पदार्थ, परमाणु और रासायनिक परिवर्तन: समेकित पुनरावलोकन
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पदार्थ, सूत्र, परमाणु संरचना और अभिक्रियाओं को जोड़ने वाले अंतर इन 24 मौलिक प्रश्नों से जाँचें। विषयों को मिलाकर रखा है, ताकि गणना से पहले सही विचार चुनना पड़े। हर प्रश्न की बताई दशाओं में एक निश्चित सही उत्तर है।
यह निःशुल्क, बिना समय-सीमा का सीखने वाला अभ्यास है। सही उत्तर पर +1 और गलत या छोड़े गए उत्तर पर 0 अंक हैं; ऋणात्मक अंकन नहीं है। उत्तीर्ण होने की अनिवार्य सीमा नहीं रखी गई। कुल 24 अलग सीखने वाले निर्णयों से तय हैं; यह RRB रसायन-विज्ञान के प्रश्न-भार का अनुमान या पूरा CBT अभ्यास नहीं। अंग्रेज़ी और हिंदी उन्हीं 24 प्रश्नों के दो रूप हैं, 48 अलग प्रश्न नहीं।
व्याख्याएँ पढ़ने से पहले प्रश्न हल करें। फिर बताएँ कि चुना उत्तर क्यों सही और दूसरे विकल्प क्यों गलत हैं। कारण समझे बिना सही अनुमान लगना बताता है कि क्या फिर पढ़ना चाहिए। कोई अंतर समझने में गलती हो, तो फिर प्रयास करने से पहले इस मॉड्यूल का संबंधित शिक्षण-पाठ दोबारा पढ़ें।
जरूरी द्रव्यमान, आयन-आवेश और अपरिचित अभिक्रियाशीलता/विलेयता की जानकारी दी गई है। जहाँ बताया है, वहीं पहले 18 तत्वों के उदासीन परमाणुओं का कोश-मॉडल लें। औसत परमाणु द्रव्यमान का अर्थ पूछा गया है, पर सांद्रता-प्रतिशत और भारित औसत की गणना नहीं। वैकल्पिक इलेक्ट्रॉन-हिसाब भी नहीं पूछा गया। कोई प्रश्न रसायन चखने, सूँघने, मिलाने, गर्म करने, गैस बनाने या पदार्थ संभालने को नहीं कहता।
चित्र CFREV-V01. प्रश्न के अनुरूप जाँच चुनें
| क्या पूछा है? | कौन-सी जाँच करें? |
|---|---|
| अवस्था या संघटन? | अवस्था को तत्व/यौगिक/मिश्रण से अलग करें |
| सूत्र या कण? | पूरा समूह, अधोलिखित अंक, आवेश और गुणांक पढ़ें |
| तत्व, समस्थानिक या आवेश? | प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन अलग गिनें |
| परमाणु द्रव्यमान या द्रव्यमान संख्या? | औसत/मापे द्रव्यमान को पूर्णांक न्यूक्लिऑन-गिनती से अलग करें |
| अभिक्रिया या प्रेक्षण? | पदार्थ की पहचान, स्थिर सूत्र, परमाणु-हिसाब और दी दशाएँ लें |
| अभिक्रिया के कई नाम? | पूछें कि नाम संरचना, ऊर्जा, अवक्षेपण या रेडॉक्स में से क्या बताते हैं |
प्रश्न
- दो नमूने शुद्ध हीलियम गैस और शुद्ध द्रव जल H₂O बताए गए हैं। कौन-सा कथन संघटन को भौतिक अवस्था से सही अलग करता है?
A. दोनों शुद्ध हैं, इसलिए दोनों तत्व हैं B. H₂O में दो अलग तत्व-प्रतीक हैं, इसलिए जल मिश्रण है C. हीलियम तत्व और जल यौगिक है; गैस या द्रव होना अलग वर्गीकरण है D. दोनों में बहुत कण हैं, इसलिए दोनों मिश्रण हैं
- लिखा कण CO₃²⁻ क्या दर्शाता है?
A. एक बहुपरमाणुक आयन, जिसमें एक C और तीन O परमाणु हैं तथा पूरे समूह पर कुल −2 आवेश है B. एक उदासीन अणु, जिसमें एक C और तीन O परमाणु हैं C. दो कार्बन और तीन ऑक्सीजन परमाणु, प्रत्येक पर −1 आवेश D. तीन अलग ऑक्साइड आयन, जिनमें कार्बन परमाणु नहीं है
- एक कण में 12 प्रोटॉन, 13 न्यूट्रॉन और 10 इलेक्ट्रॉन हैं। कौन-सा अभिलेख सही है?
A. Z = 10, A = 23, उदासीन B. Z = 12, A = 35, आवेश +2 C. Z = 12, A = 25, आवेश −2 D. Z = 12, A = 25, आवेश +2
- काँच की प्लेट टुकड़ों में टूट जाती है। विवरण स्पष्ट कहता है कि कोई नया रासायनिक पदार्थ नहीं बना। कौन-सा निष्कर्ष उचित है?
