चक्रवृद्धि ब्याज और वृद्धि की तुलना
आप क्या सीखेंगे
चक्रवृद्धि ब्याज में प्रतिशत बार-बार लगाया जाता है। हर बताई गई चक्रवृद्धि अवधि के अंत में ब्याज राशि में जोड़ दिया जाता है। यही नया मिश्रधन अगली अवधि की गणना का आधार बनता है। इसलिए मुख्य प्रश्न है: “इस अवधि में किस राशि पर ब्याज लगेगा?”
आप पहले वर्ष-दर-वर्ष यह गणना समझेंगे, फिर दर और अवधि का मेल बैठाएँगे, समान शर्तों पर साधारण ब्याज से तुलना करेंगे और इन्हीं गुणकों से काल्पनिक वृद्धि, मूल्यह्रास तथा सरल उलटे प्रश्न हल करेंगे। पाठ को तीन भागों में पढ़िए। आगे बढ़ने से पहले हर जाँच-बिंदु पर रुककर सोचिए। लघुगणक की आवश्यकता नहीं है।
ये मौलिक सीखने के अभ्यास हैं, आधिकारिक पिछले प्रश्न या परीक्षा में प्रश्नों की संख्या की भविष्यवाणी नहीं। धनराशि वाले सभी प्रश्न गणितीय मॉडल हैं; इनमें बीच में अतिरिक्त धन जमा करना, निकालना, ऋण चुकाना, शुल्क या कर शामिल नहीं हैं। बताया गया मॉडल हर वास्तविक वित्तीय व्यवस्था का वर्णन नहीं करता।
शुरू करने से पहले
आगे के उत्तर देखे बिना हल कीजिए:
- 4,500 का 10% कितना है?
- 8% वृद्धि का गुणक क्या होगा?
- 18 महीनों में छह-छह महीने की कितनी अवधियाँ हैं?
- 1.21 का धनात्मक वर्गमूल क्या है?
जाँच: 450; 1.08; 3 अवधियाँ; 1.1 । प्रतिशत के गुणक या सटीक दशमलव गणना में कठिनाई हो तो प्रतिशत और क्रमिक परिवर्तन अथवा भिन्न दशमलव और सटीक गणना पाठ दोहराइए। अंतिम उत्तर समझ में न आए तो वर्ग वर्गमूल और उचित अनुमान पाठ देखिए। मौजूदा साधारण ब्याज पाठ में अपरिवर्तित आरंभिक मूलधन वाला मॉडल समझाया गया है।
भाग 1 हर अवधि में क्या बदलता है
पहले अवधि-दर-अवधि गणना लिखिए
आरंभिक मूलधन P है। किसी अवधि के अंत का मिश्रधन मूलधन और तब तक के पूरे ब्याज का योग है। चक्रवृद्धि ब्याज में यही मिश्रधन अगली अवधि का शुरुआती मूलधन बनता है। साधारण ब्याज में ब्याज की गणना का आधार आरंभिक P ही रहता है।
उदाहरण 1 वार्षिक चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज साथ समझिए
₹4,000 पर 10% वार्षिक दर से पूरे तीन वर्षों की वार्षिक चक्रवृद्धि है। हर एक-वर्ष की अवधि की दर 10% है।
चक्रवृद्धि की अवधि-दर-अवधि गणना:
- वर्ष 1: शुरुआती आधार ₹4,000; ब्याज = 4000 × 10/100 = ₹400; अंतिम मिश्रधन = ₹4,400
- वर्ष 2: शुरुआती आधार ₹4,400; ब्याज = 4400 × 10/100 = ₹440; अंतिम मिश्रधन = ₹4,840
- वर्ष 3: शुरुआती आधार ₹4,840; ब्याज = 4840 × 10/100 = ₹484; अंतिम मिश्रधन = ₹5,324
केवल दूसरे वर्ष का ब्याज ₹440 है। दो वर्षों के बाद कुल ब्याज ₹840 है। ये अलग राशियाँ हैं। तीन वर्षों के बाद कुल CI = 400 + 440 + 484 = ₹1,324 । जाँच: अंतिम मिश्रधन में से आरंभिक मूलधन घटाएँ, 5324 − 4000 = ₹1,324 ।
