उद्देशिका: एक वाक्य में पूरा संविधान
उद्देशिका भारत के संविधान की शुरुआत है। एक लंबे वाक्य में यह बताती है कि संविधान कौन देता है, भारत कैसा देश है और हर नागरिक से क्या वादा किया गया है। इस पाठ में आप इसे हिस्सा-दर-हिस्सा पढ़ेंगे और वे शब्द सीखेंगे जिनमें परीक्षा एक अक्षर बदलकर जाल बिछाती है।
पहले अनुमान लगाइए
पाठ पढ़ने से पहले अंदाज़ा लगाइए।
पहले अनुमान लगाइए: उद्देशिका के अनुसार भारत को उसका संविधान कौन देता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
उद्देशिका "हम, भारत के लोग" से शुरू होती है और इन्हीं लोगों के इन शब्दों पर खत्म होती है: "इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं"। आत्मार्पित यानी लोग यह संविधान ख़ुद को सौंपते हैं।
विकल्प B: लोग "अपनी इस संविधान सभा में" यह काम करते हैं, पर संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करने वाले शब्द "हम, भारत के लोग" के हैं।
विकल्प C: भारत शासन अधिनियम, 1935 पहले का कानून था। संविधान के अनुच्छेद 395 ने इसका निरसन कर दिया।
विकल्प D: संसद तो संविधान ही बनाता है (अनुच्छेद 79 के अनुसार संघ के लिए एक संसद होगी)। उद्देशिका में संसद का नाम नहीं है।
संकेत: उद्देशिका के शुरुआती शब्द पढ़िए।
अगर आपने A चुना, तो आपने वह विचार पकड़ लिया जिससे उद्देशिका शुरू होती है: संविधान लोगों से आता है।
रोज़ की एक तस्वीर
एक औपचारिक पत्र की कल्पना कीजिए जिसके अंत में एक वादा लिखा हो।
उद्देशिका एक वादे वाले पत्र की तरह पढ़ी जाती है:
हस्ताक्षर किसके हम, भारत के लोग
लोग संविधान ख़ुद को देते हैं
हम कौन हैं संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
उद्देशिका भारत का परिचय ऐसे देती है
हमारा वादा न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता
हर नागरिक के लिए
पत्र की तारीख 26 नवंबर 1949
उद्देशिका के अनुसार इसी दिन संविधान अंगीकृत हुआ
पत्र की तरह उद्देशिका में भी एक हस्ताक्षर करने वाला, एक परिचय, वादों की सूची और एक तारीख है।
देखिए: उद्देशिका, हिस्सा-दर-हिस्सा
| हिस्सा | उद्देशिका के शब्द |
|---|---|
| कौन देता है | हम, भारत के लोग |
| भारत क्या है | संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य |
| क्या वादा है | सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता; प्रतिष्ठा और अवसर की समता; व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता |
| कब अंगीकृत हुआ | 26 नवंबर 1949, संविधान सभा में |
उद्देशिका को टुकड़ों में पढ़िए:
- कौन: हम, भारत के लोग।
- भारत क्या है: संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक, गणराज्य, हमेशा इसी क्रम में।
- क्या वादा है: न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता, हर एक के साथ उसके अपने शब्द।
- कब: 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत।
कागज़ पर करके देखिए। दूसरे टुकड़े के शब्दों का पहला हिस्सा लिखिए: प्रभु, समाज, पंथ, लोक, गण। इसे तीन बार बोलिए, फिर पन्ना ढककर पूरे शब्द लिखिए।
नियम खोजिए
तीन छोटे प्रश्न। हर प्रश्न एक सटीक वाक्यांश पक्का करता है।
उद्देशिका में "प्रतिष्ठा और अवसर" किस आदर्श के साथ आते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
उद्देशिका कहती है: "प्रतिष्ठा और अवसर की समता"।
विकल्प B: स्वतंत्रता के साथ आते हैं विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना।
विकल्प C: न्याय के साथ आते हैं सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक।
विकल्प D: बंधुता के साथ आती है व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता।
संकेत: प्रतिष्ठा और अवसर बराबरी की बातें हैं।