A. मूल प्लेट जोड़ना कठिन है, इसलिए परिवर्तन रासायनिक है B. इस विवरण में परिवर्तन भौतिक है; उलटना कठिन होना परिभाषा की कसौटी नहीं C. ठोस टूटने पर नया तत्व बनता है, इसलिए परिवर्तन रासायनिक है D. रासायनिक पदार्थ वही रहा, इसलिए कोई परिवर्तन हुआ ही नहीं
- सूखे मिश्रण में चुंबक से आकर्षित होने वाली धातु-क्लिप और आकर्षित न होने वाले प्लास्टिक के दाने हैं। विधि-कार्ड बताता है कि चुंबकीय पृथक्करण चुंबकीय प्रतिक्रिया के अंतर का उपयोग करता है। कौन-सा चयन दिए गुण का सही उपयोग करता है?
A. अलग चुंबकीय प्रतिक्रिया के कारण चुंबकीय पृथक्करण क्लिप चुन सकता है B. द्रव के बिना भी साधारण निस्यंदन किसी भी दो ठोसों को अवश्य अलग करता है C. प्लास्टिक हमेशा वाष्पशील है, इसलिए वाष्पीकरण इन्हें अवश्य अलग करता है D. केवल रंग अलग होने के कारण क्रोमैटोग्राफी इन्हें अवश्य अलग करती है
- दिए आयन Zn²⁺ और S²⁻ लें। कौन-सा उदासीन सूत्र उनका सबसे छोटा पूर्णांक अनुपात देता है?
A. Zn₂S₂ B. ZnS₂ C. ZnS D. Zn₂S
- कण 1, ³⁶₁₈Ar है; कण 2, ³⁸₁₈Ar है; कण 3, ³⁶₁₆S है। ऊपर-बाएँ A और नीचे-बाएँ Z हैं। कौन-सी जोड़ी सही है?
A. 1 और 2 समभारिक; 1 और 3 समस्थानिक हैं B. 1 और 2 समस्थानिक; 1 और 3 समभारिक हैं C. दो का A = 36 है, इसलिए तीनों एक तत्व हैं D. द्रव्यमान संख्याएँ पास हैं, इसलिए 2 और 3 समस्थानिक हैं
- उपयुक्त दशाओं में दी सही अभिक्रिया N₂ + H₂ → NH₃ के लिए इसी क्रम में सबसे छोटे धन पूर्णांक गुणांक कौन-से हैं?
A. 1, 1, 1 B. 2, 3, 1 C. 1, 3, 2 D. 1, 2, 2
- शुद्ध जल-वाष्प बिना रासायनिक अभिक्रिया के द्रव जल में संघनित होती है। मॉडल में कौन-सा परिवर्तन उपयुक्त है?
A. H₂O समूह अलग H₂ और O₂ अणु बन जाते हैं B. हर H₂O समूह बड़ा होकर अलग प्रकार का कण बनता है C. गैस द्रव बनी, इसलिए सभी कणों की गति रुक जाती है D. H₂O समूहों की पहचान वही रहती है, जबकि व्यवस्था और गति बदलती हैं
- 2(NH₄)₂CO₃ में कितने N, H, C और O परमाणु दर्शाए गए हैं?
A. N = 2, H = 8, C = 1, O = 3 B. N = 4, H = 16, C = 2, O = 6 C. N = 4, H = 8, C = 2, O = 6 D. N = 4, H = 16, C = 2, O = 3
- एक उदासीन परमाणु का Z = 15 है। पहले 18 तत्वों के पढ़ाए गए कोश-मॉडल में कौन-सा विवरण विन्यास, बाहरी इलेक्ट्रॉन-संख्या और सरल अष्टक-पूर्ति संयोजकता सही देता है?
A. 2, 8, 5; पाँच बाहरी इलेक्ट्रॉन; सरल संयोजकता 3 B. 2, 8, 5; पाँच बाहरी इलेक्ट्रॉन; सरल संयोजकता 5 C. 2, 5, 8; आठ बाहरी इलेक्ट्रॉन; सरल संयोजकता 0 D. 2, 8, 3; तीन बाहरी इलेक्ट्रॉन; सरल संयोजकता 3
- दर्ज खुले अभिक्रिया-तंत्र का द्रव्यमान 68.5 g से 70.1 g होता है। दिए विवरण में केवल ऑक्सीजन अंदर आती है और कोई पदार्थ बाहर नहीं जाता। कौन-सी व्याख्या संरक्षण का पालन करती है?
