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आपात उपबंध: अनुच्छेद 352, 356 और 360

पाठ 10 / 1215 मिनट5 अभ्यास प्रश्नमुफ़्त

संविधान का भाग 18 आपात उपबंधों का है। NCERT चेताती है कि आपात लागू होने पर ये उपबंध हमारी संघीय व्यवस्था को एक अत्यधिक केंद्रीकृत व्यवस्था में बदल सकते हैं। इस पाठ में आप अनुच्छेद 352, 356 और 360 की उद्घोषणाएँ सीखेंगे, यह कि संसद् के अनुमोदन के बिना हर उद्घोषणा कितने समय तक चलती है, और यह कि आपात किन मौलिक अधिकारों को छू सकता है और किन्हें नहीं (अनुच्छेद 358 और 359)।

पहले अनुमान लगाइए

सबसे जाने-माने आपात अनुच्छेद से शुरू कीजिए।

पहले अनुमान लगाइए: युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह से भारत की सुरक्षा संकट में हो, तो आपात की उद्घोषणा का उपबंध किस अनुच्छेद में है?

A अनुच्छेद 352
B अनुच्छेद 356
C अनुच्छेद 360
D अनुच्छेद 368
उत्तर देखें

सही उत्तर: A

अनुच्छेद 352 का शीर्षक "आपात की उद्घोषणा" है। अनुच्छेद 352(1) के अनुसार यदि राष्ट्रपति का यह समाधान हो जाता है कि "गंभीर आपात विद्यमान है" जिससे युद्ध या बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण भारत की सुरक्षा संकट में है, तो वह उद्घोषणा द्वारा इस आशय की घोषणा कर सकेगा।

विकल्प B: अनुच्छेद 356 राज्यों में सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा के लिए है।

विकल्प C: अनुच्छेद 360 वित्तीय आपात है।

विकल्प D: अनुच्छेद 368 संविधान का संशोधन करने की संसद् की शक्ति है।

संकेत: भाग 18 इसी से शुरू होता है।

रोज़ की एक तस्वीर

किसी बड़ी इमारत के फ़ायर अलार्म और आपात स्विचों के बारे में सोचिए।

आपात अनुच्छेद किसी इमारत के आपात स्विचों जैसे हैं:

पूरी इमारत का फ़ायर अलार्म अनुच्छेद 352

युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह: आपात की उद्घोषणा

काम करना बंद कर चुके फ़्लैट को अपने हाथ में लेना अनुच्छेद 356

जिस राज्य का शासन संविधान के अनुसार नहीं चलाया जा सकता, राष्ट्रपति उसकी सरकार के कृत्य अपने हाथ में लेता है

इमारत के खाते रोक देना अनुच्छेद 360

भारत का वित्तीय स्थायित्व या प्रत्यय संकट में है

इमारत की समिति को पुष्टि करनी होती है संसद्

अनुच्छेद 352 के लिए एक मास; अनुच्छेद 356 और 360 के लिए दो मास

इस तस्वीर की एक सीमा है: अलार्म कोई भी दबा सकता है। अनुच्छेद 352(3) के अनुसार राष्ट्रपति आपात की उद्घोषणा तभी करेगा जब संघ के मंत्रिमंडल का विनिश्चय "उसे लिखित रूप में संसूचित" कर दिया जाए।

देखिए: तीनों उद्घोषणाएँ साथ-साथ

उद्घोषणाकबसंसद् के दोनों सदनों का अनुमोदन कितने समय में
अनुच्छेद 352: आपात की उद्घोषणायुद्ध या बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह से भारत की सुरक्षा संकट में होएक मास
अनुच्छेद 356: राज्यों में सांविधानिक तंत्र का विफल होनाराज्य का शासन संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकतादो मास
अनुच्छेद 360: वित्तीय आपातभारत का वित्तीय स्थायित्व या प्रत्यय संकट में होदो मास
NCERT इसे क्या कहती है

NCERT के अनुसार अनुच्छेद 356 संविधान के सबसे विवादास्पद प्रावधानों में से एक है; इसी के द्वारा राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है।

याद रखने का तरीका

युद्ध के लिए एक मास, बाकी के लिए दो मास: अनुच्छेद 352 का अनुमोदन एक मास के भीतर चाहिए; अनुच्छेद 356 और 360 का दो मास के भीतर।

नियम खोजिए

आपात अनुच्छेदों पर तीन छोटे प्रश्न।

NCERT के अनुसार राज्यों में राष्ट्रपति शासन किस अनुच्छेद के द्वारा लागू किया जाता है?