उद्देशिका कई बातों की स्वतंत्रता का वादा करती है। इनमें से कौन-सी उस सूची में नहीं है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C
पूरी सूची है "विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता"। वृत्ति (पेशा) इसमें नहीं है। कोई भी वृत्ति अपनाने की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19 में है, मौलिक अधिकारों के बीच।
विकल्प A: विचार स्वतंत्रता की सूची का पहला शब्द है।
विकल्प B: विश्वास सूची में है: विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना।
विकल्प D: उपासना स्वतंत्रता की सूची का अंतिम शब्द है।
संकेत: उद्देशिका की स्वतंत्रताएँ मन और आस्था की हैं।
उद्देशिका भारत का वर्णन किस क्रम में करती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
उद्देशिका में लिखा है "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य"। याद रखने का तरीका: प्रभु, समाज, पंथ, लोक, गण।
विकल्प B: शब्द सही हैं, पर लोकतंत्रात्मक, समाजवादी और पंथनिरपेक्ष के बाद आता है, पहले नहीं।
विकल्प C: शब्द सही हैं, पर संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न सबसे पहले आता है।
विकल्प D: शब्द सही हैं, पर समाजवादी, पंथनिरपेक्ष से पहले आता है।
संकेत: प्रभु, समाज, पंथ, लोक, गण।
नाम दीजिए: कौन, क्या, किसलिए, कब
नियम: उद्देशिका बताती है कि संविधान कौन देता है (लोग), भारत क्या है (संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य), क्या वादा है (न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता) और यह कब अंगीकृत हुआ (26 नवंबर 1949)।
NCERT बताती है कि उद्देशिका एक बहुत विनम्र दावा करती है: संविधान किन्हीं महान लोगों ने नहीं दिया, बल्कि इसे "हम, भारत के लोग" ने तैयार और अंगीकृत किया। बनाने वाले ख़ुद लोग हैं।
हल किया हुआ, अधूरा, फिर खुद
आज आप जो उद्देशिका पढ़ते हैं, वह शब्दशः 1949 वाली नहीं है। उसके फ़ुटनोट बताते हैं कि क्या बदला।
प्रश्न
42वें संशोधन ने उद्देशिका में कौन-से शब्द जोड़े?
हल
- उद्देशिका का फ़ुटनोट 1 पढ़िए
संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 ने ये शब्द "प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" के स्थान पर रखे: वही 1949 में लिखे शब्द थे।
- आज के शब्दों से मिलाइए
आज लिखा है "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य", यानी समाजवादी और पंथनिरपेक्ष 42वें संशोधन ने जोड़े।
- फ़ुटनोट 2 भी ऐसे ही पढ़िए
"राष्ट्र की एकता" की जगह अब "राष्ट्र की एकता और अखंडता" है: अखंडता भी 42वें संशोधन ने जोड़ी।
उत्तर: समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता, 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 से।
ध्यान दें: प्रभुत्व-संपन्न, लोकतंत्रात्मक और गणराज्य 1949 से ही थे; केवल 42वें संशोधन वाले शब्द बाद के हैं।
अब एक अधूरा प्रश्न पूरा कीजिए।
अधूरा हल: फ़ुटनोट 1 कहता है कि 42वें संशोधन ने "प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" की जगह नए शब्द रखे; ये 1949 के शब्द थे। इनमें से कौन-सा शब्द 1949 की उद्देशिका में नहीं था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C
1949 के शब्द थे "प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य"। पंथनिरपेक्ष (और समाजवादी) 42वें संशोधन ने जोड़ा।
विकल्प A: प्रभुत्व-संपन्न 1949 के शब्दों "प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" में है।
विकल्प B: लोकतंत्रात्मक 1949 के शब्दों में है।
विकल्प D: गणराज्य 1949 के शब्दों में है।
संकेत: "प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" में जो शब्द मिल जाए, उसे काटते जाइए।
और एक प्रश्न ख़ुद हल कीजिए।
