राज्य की नीति के निदेशक तत्व (अनुच्छेद 36 से 51)
संविधान के भाग 4 में, अनुच्छेद 36 से 51 तक, राज्य की नीति के निदेशक तत्व हैं (छोटा नाम: नीति निदेशक तत्व)। अनुच्छेद 37 कहता है कि ये "किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे", और उसी वाक्य में इन्हें "देश के शासन में मूलभूत" भी कहता है। इस पाठ में आप जानेंगे कि नीति निदेशक तत्वों में क्या है, ये मौलिक अधिकारों से कैसे अलग हैं, और कौन-सा अनुच्छेद किस बारे में है।
पहले अनुमान लगाइए
संविधान के कुछ लक्ष्य ऐसे अधिकार हैं जिन्हें लेकर आप न्यायालय जा सकते हैं; कुछ राज्य के लिए दिशा-निर्देश हैं। अनुमान लगाइए कि यह किस ओर है।
पहले अनुमान लगाइए: इनमें से कौन-सा भाग 4 का नीति निदेशक तत्व है, मौलिक अधिकार नहीं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
"नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता" अनुच्छेद 44 का शीर्षक है, जो भाग 4, राज्य की नीति के निदेशक तत्व, में है।
विकल्प B: अस्पृश्यता का अंत अनुच्छेद 17 है, भाग 3 का मौलिक अधिकार।
विकल्प C: छह से चौदह वर्ष के बालकों का शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद 21क है, भाग 3 का मौलिक अधिकार।
विकल्प D: अंतःकरण की स्वतंत्रता अनुच्छेद 25 है, भाग 3 का मौलिक अधिकार।
संकेत: इनमें से तीन भाग 3 में हैं। कौन-सा राज्य के लिए दिशा-निर्देश है?
रोज़ की एक तस्वीर
एक स्कूल की कल्पना कीजिए जिसकी एक नियम-पुस्तिका है और एक लक्ष्य-पट्ट।
मौलिक अधिकार और नीति निदेशक तत्व स्कूल की नियम-पुस्तिका और लक्ष्य-पट्ट जैसे हैं:
नियम-पुस्तिका भाग 3, मौलिक अधिकार
टूटे अधिकार के लिए उच्चतम न्यायालय जा सकते हैं (अनुच्छेद 32)
लक्ष्य-पट्ट भाग 4, नीति निदेशक तत्व
"किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे" (अनुच्छेद 37), पर हर नया नियम इन्हीं के हिसाब से बने
इस तस्वीर की एक सीमा है: स्कूल अपने पट्ट से कोई लक्ष्य हटा सकता है। नीति निदेशक तत्व संविधान में बने रहते हैं, और अनुच्छेद 37 के अनुसार विधि बनाने में इन्हें लागू करना "राज्य का कर्तव्य" है।
देखिए: भाग 4 में क्या है
NCERT के अनुसार नीति निदेशक तत्वों के अध्याय में मुख्य रूप से तीन प्रकार की बातें हैं: लक्ष्य, मौलिक अधिकारों के अलावा कुछ अधिकार, और कुछ नीतियाँ। संविधान की विषय सूची के शीर्षकों से मिलाकर:
| NCERT का प्रकार | उदाहरण | अनुच्छेद (विषय सूची का शीर्षक) |
|---|---|---|
| लक्ष्य | लोक कल्याण; अंतरराष्ट्रीय शांति | 38 (लोक कल्याण की अभिवृद्धि); 51 (अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि) |
| ऐसे अधिकार जिन्हें न्यायालय लागू नहीं कराते | काम पाने का अधिकार; प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा | 41 (काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार); 45 (छह वर्ष से कम आयु के बालकों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा) |
| नीतियाँ | एक समान सिविल संहिता; ग्राम पंचायतें | 44 (नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता); 40 (ग्राम पंचायतों का संगठन) |
अनुच्छेद 39क (समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता) और अनुच्छेद 48क (पर्यावरण, वन और वन्य जीव) 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 से जोड़े गए। अनुच्छेद 45 को 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 ने प्रतिस्थापित किया।
अनुच्छेद 21क, एक मौलिक अधिकार, छह से चौदह वर्ष के बालकों के लिए है। अनुच्छेद 45, एक नीति निदेशक तत्व, राज्य से कहता है कि वह सभी बालकों के लिए "छह वर्ष की आयु पूरी करने तक" प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा का उपबंध करने का प्रयास करे।
नियम खोजिए
भाग 4 पर तीन छोटे प्रश्न।
कौन-सा अनुच्छेद कहता है कि भाग 4 के उपबंध "किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे"?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
अनुच्छेद 37: "इस भाग में अंतर्विष्ट उपबंध किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे किंतु फिर भी इनमें अधिकथित तत्त्व देश के शासन में मूलभूत हैं"।
विकल्प B: अनुच्छेद 36 परिभाषा है: यह बताता है कि भाग 4 में "राज्य" का क्या अर्थ है।
विकल्प C: अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उच्चतम न्यायालय में जाने का अधिकार है।