A अनुच्छेद 352
B अनुच्छेद 360
C अनुच्छेद 356
D अनुच्छेद 355
उत्तर देखें

सही उत्तर: C

NCERT के अनुसार अनुच्छेद 356 संविधान के सबसे विवादास्पद प्रावधानों में से एक है और इसके द्वारा राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है। इसका शीर्षक: "राज्यों में सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध"।

विकल्प A: अनुच्छेद 352 आपात की उद्घोषणा है, युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के लिए।

विकल्प B: अनुच्छेद 360 वित्तीय आपात है।

विकल्प D: अनुच्छेद 355 बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्य की संरक्षा करने का संघ का कर्तव्य है।

संकेत: इसका शीर्षक राज्यों में सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की बात करता है।

भारत का वित्तीय स्थायित्व या प्रत्यय संकट में हो, तो कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति को उद्घोषणा द्वारा आपात की घोषणा करने देता है?

A अनुच्छेद 352
B अनुच्छेद 356
C अनुच्छेद 359
D अनुच्छेद 360
उत्तर देखें

सही उत्तर: D

अनुच्छेद 360(1): यदि राष्ट्रपति का यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिससे भारत का "वित्तीय स्थायित्व या प्रत्यय संकट में है" तो वह उद्घोषणा द्वारा इस आशय की घोषणा कर सकेगा।

विकल्प A: अनुच्छेद 352 युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के लिए है।

विकल्प B: अनुच्छेद 356 राज्यों में सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा के लिए है।

विकल्प C: अनुच्छेद 359 आपात के दौरान भाग 3 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन का निलंबन है।

संकेत: यह भाग 18 का अंतिम अनुच्छेद है (भाग 19 अनुच्छेद 361 से शुरू होता है), शीर्षक "वित्तीय आपात के बारे में उपबंध"।

अनुच्छेद 352 के अधीन आपात की उद्घोषणा को संसद् के दोनों सदन कितने समय के भीतर अनुमोदित न करें, तो वह प्रवर्तन में नहीं रहती?

A एक मास
B दो मास
C छह मास
D एक वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: A

अनुच्छेद 352(4): प्रत्येक उद्घोषणा "एक मास की समाप्ति पर, यदि उस अवधि की समाप्ति से पहले संसद् के दोनों सदनों के संकल्पों द्वारा उसका अनुमोदन नहीं कर दिया जाता है तो, प्रवर्तन में नहीं रहेगी"।

विकल्प B: दो मास अनुच्छेद 356 और 360 की अवधि है।

विकल्प C: छह मास वह अवधि है जिस तक अनुमोदित उद्घोषणा चलती है; उसके बाद उसे जारी रखने के लिए फिर से संकल्प चाहिए (अनुच्छेद 352(5))।

विकल्प D: एक वर्ष अनुच्छेद 249 के अधीन राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के विषय पर पारित संकल्प की सीमा है।

संकेत: युद्ध के समय वाली उद्घोषणा को सबसे कम समय मिलता है।

नाम दीजिए: उद्घोषणा कौन करता है और पुष्टि कौन

नियम: तीनों उद्घोषणाएँ राष्ट्रपति करता है: अनुच्छेद 352 (युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह), अनुच्छेद 356 (किसी राज्य में सांविधानिक तंत्र का विफल होना) और अनुच्छेद 360 (वित्तीय आपात)। संसद् को इनका अनुमोदन करना होता है: अनुच्छेद 352 के लिए एक मास के भीतर, अनुच्छेद 356 और 360 के लिए दो मास के भीतर।

आपात के दौरान अधिकार

अनुच्छेद 358: युद्ध या बाह्य आक्रमण के कारण घोषित आपात के दौरान "अनुच्छेद 19 की कोई बात" राज्य की विधि बनाने या कार्यपालिका कार्रवाई करने की शक्ति को निर्बंधित नहीं करेगी। अनुच्छेद 359: राष्ट्रपति आदेश द्वारा भाग 3 के अधिकारों के लिए किसी न्यायालय को समावेदन करने का अधिकार निलंबित कर सकता है, "अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 को छोड़कर"।

हल किया हुआ, अधूरा, फिर खुद

प्रश्न

किसी राज्य का राज्यपाल प्रतिवेदन भेजता है कि उसके राज्य का शासन संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता। अनुच्छेद 356 के अधीन क्या होता है, और संसद् के अनुमोदन के बिना उद्घोषणा कितने समय तक टिक सकती है?