A. 1.6 g पदार्थ बिना किसी स्रोत के बन गया B. ऑक्सीजन का द्रव्यमान नहीं, इसलिए वृद्धि उससे संबंधित नहीं C. मापे तंत्र में 1.6 g ऑक्सीजन आई; पूरे हिसाब में यह आया पदार्थ शामिल है D. संरक्षण के लिए हर खुले-तंत्र का पाठ्यांक स्थिर होना चाहिए
- R और T स्कूल की आदर्शीकृत तुलना में ज्ञात मिश्रण हैं। 20 मिनट बाद R में तलछट दिखता है, वह साधारण फिल्टर पेपर में रुकता और प्रकाश का प्रकीर्णन करता है। T नहीं बैठता, पेपर से गुजरता और बताए परीक्षण में दिखाई देने वाला प्रकाश-पथ नहीं देता। कौन-सी व्याख्या समर्थित है?
A. प्रकाश प्रकीर्णित करता है, इसलिए R केवल इसी आधार पर अवश्य कोलॉइड है B. प्रकाश-पथ नहीं दिखता, इसलिए T अवश्य शुद्ध है C. दोनों में द्रव होने के कारण R और T अवश्य विलयन हैं D. R निलंबन और T विलयन के अनुरूप है; R यह भी दिखाता है कि केवल प्रकीर्णन कोलॉइड की कसौटी नहीं
- यहाँ अमोनिया को अलग NH₃ अणुओं के रूप में बताया है। दिए गोलित द्रव्यमान N = 14 u और H = 1 u से कौन-सा उत्तर सही मान और राशि का नाम दोनों देता है?
A. आयनिक क्रिस्टल के लिए सूत्र इकाई द्रव्यमान 17 u B. आण्विक द्रव्यमान 17 u C. आण्विक द्रव्यमान 15 u D. आण्विक द्रव्यमान 17 g
- Be और N दूसरे आवर्त के उदासीन मुख्य-समूह परमाणु हैं। परमाणु त्रिज्या की तुलनीय परिभाषाओं के साथ आवर्त में आगे की सामान्य प्रवृत्ति लें। कौन-सा कथन उपयुक्त है?
A. परमाणु संख्या अधिक होने के कारण N अवश्य बड़ा है B. इस तुलना में Be सामान्यतः N से बड़ा है; आवर्त में बढ़ते आकर्षण की प्रवृत्ति आकार घटाती है C. दो कोशों में इलेक्ट्रॉन होने के कारण उनकी त्रिज्याएँ अवश्य समान हैं D. बाहरी इलेक्ट्रॉन-संख्या अलग होने के कारण वे एक आवर्त में नहीं हो सकते
- केवल वर्गीकरण के लिए दो सही अभिक्रियाएँ दी हैं: I: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। II: Mg + ZnSO₄ → MgSO₄ + Zn। II में बताई दशाओं में मैग्नीशियम, जिंक से अधिक अभिक्रियाशील दिया है। कौन-सी संरचनात्मक जोड़ी सही है?
A. I संयोजन; II अपघटन B. I द्विविस्थापन; II संयोजन C. I अपघटन; II विस्थापन D. I अवक्षेपण; II दोनों धातु होने से हमेशा असंभव
- वर्णित योजना में विलयन का जल वाष्प बनकर चला जाता है और स्थिर अवाष्पशील घुला ठोस पीछे बचता है। अब लक्ष्य बदलता है: जल भी अलग इकट्ठा चाहिए। कौन-सा वैचारिक बदलाव नए लक्ष्य को पूरा करता है?
A. उपयुक्त आसवन-योजना की तरह वाष्प का संघनन और संग्रह शामिल करें B. वैसा ही विलयन साधारण फिल्टर से निकालें और मान लें कि घुला पदार्थ रुक गया C. घटकों के चुंबकीय गुण देखे बिना चुंबक लें D. वही खुला वाष्पीकरण रखें और निकली वाष्प को इकट्ठा जल कह दें
- Mg²⁺ और अखंड नाइट्रेट आयन NO₃⁻ दिए हैं। कौन-सा सूत्र उदासीन है और नाइट्रेट समूह सुरक्षित रखता है?
A. Mg₂NO₃ B. MgNO₃ C. Mg₂(NO₃)₂ D. Mg(NO₃)₂
- सारणी में आर्गन का Z = 18 और गोलित औसत परमाणु द्रव्यमान 39.9 u है। विद्यार्थी 39.9 से 18 घटाकर कहता है कि किसी विशेष आर्गन परमाणु में 21.9 न्यूट्रॉन हैं। मुख्य गलती क्या है?
A. न्यूट्रॉन-संख्या = A − Z नियम कभी सही नहीं B. आर्गन गैस है, इसलिए उसमें न्यूट्रॉन नहीं हो सकते C. विद्यार्थी ने समूह के औसत द्रव्यमान को एक समस्थानिक की पूर्णांक द्रव्यमान संख्या A मान लिया D. औसत परमाणु द्रव्यमान केवल आयनों का हो सकता है, परमाणुओं का नहीं
- Fe + O₂ → Fe₂O₃ में दिया उत्पाद आयरन(III) ऑक्साइड ही रहना चाहिए। विद्यार्थी परमाणु बराबर करने के लिए उसे FeO₂ कर देता है। कौन-सी टिप्पणी सही है?