समान साधारण-ब्याज गणना में वही आरंभिक मूलधन ₹4,000, वही वार्षिक दर 10% और वही तीन वर्ष लीजिए। हर वर्ष ब्याज ₹400 है। मिश्रधन क्रमशः ₹4,400, ₹4,800 और ₹5,200 होंगे। तीन वर्ष का SI = ₹1,200 । इसलिए तीन वर्ष बाद वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज, साधारण ब्याज से ₹124 अधिक है। पहले वर्ष के मिश्रधन समान हैं; उसके बाद ब्याज के आधार समान नहीं हैं।
एक चरण से सूत्र निकालिए
मानिए i प्रति चक्रवृद्धि अवधि की दर है, जिसे भिन्न या दशमलव के रूप में लिखा गया है। जैसे, प्रति अवधि 10% का अर्थ i = 10/100 = 0.10 है।
एक अवधि में शुरुआती राशि B बदलकर B + Bi = B(1+i) होती है। इसलिए:
- एक अवधि के बाद: A₁ = P(1+i)
- दो अवधियों के बाद: A₂ = P(1+i)(1+i) = P(1+i)^2
- समान प्रति-अवधि दर से N पूरी अवधियों के बाद: A = P(1+i)^N
- कुल चक्रवृद्धि ब्याज: CI = A − P
घात N पूरी दोहराई गई अवधियाँ गिनती है। यह अपने आप कैलेंडर के वर्षों की संख्या नहीं होती। प्रति-अवधि दर और अवधियों की संख्या को साथ मिलाकर इस्तेमाल कीजिए। शून्य अवधि पर A=P है; दर शून्य हो तो हर अवधि के बाद राशि P ही रहती है।
दो वर्षों के अंतर का नियम क्यों सही है
ठीक दो वर्ष, वार्षिक चक्रवृद्धि, समान आरंभिक मूलधन P और दोनों मॉडलों में समान निश्चित वार्षिक प्रतिशत दर R लीजिए। i = R/100 रखिए।
पहले वर्ष दोनों में Pi ब्याज मिलता है। दूसरे वर्ष साधारण ब्याज फिर Pi है। चक्रवृद्धि में ब्याज P+Pi पर लगता है, इसलिए दूसरे वर्ष का ब्याज (P+Pi)i = Pi + Pi² है। अतिरिक्त ब्याज Pi² हुआ:
CI − SI = P(R/100)^2, केवल इन दो वार्षिक अवधियों की शर्तों पर।
उदाहरण 1 में दो वर्षों का अंतर 4000 × (0.10)^2 = ₹40 है, जो 4840 − 4800 से मिलता है। तीन वर्षों का अंतर ₹124 था; इसलिए दो-वर्ष वाला परिणाम तीन वर्षों पर सीधे लागू नहीं कर सकते।
सामान्य रूप से, समान P, समान N पूरी अवधियाँ और समान शून्य या धनात्मक प्रति-अवधि दर i पर तुलना करें। SI = PNi होगा। i>0 और P>0 हों तो शून्य या एक अवधि पर SI और CI बराबर हैं; N≥2 पर CI अधिक है। i=0 पर दोनों हमेशा बराबर हैं। यदि दो प्रश्नों की दरें, समय या चक्रवृद्धि की शर्तें अलग हों, तो यह मत मानिए कि CI हमेशा अधिक होगा।
उदाहरण 2 जब वार्षिक दर बदले
₹6,000 पर पहले वर्ष 5% और दूसरे वर्ष 8% की दर से वार्षिक चक्रवृद्धि है। हर वर्ष उसकी दी हुई दर लगाइए:
- वर्ष 1 के अंत में: 6000 × 1.05 = ₹6,300
- वर्ष 2 के अंत में: 6300 × 1.08 = ₹6,804
- कुल CI = 6804 − 6000 = ₹804
