दोहराव: एक पन्ने पर भारत का संविधान
यह पाठ पूरे विषय को एक साथ जोड़ता है। आप पूरे संविधान को एक पन्ने पर देखेंगे, मिलते-जुलते अनुच्छेदों को अलग पहचानने का अभ्यास करेंगे, और किसी अनुच्छेद को उसके अपने शब्दों से खोजेंगे, जैसा परीक्षा के प्रश्न अक्सर पूछते हैं। यहाँ का हर तथ्य पाठ 1 से 11 से आता है।
पहले अनुमान लगाइए
शुरुआत अनुच्छेदों को उनके विषयों से मिलाकर कीजिए।
पहले अनुमान लगाइए: अनुच्छेद और उसके विषय की कौन-सी जोड़ी सही मिलाई गई है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
अनुच्छेद 352 का शीर्षक "आपात की उद्घोषणा" है।
विकल्प B: राष्ट्रपति शासन अनुच्छेद 356 है (NCERT); अनुच्छेद 360 वित्तीय आपात है।
विकल्प C: अवशिष्ट विधायी शक्तियां अनुच्छेद 248 है; अनुच्छेद 368 संविधान का संशोधन करने की संसद् की शक्ति है।
विकल्प D: उपाधियों का अंत अनुच्छेद 18 है; अनुच्छेद 32 सांविधानिक उपचारों का अधिकार है।
संकेत: वह अनुच्छेद खोजिए जिससे भाग 18, आपात उपबंध, शुरू होता है।
रोज़ की एक तस्वीर
संविधान को नाम लिखी मंज़िलों वाली एक बड़ी इमारत की तरह सोचिए।
संविधान नाम लिखी मंज़िलों वाली बड़ी इमारत जैसा है:
प्रवेश-द्वार की पट्टिका उद्देशिका
संविधान कौन देता है और क्या वादा करता है
अधिकारों की मंज़िल भाग 3, अनुच्छेद 12 से 35
मौलिक अधिकार, उच्चतम न्यायालय के ज़रिए प्रवर्तित (अनुच्छेद 32)
लक्ष्यों की मंज़िल भाग 4, अनुच्छेद 36 से 51
नीति निदेशक तत्व, किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं (अनुच्छेद 37)
आपातकालीन निकास भाग 18, अनुच्छेद 352 से 360
आपात उपबंध
मरम्मत के नियम भाग 20, अनुच्छेद 368
संविधान का संशोधन कैसे होता है
इस तस्वीर की एक सीमा है: इमारत की मंज़िलें जैसी बनीं वैसी रहती हैं, पर अनुच्छेद 368 संसद् को संविधान का संशोधन करने देता है, और NCERT के अनुसार केशवानंद निर्णय उसके मूल ढाँचे की रक्षा करता है।
देखिए: एक पन्ने पर संविधान
| पाठ | कहाँ | याद रखिए |
|---|---|---|
| निर्माण | संविधान सभा | 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत; 26 जनवरी 1950 को लागू |
| उद्देशिका | उद्देशिका | "हम, भारत के लोग" से शुरू; समाजवादी और पंथनिरपेक्ष 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 से जुड़े |
| नक्शा | भाग और अनुसूचियाँ | सातवीं अनुसूची में संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची |
| नागरिकता | भाग 2, अनुच्छेद 5 से 11 | अनुच्छेद 11: संसद् विधि द्वारा नागरिकता का विनियमन करती है |
| अधिकार | भाग 3, अनुच्छेद 12 से 35 | अनुच्छेद 32: उच्चतम न्यायालय में समावेदन करने का अधिकार |
| नीति निदेशक तत्व | भाग 4, अनुच्छेद 36 से 51 | अनुच्छेद 37: किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं |
| कर्तव्य | भाग 4क, अनुच्छेद 51क | हर नागरिक के कर्तव्य, 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 से जुड़े |
| संघ और राज्य | भाग 11, अनुच्छेद 245 से | अनुच्छेद 248: अवशिष्ट शक्तियाँ संसद् के पास |
| आपात | भाग 18, अनुच्छेद 352 से 360 | अनुच्छेद 352: अनुमोदन एक मास के भीतर; अनुच्छेद 356 और 360: दो मास के भीतर |
| संशोधन | भाग 20, अनुच्छेद 368 | विशेष बहुमत; परंतुक की सूची के लिए आधे राज्य |