A. Fe₂O₃ स्थिर रखें और गुणांक संतुलित करें: 4Fe + 3O₂ → 2Fe₂O₃ B. परमाणु बराबर हों तो कोई भी सूत्र चल सकता है, इसलिए FeO₂ स्वीकारें C. Fe₂O₃ रखें, पर 2Fe + O₂ → Fe₂O₃ लें; तब सभी गिनतियाँ बराबर हैं D. अधोलिखित अंक बदले बिना दिया समीकरण संतुलित नहीं हो सकता
- दी विलयन-अभिक्रिया AgNO₃(aq) + NaCl(aq) → AgCl(s) + NaNO₃(aq) है। AgCl अविलेय ठोस बनता है, यह बताया गया है। सही विवरण कौन-सा है?
A. संयोजन, क्योंकि केवल एक उत्पाद पदार्थ है B. अपघटन, क्योंकि केवल एक पदार्थ टूटता है C. यौगिकों के बीच आदान-प्रदान के बिना एक तत्व दूसरे को हटाता है D. द्विविस्थापन और अवक्षेपण दोनों लागू हैं
- दी अभिक्रिया का विवरण स्पष्ट कहता है कि समग्र प्रक्रिया परिवेश से ऊष्मा लेती है। केवल इस ऊर्जा-कथन से क्या निष्कर्ष निकलता है?
A. यह ऊष्माक्षेपी है और अवश्य संयोजन है B. यह ऊष्माशोषी है; अकेले इस कथन से संरचनात्मक प्रकार तय नहीं होता C. हर ऊष्मा लेने वाली अभिक्रिया अपघटन है, इसलिए यह अवश्य अपघटन है D. ऊर्जा चाहिए, इसलिए यह रासायनिक अभिक्रिया नहीं हो सकती
- दी अभिक्रिया ZnO + C → Zn + CO में ऑक्सीजन-स्थानांतरण से दोनों परिवर्तन पहचानें। कौन-सा विवरण सही है?
A. ZnO ऑक्सीजन खोकर अपचयित; C ऑक्सीजन पाकर ऑक्सीकृत होता है B. ZnO ऑक्सीजन खोकर ऑक्सीकृत; C ऑक्सीजन पाकर अपचयित होता है C. ऑक्सीजन सुरक्षित है, इसलिए दोनों अपचयित होते हैं D. दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर हैं, इसलिए कोई रासायनिक परिवर्तन नहीं
- रिपोर्ट ताँबे पर नई हरी संक्षारण-परत और लोहे की फिटिंग पर जंग की पहचान करती है। कौन-सा कथन दैनिक शब्दों का सही उपयोग करता है?
A. हर धातु के संक्षारण-उत्पाद को लोहे की जंग कहना चाहिए B. रंग का उल्लेख है, इसलिए ताँबे का परिवर्तन अवश्य भौतिक है C. दोनों संक्षारण हैं, इसलिए दोनों परतें अवश्य एक यौगिक हैं D. जंग लगना लोहे के संक्षारण का विशेष मामला है; ताँबे का संक्षारण लोहे की जंग होना जरूरी नहीं
उत्तर और हर विकल्प की जाँच
- C. हीलियम तत्व और जल यौगिक है; गैस या द्रव होना अलग वर्गीकरण है
C सही है। शुद्ध पदार्थ तत्व और यौगिक दोनों हो सकते हैं। हीलियम में एक तत्व है; जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन निश्चित संघटन में रासायनिक रूप से जुड़े हैं। A शुद्धता को केवल तत्वों तक सीमित करता है। B रासायनिक रूप से जुड़े घटकों को मिश्रण मानता है। D कणों की संख्या और रासायनिक पदार्थों की संख्या मिलाता है। अवस्था के नाम इन संघटन-वर्गों का फैसला नहीं करते।
- A. एक बहुपरमाणुक आयन, जिसमें एक C और तीन O परमाणु हैं तथा पूरे समूह पर कुल −2 आवेश है
A स्थानों को सही पढ़ता है: C का न लिखा अधोलिखित अंक 1 है, O का 3 है और ऊपर का 2− पूरे कार्बोनेट आयन का आवेश है। B आवेश छोड़ता है। C आवेश-परिमाण को कार्बन का अधोलिखित अंक मानता और अलग आवेश गढ़ता है। D लिखे समूह को तोड़कर कार्बन हटा देता है। परमाणुओं की गिनती और कुल आवेश अलग जानकारी हैं।
- D. Z = 12, A = 25, आवेश +2
D में Z=p = 12, A=p+N = 12 + 13 = 25 और आवेश संख्या p−e = 12 − 10=+2 हैं। A इलेक्ट्रॉन-संख्या से तत्व की पहचान बदलता और आवेश-असमानता छोड़ देता है। B इलेक्ट्रॉनों को A में जोड़ता है। C चिह्न उलटता है: प्रोटॉन से कम इलेक्ट्रॉन होने पर कुल आवेश धन है। इलेक्ट्रॉन-संख्या बदलने पर समस्थानिक की द्रव्यमान संख्या 25 ही रहती है।