इसे A = 6000 × 1.05 × 1.08 भी लिख सकते हैं। दोनों दरें अलग आधारों पर लगती हैं। कुल वृद्धि 804/6000 × 100 = 13.4% है, 5%+8%=13% नहीं।
यदि प्रश्न में इन्हीं वार्षिक दरों पर अपरिवर्तित आरंभिक मूलधन का साधारण ब्याज कहा जाता, तो SI = 6000 × (0.05+0.08) = ₹780 होता। चक्रवृद्धि का परिणाम ₹24 अधिक है। केवल दर बदलने के कारण गणना का मॉडल मत बदल दीजिए।
रुकिए और आधार जाँचिए
20% वार्षिक दर की वार्षिक चक्रवृद्धि में ₹2,500 एक वर्ष बाद ₹3,000 होता है। गणना से पहले दूसरे वर्ष का आधार बताइए। फिर दूसरे वर्ष का ब्याज निकालिए और दो वर्ष के मिश्रधन की समान दर वाले साधारण ब्याज से तुलना कीजिए।
जाँच: दूसरे वर्ष का आधार ₹3,000 है। उस वर्ष का ब्याज ₹600 और चक्रवृद्धि का मिश्रधन ₹3,600 है। साधारण ब्याज में हर वर्ष ₹500 जुड़ता है और मिश्रधन ₹3,500 होता है। अंतर ₹100 है। समझाइए कि फिर से ₹2,500 पर ब्याज निकालना साधारण ब्याज का मॉडल क्यों बन जाएगा।
भाग 2 दर और अवधि का मेल बैठाइए
दर को बाँटने से पहले उसकी शर्त पहचानिए
प्रति वर्ष बताई गई दर और ब्याज जोड़ने की अवधि दो अलग जानकारियाँ हैं। नीचे दिए छमाही और तिमाही उदाहरणों में वार्षिक दर स्पष्ट रूप से नाममात्र है: प्रश्न का नियम है कि इसे एक वर्ष की बताई गई चक्रवृद्धि अवधियों में बराबर बाँटना है। यह उन अभ्यासों की बताई हुई शर्त है; हर अस्पष्ट वार्षिक दर पर थोपने वाला नियम नहीं।
गणना से पहले तीन बातें लिखिए:
- एक चक्रवृद्धि अवधि की लंबाई
- उसी एक अवधि की प्रतिशत दर
- दिए हुए समय में पूरी अवधियों की संख्या
R नाममात्र वार्षिक प्रतिशत की संख्या, m एक वर्ष की समान चक्रवृद्धि अवधियों की संख्या और T वर्षों में समय हो। तब बताई गई शर्त के अनुसार:
- वार्षिक: m=1; प्रति-अवधि प्रतिशत दर j=R; अवधियों की संख्या N=T
- छमाही: m=2; j=R/2; N=2 T
- तिमाही: m=4; j=R/4; N=4 T
यहाँ इन रूपांतरणों में N पूर्णांक होना चाहिए। सूत्र में लगने वाली भिन्नरूपी दर i=j/100 है, इसलिए A=P(1+i)^N। जैसे R=12 का अर्थ 12% है, जबकि i=0.06 का अर्थ प्रति अवधि 6% है। 12 या 6 को पहले से दशमलव भिन्न मानकर मत रखिए।
यदि दर पहले से 3% प्रति तिमाही दी है, तो हर तिमाही के लिए i=0.03 लीजिए। फिर से चार से भाग देने के लिए कोई वार्षिक दर दी ही नहीं गई है।
उदाहरण 3 अठारह महीनों की छमाही चक्रवृद्धि
₹12,500 पर नाममात्र वार्षिक 12% दर से 18 महीनों का छमाही चक्रवृद्धि मिश्रधन और ब्याज निकालिए। यहाँ “नाममात्र वार्षिक” का अर्थ है 12% को दो छमाहियों में बराबर बाँटना।
तैयारी: एक अवधि = 6 महीने; j=12/2=6% प्रति अवधि; N=18/6=3 पूरी अवधियाँ। इसलिए i=0.06 ।