NCERT के अनुसार संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया। अनुच्छेद 394 ने उसका अधिकांश भाग 26 जनवरी 1950 को लागू किया; नागरिकता वाले अनुच्छेद 5 से 9 तुरंत लागू हो गए।
मौलिक अधिकार अनुच्छेद 12 से, नीति निदेशक तत्व अनुच्छेद 36 से, मौलिक कर्तव्य अनुच्छेद 51क में, आपात अनुच्छेद 352 से, संशोधन अनुच्छेद 368 में: हर खंड को शुरू करने वाला अनुच्छेद याद रखने लायक है।
नियम खोजिए
पूरे विषय पर तीन छोटे प्रश्न।
उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 के अधीन रिट निकालता है। कौन-सा अनुच्छेद प्रत्येक उच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के लिए "और किसी अन्य प्रयोजन के लिए" रिट निकालने की शक्ति देता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
अनुच्छेद 226 का शीर्षक "कुछ रिट निकालने की उच्च न्यायालय की शक्ति" है। उच्च न्यायालय भाग 3 के अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए "और किसी अन्य प्रयोजन के लिए" रिट निकाल सकता है, जो अनुच्छेद 32(2) से अधिक व्यापक है, जिसमें उच्चतम न्यायालय की शक्ति "इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों में से किसी को प्रवर्तित कराने के लिए" है।
विकल्प A: अनुच्छेद 32 उच्चतम न्यायालय में समावेदन करने का अधिकार है, केवल मौलिक अधिकारों के लिए।
विकल्प C: अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति को आपात के दौरान भाग 3 के अधिकारों के लिए न्यायालय में समावेदन का अधिकार निलंबित करने देता है।
विकल्प D: अनुच्छेद 368 संविधान का संशोधन करने की संसद् की शक्ति है।
संकेत: इसके शीर्षक में उच्च न्यायालय का नाम है।
संसद् और राज्यों के विधान-मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों के विस्तार वाला अनुच्छेद 245 संविधान के किस भाग को शुरू करता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
भाग 11 का शीर्षक संघ और राज्यों के बीच संबंध है, और वह अनुच्छेद 245, संसद् द्वारा और राज्यों के विधान-मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों का विस्तार, से शुरू होता है।
विकल्प B: भाग 18 में आपात उपबंध हैं, अनुच्छेद 352 से।
विकल्प C: भाग 20 संविधान का संशोधन है, अनुच्छेद 368।
विकल्प D: भाग 4क में मौलिक कर्तव्य हैं, अनुच्छेद 51क।
संकेत: वह भाग खोजिए जो बताता है कि संघ और राज्य शक्ति कैसे बाँटते हैं।
NCERT की उधार ली गई विशेषताओं वाली तालिका मौलिक अधिकारों के घोषणा-पत्र और न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति को किस देश के संविधान से जोड़ती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
NCERT की तालिका में अमेरिका के संविधान के सामने मौलिक अधिकारों का घोषणा-पत्र, न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति और न्यायपालिका की स्वतंत्रता लिखी है।
विकल्प B: NCERT ब्रिटेन के संविधान को सर्वाधिक मत से जीत वाली चुनाव प्रणाली और संसदीय शासन-प्रणाली से जोड़ती है।
विकल्प C: NCERT आयरलैंड के संविधान को राज्य की नीति के निदेशक तत्वों से जोड़ती है।
विकल्प D: NCERT कनाडा के संविधान को अर्ध-संघीय सरकार और अवशिष्ट शक्तियों के विचार से जोड़ती है।
संकेत: वही तालिका इस देश को न्यायपालिका की स्वतंत्रता से भी जोड़ती है।