हल

  1. कौन कार्य करता है

    राष्ट्रपति, यदि उसका "किसी राज्य के राज्यपाल" से प्रतिवेदन मिलने पर या अन्यथा यह समाधान हो जाता है कि "उस राज्य का शासन इस संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है"।

  2. वह क्या कर सकता है

    उद्घोषणा द्वारा वह "उस राज्य की सरकार के सभी या कोई कृत्य" अपने हाथ में ले सकता है; NCERT इसे राष्ट्रपति शासन कहती है।

  3. समय-सीमा

    अनुच्छेद 356(3): उद्घोषणा "दो मास की समाप्ति पर प्रवर्तन में नहीं रहेगी" यदि उससे पहले संसद् के दोनों सदन उसका अनुमोदन न करें।

उत्तर: राष्ट्रपति अनुच्छेद 356 के अधीन राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा कर सकता है; संसद् के अनुमोदन के बिना वह दो मास बाद प्रवर्तन में नहीं रहती।

ध्यान दें: अनुच्छेद 352 वाले आपात की सीमा इससे कम है, एक मास।

अब एक अधूरा प्रश्न पूरा कीजिए।

अधूरा हल: अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति को आपात के दौरान भाग 3 के अधिकारों के लिए किसी न्यायालय को समावेदन करने का अधिकार निलंबित करने देता है। पाठ में आगे लिखा है "(अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 को छोड़कर)"। कौन-सी जोड़ी इस तरह कभी निलंबित नहीं की जा सकती?

A अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21
B अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21
C अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21
D अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 22
उत्तर देखें

सही उत्तर: A

अनुच्छेद 359(1) के अधीन राष्ट्रपति का आदेश केवल "(अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 को छोड़कर) भाग 3 द्वारा प्रदत्त ऐसे अधिकारों" के लिए किसी न्यायालय को समावेदन करने का अधिकार निलंबित कर सकता है। इसलिए अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण) प्रवर्तनीय रहते हैं।

विकल्प B: अनुच्छेद 19 अपवादों में नहीं है; और अनुच्छेद 358 के अधीन, युद्ध या बाह्य आक्रमण के कारण घोषित आपात के दौरान अनुच्छेद 19 राज्य की शक्ति को निर्बंधित नहीं करता।

विकल्प C: अनुच्छेद 14 अनुच्छेद 359 के अपवादों में नहीं है।

विकल्प D: अनुच्छेद 22 अनुच्छेद 359 के अपवादों में नहीं है।

संकेत: इनमें से एक प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है।

और एक खुद कीजिए।

कौन-सा अनुच्छेद कहता है कि युद्ध या बाह्य आक्रमण के कारण घोषित आपात के दौरान अनुच्छेद 19 की कोई बात राज्य की शक्ति को निर्बंधित नहीं करेगी?

A अनुच्छेद 359
B अनुच्छेद 358
C अनुच्छेद 352
D अनुच्छेद 19
उत्तर देखें

सही उत्तर: B

अनुच्छेद 358 का शीर्षक है "आपात के दौरान अनुच्छेद 19 के उपबंधों का निलंबन"।

विकल्प A: अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति के आदेश से भाग 3 के अधिकारों के प्रवर्तन का निलंबन है, अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर।

विकल्प C: अनुच्छेद 352 स्वयं आपात की उद्घोषणा है।

विकल्प D: अनुच्छेद 19 नागरिकों की स्वतंत्रताएँ गिनाता है; वह स्वयं को निलंबित नहीं करता।

संकेत: इसके शीर्षक में अनुच्छेद 19 का नाम है।

जाल जिनमें अंक कटते हैं

ये जाल अंक काटते हैं
  • एक मास या दो: अनुच्छेद 352 का अनुमोदन एक मास के भीतर चाहिए; अनुच्छेद 356 और 360 का दो मास के भीतर।
  • सशस्त्र विद्रोह: अनुच्छेद 352(1) में अब सशस्त्र विद्रोह लिखा है; 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने इसे आंतरिक अशान्ति के स्थान पर रखा।
  • अनुच्छेद 20 और 21: अनुच्छेद 359 के अधीन आदेश इन्हें निलंबित नहीं कर सकता।
  • अनुच्छेद 358 या 359: अनुच्छेद 358 अनुच्छेद 19 के बारे में है; अनुच्छेद 359 भाग 3 के अधिकारों को न्यायालय में प्रवर्तित कराने के बारे में।
  • लिखित रूप में मंत्रिमंडल: अनुच्छेद 352(3) के अधीन राष्ट्रपति संघ के मंत्रिमंडल के लिखित रूप में संसूचित विनिश्चय पर कार्य करता है।