समयरेखा:
- आरंभ: ₹12,500
- 6 महीने बाद: 12500 × 1.06 = ₹13,250
- 12 महीने बाद: 13250 × 1.06 = ₹14,045
- 18 महीने बाद: 14045 × 1.06 = ₹14,887.70
A = 12500 × (1.06)^3 = ₹14,887.70 । CI = 14887.70 − 12500 = ₹2,387.70 । जाँच: ₹750, ₹795 और ₹842.70 ब्याजों का योग ₹2,387.70 है।
छमाही दर के साथ N=1.5 रखने से अवधियाँ कम गिनी जाएँगी। हर छमाही पर 12% लगाने से पूरी नाममात्र वार्षिक दर एक वर्ष में दो बार लग जाएगी।
उदाहरण 4 नौ महीनों की तिमाही चक्रवृद्धि
₹10,000 पर नाममात्र वार्षिक 8% दर से 9 महीनों की तिमाही चक्रवृद्धि का मिश्रधन और ब्याज निकालिए। वार्षिक दर चार तिमाहियों में बराबर बाँटिए।
तैयारी: एक अवधि = 3 महीने; j=8/4=2%; N=9/3=3 । अतः: A = 10000 × (1.02)^3 = ₹10,612.08 CI = 10612.08 − 10000 = ₹612.08
मिश्रधन जाँचिए: ₹10,200, ₹10,404 और ₹10,612.08 । समान 8% वार्षिक दर से 9 महीने का साधारण ब्याज ₹600 है, इसलिए CI उससे ₹12.08 अधिक है।
यदि प्रश्न सीधे “2% प्रति तिमाही, तिमाही चक्रवृद्धि” कहता, तो j पहले से 2% होता। परिणाम वही होता; 2 को फिर चार से भाग देना गलत होता।
उदाहरण 5 वार्षिक दर और एक वर्ष की वृद्धि
₹7,500 पर एक वर्ष के लिए समान नाममात्र वार्षिक 12% दर से वार्षिक और छमाही चक्रवृद्धि की तुलना कीजिए। छमाही दर स्पष्ट शर्त के अनुसार 12/2=6% है।
वार्षिक मिश्रधन = 7500 × 1.12 = ₹8,400 । छमाही मिश्रधन = 7500 × (1.06)^2 = ₹8,427 । अंतर = 8427 − 8400 = ₹27 ।
छमाही चक्रवृद्धि में एक वर्ष की प्रतिशत वृद्धि (8427−7500)/7500 × 100 = 12.36% है। बताई गई नाममात्र वार्षिक दर फिर भी 12% है। यह अंतर इसलिए है कि पहली छमाही का ब्याज दूसरी छमाही में ब्याज अर्जित करता है। यहाँ दो स्पष्ट गणितीय मॉडलों की तुलना हो रही है, किसी वित्तीय उत्पाद की सिफारिश नहीं।
अंतिम अधूरी अवधि के लिए अलग नियम चाहिए
केवल वार्षिक चक्रवृद्धि कहने से 18 महीनों का परिणाम तय नहीं होता, क्योंकि केवल एक पूरा वार्षिक चक्र समाप्त हुआ है। समान धनात्मक मूलधन ₹1,000 और वार्षिक दर 10% का उदाहरण देखिए:
- स्पष्ट नियम A: पहले वर्ष की चक्रवृद्धि के बाद बचे छह महीनों के लिए नए मिश्रधन पर समय के अनुपात में साधारण ब्याज निकालें। पहले वर्ष का मिश्रधन ₹1,100 है; अतिरिक्त ब्याज 1100 × 0.10 × 1/2 = ₹55 है; अंतिम मिश्रधन ₹1,155 है
- स्पष्ट नियम B: अगली पूरी वार्षिक अवधि समाप्त होने से पहले कोई अतिरिक्त ब्याज न जोड़ें। तब 18 महीने पर जोड़ी जा चुकी राशि ₹1,100 है