विकल्प D: अनुच्छेद 13 मौलिक अधिकारों से असंगत विधियों को शून्य करता है।
संकेत: यह अनुच्छेद 36 की परिभाषा के ठीक बाद आता है।
कौन-सा अनुच्छेद राज्य से नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता प्राप्त कराने का प्रयास करने को कहता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
अनुच्छेद 44: "राज्य, भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता प्राप्त कराने का प्रयास करेगा"।
विकल्प B: अनुच्छेद 45 छह वर्ष से कम आयु के बालकों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा है।
विकल्प C: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों का संगठन है।
विकल्प D: अनुच्छेद 48क पर्यावरण का संरक्षण तथा संवर्धन और वन तथा वन्य जीवों की रक्षा है।
संकेत: इसके शीर्षक की शुरुआत "नागरिकों के लिए" से होती है।
कौन-सा अनुच्छेद राज्य से ग्राम पंचायतों का संगठन करने को कहता है, ताकि वे स्वायत्त शासन की इकाइयों की तरह काम कर सकें?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B
अनुच्छेद 40: "राज्य ग्राम पंचायतों का संगठन करने के लिए कदम उठाएगा और उनको ऐसी शक्तियां और प्राधिकार प्रदान करेगा जो उन्हें स्वायत्त शासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक हों"।
विकल्प A: अनुच्छेद 43 कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी के बारे में है।
विकल्प C: अनुच्छेद 48 कृषि और पशुपालन का संगठन है।
विकल्प D: अनुच्छेद 50 कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण है।
संकेत: पंचायतें भाग 4 में जल्दी आती हैं, समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता के ठीक बाद।
नाम दीजिए: न्यायालय के आदेश नहीं, राज्य के लिए दिशा
NCERT इस अंतर को एक पंक्ति में कहती है: मौलिक अधिकार सरकार को कुछ काम करने से रोकते हैं, जबकि नीति निदेशक तत्व सरकार को कुछ काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। NCERT के अनुसार नीति निदेशक तत्व वाद-योग्य नहीं हैं, यानी संविधान के ऐसे हिस्से जिन्हें न्यायपालिका लागू नहीं करा सकती।
नियम: भाग 4, अनुच्छेद 36 से 51, राज्य को बताता है कि उसे किस ओर बढ़ना है। कोई न्यायालय इसे लागू नहीं करा सकता (अनुच्छेद 37), फिर भी इसके तत्त्व "देश के शासन में मूलभूत हैं" और विधि बनाने में इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य है।
NCERT की उधार ली गई विशेषताओं वाली तालिका में नीति निदेशक तत्वों के सामने आयरलैंड का संविधान लिखा है।
हल किया हुआ, अधूरा, फिर खुद
प्रश्न
तीन लक्ष्य छाँटिए: छह से चौदह वर्ष के बालकों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा, छह वर्ष से कम बालकों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख, और निःशुल्क विधिक सहायता। इनमें से किसे न्यायालय लागू करा सकता है?
हल
- हर लक्ष्य का अनुच्छेद खोजिए
अनुच्छेद 21क (छह से चौदह वर्ष), अनुच्छेद 45 (छह वर्ष से कम) और अनुच्छेद 39क (निःशुल्क विधिक सहायता)।
- हर अनुच्छेद का भाग देखिए
अनुच्छेद 21क भाग 3 में है; अनुच्छेद 45 और 39क भाग 4 में।
- अनुच्छेद 37 लगाइए
भाग 4 के उपबंध "किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे"; भाग 3 के अधिकारों के लिए अनुच्छेद 32 के अधीन उच्चतम न्यायालय जा सकते हैं।
उत्तर: केवल छह से चौदह वर्ष के बालकों की शिक्षा (अनुच्छेद 21क) को न्यायालय लागू करा सकता है; अनुच्छेद 45 और 39क नीति निदेशक तत्व हैं।
ध्यान दें: एक ही विषय, शिक्षा, दोनों भागों में है: अनुच्छेद 21क भाग 3 में और अनुच्छेद 45 भाग 4 में।
अब एक अधूरा प्रश्न पूरा कीजिए।
अधूरा हल: अनुच्छेद 39क के हिंदी फ़ुटनोट में लिखा है: "संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा 8 द्वारा (3-1-1977 से) अंतःस्थापित"। अंतःस्थापित का अर्थ है जोड़ा गया। अनुच्छेद 39क किस संशोधन ने जोड़ा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A
फ़ुटनोट संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 का नाम लेता है; अनुच्छेद 39क उसकी धारा 8 से जोड़ा गया।
विकल्प B: 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने अनुच्छेद 31 को निरसित किया; उसने अनुच्छेद 39क नहीं जोड़ा।
विकल्प C: 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 ने अनुच्छेद 21क जोड़ा और अनुच्छेद 45 को प्रतिस्थापित किया।