- B. इस विवरण में परिवर्तन भौतिक है; उलटना कठिन होना परिभाषा की कसौटी नहीं
B पदार्थ की पहचान वाली दी जानकारी लेता है। वस्तु फिर बनाना कठिन हो, तब भी आकार और माप भौतिक रूप से बदल सकते हैं। A परिभाषा की जगह उत्क्रमणीयता रखता है। C तत्व बदलना गढ़ता है। D रासायनिक न होने के कारण वास्तविक भौतिक परिवर्तन को ही नकारता है। प्रश्न बताए टूटने को वर्गीकृत करता है, हर पदार्थ की हर संभावित सूक्ष्म घटना को नहीं।
- A. अलग चुंबकीय प्रतिक्रिया के कारण चुंबकीय पृथक्करण क्लिप चुन सकता है
A दिए विधि-सिद्धांत को बताए अंतर से जोड़ता है। B जरूरी व्यवस्था या आकार-व्यवहार के बिना सार्वभौमिक छनन-नियम गढ़ता है। C न दी गई वाष्पशीलता मानता है, जो सार्वभौमिक रूप से सही भी नहीं। D रंग को ही पृथक्करण का कारण मानता है; क्रोमैटोग्राफी के लिए संबंधित अलग पारस्परिक क्रियाएँ और उपयुक्त प्रणाली चाहिए। A को उचित ठहराने के लिए अज्ञात रासायनिक अभिक्रिया नहीं चाहिए।
- C. ZnS
C में दोनों प्रकार का एक-एक आयन है: +2 − 2 = 0 और अनुपात 1: 1। A की लिखी गिनती उदासीन है, पर घट सकने वाला अनुपात 2: 2 छोड़ती है। B में +2 − 4=−2 और D में +4 − 2=+2 है। प्रश्न सबसे सरल आयनिक अनुपात का है, स्वतंत्र रूप से दिए आण्विक सूत्र को घटाने का नहीं।
- B. 1 और 2 समस्थानिक; 1 और 3 समभारिक हैं
B सही है। कण 1 और 2 का Z = 18 समान और A अलग है; ये आर्गन के समस्थानिक हैं। कण 1 और 3 का A = 36 समान और Z अलग है; ये समभारिक हैं। A कसौटियाँ उलटता है। C सल्फर की प्रोटॉन-संख्या 16 छोड़ता है। D समान Z की जगह A की निकटता रखता है, जो समस्थानिक की कसौटी नहीं।
- C. 1, 3, 2
C से N₂ + 3H₂ → 2NH₃ मिलता है, जिसमें N 2/2 और H 6/6 हैं। A में N 2/1 और H 2/3 हैं। B में N 4/1 और H 6/3 हैं। D नाइट्रोजन संतुलित करता है, पर H 4/6 छोड़ता है। N₂, H₂ और NH₃ सूत्र स्थिर हैं; केवल गुणांक बदलते हैं। यह संख्यात्मक व्याख्या अमोनिया बनाने का निर्देश नहीं।
- D. H₂O समूहों की पहचान वही रहती है, जबकि व्यवस्था और गति बदलती हैं
D भौतिक अवस्था-परिवर्तन का मॉडल है। A पदार्थों को तोड़कर नए पदार्थ बनाता है, जिसे विवरण ने बाहर रखा है। B पूरे पदार्थ की अवस्था के व्यवहार को कण की नई पहचान बनने से मिलाता है। C द्रव में कणों की गति गलत तरीके से समाप्त करता है। प्रतिनिधि चित्र में जल-समूह अखंड रहें; उसे मापानुसार फोटो न समझें।
- B. N = 4, H = 16, C = 2, O = 6
B सही है। एक (NH₄)₂CO₃ इकाई N = 2, H = 8, C = 1, O = 3 दर्शाती है। बाहर का गुणांक 2 हर गिनती दुगुनी कर N = 4, H = 16, C = 2, O = 6 देता है। A बाहर का गुणांक छोड़ता है। C NH₄ समूह का गुणक चारों H पर नहीं लगाता। D दूसरे योग दुगुने करता है, पर ऑक्सीजन नहीं। ये दर्शाए परमाणुओं की गिनती है, आयनिक ठोस के अलग आण्विक पैकेट नहीं।
- A. 2, 8, 5; पाँच बाहरी इलेक्ट्रॉन; सरल संयोजकता 3