नाम दीजिए: पहले भाग खोजिए
नियम: किसी अनुच्छेद को रखने के लिए पहले उसके विषय का भाग खोजिए: मौलिक अधिकार भाग 3 में (अनुच्छेद 12 से), नीति निदेशक तत्व भाग 4 में (अनुच्छेद 36 से), मौलिक कर्तव्य भाग 4क में (अनुच्छेद 51क), संघ और राज्यों के बीच संबंध भाग 11 में (अनुच्छेद 245 से), आपात उपबंध भाग 18 में (अनुच्छेद 352 से), संविधान का संशोधन भाग 20 में (अनुच्छेद 368)।
भाग 3 अनुच्छेद 32 के ज़रिए प्रवर्तित होता है: "उच्चतम न्यायालय में समावेदन करने का अधिकार"। भाग 4 के उपबंध "किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे" (अनुच्छेद 37)।
हल किया हुआ, अधूरा, फिर खुद
प्रश्न
कौन-सा अनुच्छेद ये शब्द कहता है: "किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे किंतु फिर भी इनमें अधिकथित तत्त्व देश के शासन में मूलभूत हैं"?
हल
- संकेत-शब्द खोजिए
किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं, और तत्त्व: ये नीति निदेशक तत्वों की ओर इशारा करते हैं।
- भाग खोजिए
नीति निदेशक तत्व भाग 4 में हैं।
- अनुच्छेद खोजिए
भाग 4 कैसे लागू होता है, यह अनुच्छेद 37 बताता है, "इस भाग में अंतर्विष्ट तत्त्वों का लागू होना"।
उत्तर: अनुच्छेद 37।
ध्यान दें: मौलिक अधिकार इसके उलट हैं: अनुच्छेद 32 उन्हें प्रवर्तित कराने के लिए "उच्चतम न्यायालय में समावेदन करने का अधिकार" प्रत्याभूत करता है।
अब एक अधूरा प्रश्न पूरा कीजिए।
अधूरा हल: "अनुच्छेद 13 की कोई बात इस अनुच्छेद के अधीन किए गए किसी संशोधन को लागू नहीं होगी" ये शब्द संशोधन की बात करते हैं, इसलिए संविधान के संशोधन वाले भाग में देखिए। यह कौन-सा अनुच्छेद है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
अनुच्छेद 368(3): "अनुच्छेद 13 की कोई बात इस अनुच्छेद के अधीन किए गए किसी संशोधन को लागू नहीं होगी"। अनुच्छेद 368 भाग 20, संविधान का संशोधन, का अनुच्छेद है।
विकल्प B: अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के लिए उच्चतम न्यायालय में समावेदन करने का अधिकार है।
विकल्प C: अनुच्छेद 359 आपात के दौरान भाग 3 के अधिकारों के प्रवर्तन के निलंबन के बारे में है।
विकल्प D: अनुच्छेद 37 कहता है कि नीति निदेशक तत्व किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे।
संकेत: यह अनुच्छेद संविधान का संशोधन करने की संसद् की शक्ति के बारे में है।
और एक खुद कीजिए।
"राज्य ऐसी कोई विधि नहीं बनाएगा जो इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीनती है या न्यून करती है"। यह कौन-सा अनुच्छेद कहता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
अनुच्छेद 13(2): "राज्य ऐसी कोई विधि नहीं बनाएगा जो इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीनती है या न्यून करती है और इस खंड के उल्लंघन में बनाई गई प्रत्येक विधि उल्लंघन की मात्रा तक शून्य होगी"। अनुच्छेद 13 भाग 3 की शुरुआत के पास है।
विकल्प B: अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है।
विकल्प C: अनुच्छेद 37 कहता है कि नीति निदेशक तत्व किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे।
विकल्प D: अनुच्छेद 368 संविधान का संशोधन करने की संसद् की शक्ति है, और अनुच्छेद 368(3) कहता है कि अनुच्छेद 13 संशोधनों पर लागू नहीं होता।