विकल्प D: 52वें संशोधन अधिनियम, 1985 ने दसवीं अनुसूची जोड़ी।
संकेत: फ़ुटनोट में कोष्ठक के भीतर लिखा संशोधन पढ़िए।
और एक खुद कीजिए।
इनमें से कौन-सा भाग 4, राज्य की नीति के निदेशक तत्व, में नहीं है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C
उपाधियों का अंत अनुच्छेद 18 है, भाग 3 का मौलिक अधिकार। बाकी तीन अनुच्छेद 49, 43 और 48 हैं, सब भाग 4 में।
विकल्प A: राष्ट्रीय महत्व के संस्मारकों, स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण अनुच्छेद 49 है, भाग 4 में।
विकल्प B: कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी, आदि अनुच्छेद 43 है, भाग 4 में।
विकल्प D: कृषि और पशुपालन का संगठन अनुच्छेद 48 है, भाग 4 में।
संकेत: इनमें से एक ऐसा अधिकार है जो किसी चीज़ का अंत करता है; बाकी राज्य के लिए काम हैं।
जाल जिनमें अंक कटते हैं
- लागू कराने योग्य या नहीं: भाग 4 के उपबंध "किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे" (अनुच्छेद 37); भाग 3 के अधिकार अनुच्छेद 32 के अधीन उच्चतम न्यायालय में लागू कराए जा सकते हैं।
- अनुच्छेद 21क या 45: छह से चौदह वर्ष अनुच्छेद 21क का मौलिक अधिकार है; छह वर्ष से कम अनुच्छेद 45 का नीति निदेशक तत्व है।
- स्रोत: NCERT नीति निदेशक तत्वों को आयरलैंड के संविधान से जोड़ती है, अमेरिका के संविधान से नहीं।
- बाद में जोड़े गए: अनुच्छेद 39क और 48क 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 से आए।
- कम महत्व के नहीं: अनुच्छेद 37 इन्हें "देश के शासन में मूलभूत" कहता है।
नेहा ने लिखा: "नीति निदेशक तत्व अमेरिका के संविधान से लिए गए।" NCERT की तालिका में नीति निदेशक तत्वों के सामने किस देश का संविधान लिखा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C
NCERT की उधार ली गई विशेषताओं वाली तालिका में नीति निदेशक तत्वों के सामने आयरलैंड का संविधान है।
विकल्प A: NCERT अमेरिका के संविधान को मौलिक अधिकारों के घोषणा-पत्र के लिए लिखती है।
विकल्प B: NCERT ब्रिटेन के संविधान को सर्वाधिक मत से जीत वाली चुनाव प्रणाली जैसी विशेषताओं के लिए लिखती है।
विकल्प D: NCERT कनाडा के संविधान को अर्ध-संघीय सरकार के लिए लिखती है।
संकेत: वह देश सोचिए जिसे NCERT भाग 4 के लिए लिखती है, भाग 3 के लिए नहीं।
मिला-जुला अभ्यास
राज्य की नीति के निदेशक तत्व संविधान के किस भाग में हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D
संविधान की विषय सूची में भाग 4 का शीर्षक "राज्य की नीति के निदेशक तत्व" है, और यह अनुच्छेद 36 से शुरू होता है।
विकल्प A: भाग 3 मौलिक अधिकार है।
विकल्प B: भाग 4क मौलिक कर्तव्य है, अनुच्छेद 51क।
विकल्प C: भाग 5 संघ है।
संकेत: यह मौलिक अधिकारों के ठीक बाद आता है।
सूत्र और नियम
राज्य की नीति के निदेशक तत्व: भाग 4, अनुच्छेद 36 से 51
- अनुच्छेद 37
- किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं फिर भी शासन में मूलभूत; विधि बनाने में लागू करना राज्य का कर्तव्य
- अनुच्छेद 38
- लक्ष्य लोक कल्याण के लिए सामाजिक व्यवस्था
- अनुच्छेद 39क
- समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 से जोड़ा गया
- अनुच्छेद 40
- ग्राम पंचायतें स्वायत्त शासन की इकाइयाँ
- अनुच्छेद 41
- काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार कुछ दशाओं में
- अनुच्छेद 44
- एक समान सिविल संहिता नागरिकों के लिए, पूरे भारत में
- अनुच्छेद 45
- प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा छह वर्ष की आयु पूरी करने तक; 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 से प्रतिस्थापित
- अनुच्छेद 48क
- पर्यावरण, वन और वन्य जीव 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 से जोड़ा गया
- अनुच्छेद 50
- कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण राज्य की लोक सेवाओं में
- अनुच्छेद 51
- अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा एक लक्ष्य
- NCERT
- मौलिक अधिकार रोकते हैं; नीति निदेशक तत्व प्रेरित करते हैं NCERT का बताया स्रोत: आयरलैंड का संविधान
यह क्यों काम करता है: भाग 3 राज्य को बताता है कि वह किसी व्यक्ति के साथ क्या नहीं कर सकता; भाग 4 बताता है कि उसे सबके लिए किस ओर काम करना है।
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