A में 15 इलेक्ट्रॉन 2 + 8 + 5 के रूप में रहते हैं। बाहरी गिनती 5 है; शुरुआती मॉडल में आठ पूरे करने के लिए तीन और चाहिए। B बाहरी इलेक्ट्रॉन-संख्या को संयोजकता के बराबर मानता है। C पढ़ाई सीमा का गलत विन्यास लेता है। D में कुल 13 इलेक्ट्रॉन हैं, 15 नहीं। सरल मॉडल यह दावा नहीं करता कि तत्व की हर यौगिक में केवल एक ही संभव संयोजकता है।
- C. मापे तंत्र में 1.6 g ऑक्सीजन आई; पूरे हिसाब में यह आया पदार्थ शामिल है
C सही है: 70.1 − 68.5 = 1.6 g। ऑक्सीजन पहले मापी सीमा के बाहर थी और बाद में शामिल हुई। A पदार्थ के इस दिए स्रोत को छोड़ता है। B गैस का द्रव्यमान नकारता है। D बंद हिसाब का निष्कर्ष खुले उपतंत्र पर लगाता है। बढ़े पाठ्यांक से द्रव्यमान उत्पन्न होने का निष्कर्ष नहीं निकलता।
- D. R निलंबन और T विलयन के अनुरूप है; R यह भी दिखाता है कि केवल प्रकीर्णन कोलॉइड की कसौटी नहीं
D बैठने, साधारण निस्यंदन और प्रकाश-परीक्षण को साथ लेता है। A मोटे निलंबन के साक्ष्य छोड़कर प्रकीर्णन को अनूठा मानता है। B ज्ञात मिश्रण की शर्त के विरुद्ध है और अकेले प्रेक्षण से बड़ा दावा करता है। C, R का तलछट और रुके कण छोड़ता है। वर्गीकरण दी तुलना की दशाओं का है, हर वास्तविक नमूने या फिल्टर का असीमित दावा नहीं।
- B. आण्विक द्रव्यमान 17 u
B सही है: दिए अणु के लिए 14 + 3 × 1 = 17 u। A गलत संरचनात्मक विवरण और राशि का नाम लेता है। C हाइड्रोजन केवल एक बार गिनता है। D, u की संख्या बिना रूपांतरण ग्राम में लिखता है। सही रूपांतरण के बाद एक कण का द्रव्यमान ग्राम में लिख सकते हैं, पर 17 u, 17 g नहीं है।
- B. इस तुलना में Be सामान्यतः N से बड़ा है; आवर्त में बढ़ते आकर्षण की प्रवृत्ति आकार घटाती है
B पढ़ाई हुई सीमित मुख्य-समूह प्रवृत्ति है: दूसरे आवर्त में बढ़ते प्रोटॉन और उसी मुख्य बाहरी कोश में जुड़ते इलेक्ट्रॉन के साथ तुलनीय परमाणु आकार सामान्यतः घटता है। A अधिक परमाणु संख्या से उलटी आकार-दिशा निकालता है। C समान कोश-संख्या को समान त्रिज्या मानता है। D आवर्त की कसौटी को समान बाहरी इलेक्ट्रॉन-संख्या से मिलाता है। हर त्रिज्या-परिभाषा, संक्रमण तत्व या अभिक्रियाशीलता का सार्वभौमिक नियम नहीं दिया गया।
- C. I अपघटन; II विस्थापन
C सही है। I में गुणांक 2 होने पर भी अभिकारक पदार्थ एक है और कई उत्पाद पदार्थ बनते हैं: अपघटन। II में दी अभिक्रियाशीलता से मैग्नीशियम जिंक को हटाता है: विस्थापन। A अनुपयुक्त नाम उलटकर लगाता है। B, I में आदान-प्रदान गढ़ता और II के दो उत्पाद छोड़ता है। D के लिए अवक्षेपण-साक्ष्य नहीं दिया तथा वह धातु-विस्थापन को गलत तरीके से असंभव कहता है। गुणांक मात्रा गिनता है, अलग अभिकारक पदार्थों की संख्या नहीं।
- A. उपयुक्त आसवन-योजना की तरह वाष्प का संघनन और संग्रह शामिल करें
A विलायक वापस पाने का छूटा चरण जोड़ता है। B साधारण पेपर द्वारा घुला पदार्थ हटना गलत मानता है। C में संबंधित गुण-अंतर नहीं। D केवल नाम बदलता है, भौतिक संग्रह नहीं; निकल गई वाष्प इकट्ठा नहीं हुई। लक्ष्य बताता है कि यहाँ केवल वाष्पीकरण अपर्याप्त क्यों है। उत्तर किसी प्राप्त जल की पीने-सुरक्षा का दावा नहीं करता।
- D. Mg(NO₃)₂
D में एक Mg²⁺ और दो NO₃⁻ आयन हैं: +2 + 2 × (−1)=0। कोष्ठक पूरे नाइट्रेट को दोहराता है। A में +4 − 1=+3; B में +2 − 1=+1; C में +4 − 2=+2 है। दिए आयनों से कोई उदासीन नहीं। नाइट्रेट को अलग समूह बनाने के बजाय NO₃ का अंदर वाला 3 स्थिर रखें।