संकेत: "इस भाग" का अर्थ है भाग 3, मौलिक अधिकार।
जाल जिनमें अंक कटते हैं
- अंगीकृत या लागू: 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत; 26 जनवरी 1950 को लागू।
- अनुच्छेद 17 या 18: अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है; अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है।
- अनुच्छेद 356 या 360: राष्ट्रपति शासन अनुच्छेद 356 है; वित्तीय आपात अनुच्छेद 360 है।
- अनुच्छेद 248 या 368: अवशिष्ट शक्तियाँ अनुच्छेद 248 हैं; संशोधन अनुच्छेद 368 है।
- अनुच्छेद 32 या 226: उच्चतम न्यायालय मौलिक अधिकारों के लिए; उच्च न्यायालय उनके लिए "और किसी अन्य प्रयोजन के लिए"।
- भाग 4 या भाग 4क: नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 36 से 51) या मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51क)।
नेहा ने लिखा: "अनुच्छेद 32(2) चार रिटों के नाम लेता है।" अनुच्छेद 32(2) कितनी रिटों के नाम लेता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
अनुच्छेद 32(2) में "बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण रिट" हैं: पाँच रिटें।
विकल्प B: 4 में एक छूट जाती है; बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा और उत्प्रेषण गिनिए।
विकल्प C: 6 में एक ऐसी रिट जुड़ जाती है जिसका नाम अनुच्छेद 32(2) नहीं लेता।
विकल्प D: 3 अनुच्छेद 352(1) के आधारों की संख्या है: युद्ध, बाह्य आक्रमण और सशस्त्र विद्रोह।
संकेत: नाम बोलकर गिनिए: बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार-पृच्छा, उत्प्रेषण।
मिला-जुला अभ्यास
अनुच्छेद और उसके विषय की कौन-सी जोड़ी सही नहीं मिलाई गई है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D
समान सिविल संहिता अनुच्छेद 44 है; अनुच्छेद 40 राज्य से ग्राम पंचायतों का संगठन करने को कहता है।
विकल्प A: यह जोड़ी सही है: अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है।
विकल्प B: यह जोड़ी सही है: अनुच्छेद 21क शिक्षा का अधिकार है।
विकल्प C: यह जोड़ी सही है: अनुच्छेद 51क मूल कर्तव्य गिनाता है।
संकेत: गलत जोड़ी में एक नीति निदेशक तत्व है।
सूत्र और नियम
दोहराव: एक पन्ने पर भारत का संविधान
- 26 नवंबर 1949
- अंगीकृत 26 जनवरी 1950 को लागू (अनुच्छेद 394)
- उद्देशिका
- शुरुआत हम, भारत के लोग; समाजवादी और पंथनिरपेक्ष 1976 में जुड़े
- भाग 3, अनुच्छेद 12 से
- मौलिक अधिकार उच्चतम न्यायालय (अनुच्छेद 32) और उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 226) के ज़रिए प्रवर्तित
- भाग 4, अनुच्छेद 36 से
- नीति निदेशक तत्व किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं (अनुच्छेद 37)
- भाग 4क, अनुच्छेद 51क
- मौलिक कर्तव्य भारत के हर नागरिक के कर्तव्य
- भाग 11, अनुच्छेद 245 से
- संघ और राज्य अवशिष्ट शक्तियाँ संसद् के पास (अनुच्छेद 248)
- भाग 18, अनुच्छेद 352 से
- आपात अनुच्छेद 352 (युद्ध, बाह्य आक्रमण, सशस्त्र विद्रोह), 356 (राष्ट्रपति शासन), 360 (वित्तीय आपात)
- भाग 20, अनुच्छेद 368
- संशोधन विशेष बहुमत; परंतुक की सूची के लिए आधे राज्य
यह क्यों काम करता है: हर विषय का अपना भाग है, इसलिए पहले भाग खोजने से अनुच्छेद जल्दी मिल जाता है।
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