उद्देशिका में समाजवादी और पंथनिरपेक्ष जोड़ने वाला 42वाँ संशोधन अधिनियम किस वर्ष बना?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
उद्देशिका का फ़ुटनोट 1 संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 का नाम लेता है। 42वें संशोधन के ये बदलाव 3 जनवरी 1977 से लागू हुए।
विकल्प B: 1978 तो 44वें संशोधन अधिनियम का वर्ष है, यह दूसरा संशोधन है।
विकल्प C: 1950 में संविधान लागू हुआ था; तब कोई 42वाँ संशोधन नहीं था।
विकल्प D: 2002 तो 86वें संशोधन अधिनियम का वर्ष है।
संकेत: 42वें संशोधन का वर्ष उद्देशिका के अपने फ़ुटनोट में लिखा है।
जाल जिनमें अंक कटते हैं
- लोगों की जगह सभा: उद्देशिका में संविधान देने वाले "हम, भारत के लोग" हैं; संविधान सभा तो वह जगह है जहाँ उन्होंने इसे अंगीकृत किया।
- क्रम: संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य। लोकतंत्रात्मक कभी समाजवादी से पहले नहीं आता।
- 1976 की जगह 1949: समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 से आए, 1949 में नहीं।
- वृत्ति की स्वतंत्रता: उद्देशिका की स्वतंत्रता विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की है; वृत्ति (पेशा) की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19 में है।
- आदर्श बदल देना: समता प्रतिष्ठा और अवसर की है; स्वतंत्रता विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की है।
मीना ने लिखा: "उद्देशिका विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की समता का वादा करती है।" उसे कौन-सा आदर्श लिखना चाहिए था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
उद्देशिका कहती है "विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता"। उद्देशिका में समता प्रतिष्ठा और अवसर की है।
विकल्प B: यही तो मीना ने लिखा। उद्देशिका में समता के साथ प्रतिष्ठा और अवसर आते हैं।
विकल्प C: न्याय के साथ सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक आते हैं।
विकल्प D: बंधुता के साथ व्यक्ति की गरिमा आती है।
संकेत: विचार, विश्वास और उपासना मन की आज़ादी की बातें हैं।
मिला-जुला अभ्यास
उद्देशिका के आदर्श स्वतंत्रता, समता और बंधुता उन विचारों से मेल खाते हैं जो किस देश के संविधान से लिए गए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
NCERT की तालिका में स्वतंत्रता, समता और बंधुता के सिद्धांत फ्रांस के संविधान के नीचे हैं (पाठ 1)।
विकल्प B: आयरलैंड के संविधान से राज्य की नीति के निदेशक तत्व लिए गए।
विकल्प C: अमेरिका के संविधान से मौलिक अधिकारों का चार्टर लिया गया।
विकल्प D: कनाडा के संविधान से अवशिष्ट शक्तियों का विचार लिया गया।
संकेत: पाठ 1 की उधार लिए विचारों वाली तालिका याद कीजिए।
सूत्र और नियम
उद्देशिका
- कौन देता है
- हम, भारत के लोग "इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं"
- भारत क्या है
- संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य याद रखें: प्रभु, समाज, पंथ, लोक, गण
- न्याय
- सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय सबसे पहले
- स्वतंत्रता
- विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की वृत्ति (पेशा) नहीं
- समता
- प्रतिष्ठा और अवसर की केवल ये दो
- बंधुता
- व्यक्ति की गरिमा; राष्ट्र की एकता और अखंडता अखंडता 1976 में जुड़ी
- अंगीकृत
- 26 नवंबर 1949 उद्देशिका के अंत में लिखा
- बाद में जुड़े
- समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता 42वाँ संशोधन अधिनियम, 1976
यह क्यों काम करता है: एक वाक्य, कुछ टुकड़े। कौन, भारत क्या है, क्या वादा, कब।
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