- C. विद्यार्थी ने समूह के औसत द्रव्यमान को एक समस्थानिक की पूर्णांक द्रव्यमान संख्या A मान लिया
C राशियों का गलत मेल पहचानता है। न्यूट्रॉन गिनने के लिए विशेष समस्थानिक का A चाहिए, u में औसत नहीं। A सही राशियों के साथ सही नियम को नकारता है। B पदार्थ की अवस्था और नाभिकीय संघटन मिलाता है। D केवल आयनों की मनगढ़ंत सीमा लगाता है। 39.9 का पूर्णांकन छूटी समस्थानिक-जानकारी नहीं देगा। किसी एक समस्थानिक का मापा द्रव्यमान भी A से अलग है और u में गैर-पूर्णांक हो सकता है।
- A. Fe₂O₃ स्थिर रखें और गुणांक संतुलित करें: 4Fe + 3O₂ → 2Fe₂O₃
A दिया उत्पाद बचाता और Fe 4/4 तथा O 6/6 देता है। B संतुलित करने के बजाय रासायनिक विवरण बदलता है; दूसरे उत्पाद के लिए समान गिनती इस समीकरण का सुधार नहीं। C में ऑक्सीजन 2/3 रहती है। D को A का सही गुणांक-समूह गलत सिद्ध करता है। बात निर्धारित उत्पाद की पहचान की है, यह दावा नहीं कि किसी अन्य दशा में हर कल्पनीय सूत्र अस्तित्व में हो या न हो।
- D. द्विविस्थापन और अवक्षेपण दोनों लागू हैं
D सही है: अभिकारकों में आयनिक साथियों का आदान-प्रदान है और दिया अविलेय AgCl अवक्षेप है। A दूसरा उत्पाद छोड़ता है। B दो अभिकारकों का आदान-प्रदान छोड़ता है। C ऐसा स्वतंत्र-तत्व विस्थापन लाता है, जो समीकरण में नहीं है। दोनों सही नाम एक अभिक्रिया के अलग गुण बताते हैं; वे परस्पर विरोधी विकल्प नहीं।
- B. यह ऊष्माशोषी है; अकेले इस कथन से संरचनात्मक प्रकार तय नहीं होता
B दी कुल ऊष्मा-दिशा का उपयोग करता है और संरचना का अतिरिक्त निष्कर्ष नहीं जोड़ता। A ऊर्जा की परिभाषा उलटकर संयोजन गढ़ता है। C ऊर्जा और अभिकारक/उत्पाद-पैटर्न को एक वर्गीकरण मानता है। D ऊर्जा लेने वाली अभिक्रियाओं को गलत तरीके से नकारता है। संयोजन, अपघटन या दूसरे संरचनात्मक प्रकार के लिए दिया रासायनिक समीकरण और दशाएँ देखें।
- A. ZnO ऑक्सीजन खोकर अपचयित; C ऑक्सीजन पाकर ऑक्सीकृत होता है
A सही है। ऑक्सीजन जिंक ऑक्साइड से कार्बन मोनोऑक्साइड में जाती है; ऑक्सीजन-स्थानांतरण मॉडल में जिंक ऑक्साइड का अपचयन और कार्बन का ऑक्सीकरण होता है। B दोनों शब्द उलटता है। C ऑक्सीजन के संरक्षण को स्थानांतरण की दिशा से मिलाकर पाने वाले भाग को छोड़ता है। D सुरक्षित परमाणुओं को अपरिवर्तित पदार्थ मानता है। समीकरण केवल व्याख्या के लिए दिया है; गर्म करने या गैस संभालने की विधि नहीं बताई गई।
- D. जंग लगना लोहे के संक्षारण का विशेष मामला है; ताँबे का संक्षारण लोहे की जंग होना जरूरी नहीं
D व्यापक प्रक्रिया और लोहे के विशेष उदाहरण का अंतर बनाए रखता है। A लोहे का शब्द हर धातु तक फैलाता है। B नए संक्षारण-उत्पाद की दी पहचान छोड़कर केवल रंग के आधार पर साक्ष्य उलटता है। C समान प्रक्रिया-नाम से समान रासायनिक उत्पाद मान लेता है। प्रश्न में रिपोर्ट दी है; केवल सतह का रंग ये सभी तथ्य स्थापित नहीं करता।
व्याख्या से तय करें कि क्या फिर पढ़ना है
- पाठ 1, पदार्थ, मिश्रण और पृथक्करण: प्रश्न 1, 5, 9, 13, 17
- पाठ 2, परमाणु, अणु और रासायनिक सूत्र: प्रश्न 2, 6, 10, 14, 18
- पाठ 3, परमाणु संरचना और आवर्त प्रवृत्तियाँ: प्रश्न 3, 7, 11, 15, 19
- पाठ 4, अभिक्रियाएँ और रासायनिक समीकरण: प्रश्न 4, 8, 12, 16, 20–24