नेहा ने लिखा: "अनुच्छेद 352 के अधीन आपात आंतरिक अशांति के आधार पर घोषित किया जा सकता है।" 44वें संशोधन के बाद से अनुच्छेद 352(1) "आंतरिक अशान्ति" के स्थान पर कौन-से शब्दों का प्रयोग करता है?

A सशस्त्र विद्रोह
B बाह्य आक्रमण
C युद्ध
D वित्तीय स्थायित्व
उत्तर देखें

सही उत्तर: A

अनुच्छेद 352(1) के एक फ़ुटनोट के अनुसार ये शब्द "संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978 की धारा 37 द्वारा" आंतरिक अशान्ति के स्थान पर प्रतिस्थापित किए गए। उनकी जगह रखे गए शब्द हैं "सशस्त्र विद्रोह"।

विकल्प B: बाह्य आक्रमण 44वें संशोधन से पहले भी आधार था और बाद में भी; उसने आंतरिक अशान्ति की जगह नहीं ली।

विकल्प C: युद्ध 44वें संशोधन से पहले भी आधार था और बाद में भी।

विकल्प D: भारत का वित्तीय स्थायित्व या प्रत्यय अनुच्छेद 360 का आधार है, अनुच्छेद 352 का नहीं।

संकेत: नए शब्द हथियारों वाले विद्रोह का नाम लेते हैं।

मिला-जुला अभ्यास

अनुच्छेद 359 के अधीन आदेश अनुच्छेद 21 को नहीं छू सकता। अनुच्छेद 21 किसकी रक्षा करता है?

A प्राण और दैहिक स्वतंत्रता
B वाक्-स्वातंत्र्य और अभिव्यक्ति-स्वातंत्र्य
C विधि के समक्ष समता
D शिक्षा का अधिकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A

अनुच्छेद 21 का शीर्षक है "प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण": "किसी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जाएगा, अन्यथा नहीं"।

विकल्प B: वाक्-स्वातंत्र्य और अभिव्यक्ति-स्वातंत्र्य अनुच्छेद 19(1)(क) है।

विकल्प C: विधि के समक्ष समता अनुच्छेद 14 है।

विकल्प D: शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद 21क है।

संकेत: अनुच्छेद 21 के पहले शब्द हैं "किसी व्यक्ति को उसके प्राण"।

सूत्र और नियम

आपात उपबंध: भाग 18

अनुच्छेद 352
आपात की उद्घोषणा युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह; अनुमोदन एक मास के भीतर
अनुच्छेद 352(3)
उद्घोषणा से पहले संघ के मंत्रिमंडल का विनिश्चय, लिखित रूप में संसूचित
अनुच्छेद 352(5)
अनुमोदन के बाद छह मास तक चलती है यदि वापस न ली जाए; आगे जारी रखी जा सकती है
अनुच्छेद 356
किसी राज्य में सांविधानिक तंत्र का विफल होना राष्ट्रपति शासन (NCERT); अनुमोदन दो मास के भीतर
अनुच्छेद 358
युद्ध या बाह्य आक्रमण पर घोषित आपात के दौरान अनुच्छेद 19 राज्य की शक्ति को निर्बंधित नहीं करता
अनुच्छेद 359
भाग 3 के अधिकारों के लिए न्यायालय को समावेदन के अधिकार का निलंबन अनुच्छेद 20 और 21 कभी नहीं
अनुच्छेद 360
वित्तीय आपात वित्तीय स्थायित्व या प्रत्यय संकट में; अनुमोदन दो मास के भीतर
44वां संशोधन अधिनियम, 1978
अनुच्छेद 352 में आंतरिक अशान्ति के स्थान पर सशस्त्र विद्रोह

यह क्यों काम करता है: संकट में राष्ट्रपति तेज़ी से कार्य करता है, और संसद् को तय समय के भीतर पुष्टि करनी होती है।

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