता है। 1 दिन रखें या 5 दिन — रोज़ का किराया नहीं बढ़ता, बस दिनों से गुणा होता है। साधारण ब्याज भी ऐसा ही है: हर वर्ष वही तय ब्याज, केवल मूल राशि पर।
इस पाठ के टेस्ट
- SSC CHSL Simple Interest practice
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