गलती बार-बार हो, तो संबंधित हल सहित उदाहरण पर लौटें, उसका उत्तर ढकें और अगला चरण स्वयं समझाएँ। प्रश्न की बताई शर्तें साथ रखें: दी अभिक्रियाशीलता-श्रेणी, ज्ञात मिश्रण की शर्त या निश्चित तंत्र-सीमा साक्ष्य हैं, वैकल्पिक सजावट नहीं।
स्रोत और सीमा
आधिकारिक RRB CEN 09/2025 सूचना, खंड 14.1, मुद्रित पृष्ठ 28, सामान्य विज्ञान का स्तर कक्षा 10 CBSE बताती है और विषय-सूची उदाहरणात्मक, असंपूर्ण है। इसमें इन अलग पाठों के नाम या पुनरावलोकन के प्रश्नों की संख्या निर्धारित नहीं।
वैज्ञानिक संदर्भ हैं NCERT Exploration कक्षा 9 अध्याय 5, खंड 5.1–5.5, पृष्ठ 73–88; अध्याय 8, खंड 8.4–8.9, पृष्ठ 148–157; अध्याय 9, खंड 9.1–9.5 और 9.7–9.8, पृष्ठ 165–180, प्रथम संस्करण अप्रैल 2026; तथा NCERT कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1, खंड 1.1–1.3, पृष्ठ 2–13, पुनर्मुद्रण 2026–27। CBSE की आवर्त-वर्गीकरण पठन-सामग्री, इकाई 1, खंड 1.3–1.3.2, PDF पृष्ठ 6–9, सीमित आवर्त तुलनाओं का आधार है। उसका वार्षिक formative आकलन-स्थान RRB में शामिल या बाहर होने का नियम नहीं। शिक्षण-पाठों में स्रोत और मॉडल की और सीमाएँ हैं।
प्रश्न-भाषा, विकल्प, व्याख्याएँ और निर्णय-पैनल मौलिक हैं। सामान्य सूत्र और समीकरण वैज्ञानिक तथ्य हैं, स्रोत के अभ्यास-प्रश्नों की नकल नहीं। यह विकसित पाठ्यक्रम का एक आधारभूत मॉड्यूल है, सामान्य विज्ञान का पूरा पाठ्यक्रम नहीं। हिंदी मूल शिक्षण-अनुवाद है, आधिकारिक अनुवाद नहीं।
उदाहरण से समझें
औजार चुनने से पहले जाँच-सूची लें: नाम किस बात का है, क्या स्थिर रखना है और कौन-सा साक्ष्य दिया है? सूत्र की गिनती, समस्थानिक की तुलना और खुले तंत्र का द्रव्यमान-परिवर्तन अलग जाँच माँगते हैं। उपमा निर्णय व्यवस्थित करती है; वैज्ञानिक परिभाषा की जगह नहीं लेती और बिना आधार कोई अभिक्रिया नहीं करा देती।
सूत्र और नियम
- शुद्ध पदार्थ तत्व या यौगिक; मिश्रण में एक से अधिक रासायनिक पदार्थ
- अणु उदासीन; आयन पर कुल आवेश; आयनिक सूत्र इकाई क्रिस्टल का अनुपात
- गुणांक पूरा सूत्र और कोष्ठक पूरा समूह दोहराते हैं; संतुलन में अधोलिखित अंक स्थिर
- उदासीन आयनिक सूत्र: कुल आवेश शून्य करने वाला सबसे छोटा पूर्णांक अनुपात
- आण्विक/सूत्र इकाई द्रव्यमान: परमाणुओं की गिनती को दिए द्रव्यमान से गुणा करें और इकाई रखें
- Z प्रोटॉन; A प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन; आवेश संख्या = प्रोटॉन − इलेक्ट्रॉन
- समान Z/अलग A: समस्थानिक; समान A/अलग Z: समभारिक
- औसत परमाणु द्रव्यमान किसी एक समस्थानिक का A नहीं; वास्तविक समस्थानिक द्रव्यमान भी अलग
- कोश-मॉडल पहले 18 तत्वों के उदासीन परमाणुओं तक सीमित है; मुख्य-समूह प्रवृत्ति की सीमाएँ लागू हैं
- पृथक्करण में गुण-अंतर और प्राप्ति का लक्ष्य देखें
- बंद द्रव्यमान-हिसाब में गैस भी; खुले मापन में स्थानांतरण की जानकारी चाहिए
- परमाणु-संतुलन रासायनिक सम्भाव्यता का प्रमाण नहीं
- संरचना, ऊष्मा-दिशा, अवक्षेपण और रेडॉक्स अलग वर्गीकरण-प्रश्न हैं
इस पाठ के नोट्स
इस पाठ के टेस्ट
- पदार्थ, परमाणु और रासायनिक परिवर्तन: समेकित पुनरावलोकन
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