अतिरिक्त नियम अलग हैं, इसलिए उत्तर अलग हैं। इनमें से कोई भी अपने आप मान लेने वाला नियम नहीं है। भिन्नात्मक घात वाला वृद्धि-नियम भी एक अतिरिक्त धारणा होगा; केवल “वार्षिक चक्रवृद्धि” उसे नहीं चुनता। अधूरी अवधि का नियम न दिया हो तो नया नियम गढ़ने की जगह जानकारी की कमी पहचानिए। उदाहरण 3 में यह समस्या नहीं है, क्योंकि 18 महीनों में बताई गई ठीक तीन पूरी छमाही अवधियाँ हैं।
रुकिए और अवधि जाँचिए
नाममात्र वार्षिक 16% दर से 9 महीनों की तिमाही चक्रवृद्धि में राशि की गणना किए बिना j और N बताइए। फिर 9 महीनों के लिए सीधे 4% प्रति तिमाही दी हुई दर पर यही बताइए।
जाँच: नाममात्र दर पर j=16/4=4% और N=9/3=3 । प्रति-तिमाही दर पर j सीधे 4% और N=3 है। दोनों में i=0.04 तीन बार लगेगा। समझाइए कि दूसरी दर को फिर चार से क्यों नहीं बाँटेंगे।
भाग 3 गुणक का दूसरे संदर्भों में उपयोग और उलटी गणना
वृद्धि और मूल्यह्रास बताए गए मॉडल हैं
कोई राशि हर बताई गई अवधि में अपने वर्तमान मान का g% बढ़े तो हर चरण का गुणक 1+g/100 है। वर्तमान मान का d% घटे तो गुणक 1−d/100 है। ये गुणक प्रश्न की धारणा बताते हैं; वे यह भविष्यवाणी नहीं हैं कि वास्तविक जनसंख्या, मशीनों के मूल्य या कीमतें ठीक एक ही दर से बदलेंगी।
उदाहरण 6 बार-बार वृद्धि
एक काल्पनिक संख्या 10,000 से शुरू होती है। दो वार्षिक चरणों में हर बार वर्तमान संख्या का ठीक 5% बढ़ता है।
पहले चरण के बाद: 10000 × 1.05 = 10,500 । दूसरे चरण के बाद: 10500 × 1.05 = 11,025 । अतः अंतिम संख्या = 10000 × (1.05)^2 = 11,025 और कुल वृद्धि = 1,025 ।
जाँच: दूसरी वृद्धि 10,500 का 5%, अर्थात 525 है। दोनों बार 500 जोड़ने पर पुराना आधार रखा जाएगा और गलत संख्या 11,000 मिलेगी।
उदाहरण 7 बार-बार मूल्यह्रास
एक काल्पनिक मॉडल में ₹32,000 की मशीन का मूल्य लगातार दो वर्षों में हर वर्ष के अंत में वर्तमान मूल्य का 25% घटता है। 75% मूल्य बचता है, इसलिए गुणक 0.75 है।
वर्ष 1 के बाद: 32000 × 0.75 = ₹24,000 । वर्ष 2 के बाद: 24000 × 0.75 = ₹18,000 । कुल मूल्यह्रास = 32000 − 18000 = ₹14,000 ।
कमियाँ ₹8,000 और ₹6,000 हैं; दोनों बार ₹8,000 नहीं। पहले 25% कमी और फिर 25% वृद्धि करने से कमी पूरी नहीं होगी: गुणक 0.75×1.25 होगा, 1 नहीं।
सामान्य शून्य या धनात्मक मूल्य के मूल्यह्रास में 0≤d≤100 रखें। d=100 (अर्थात 100% कमी) हो तो मूल्य शून्य हो जाता है और आगे के आनुपातिक घटावों में भी शून्य रहता है। अंतिम शून्य से कोई एक निश्चित आरंभिक मूल्य नहीं निकाल सकते। इसलिए मूल्यह्रास की उलटी गणना में d<100 और अवधियों तथा दरों की पर्याप्त जानकारी चाहिए। दी गई दरें बदलें तो उनका औसत लेने की जगह हर अवधि का अपना गुणक गुणा कीजिए।
उदाहरण 8 आरंभिक मूलधन निकालिए
10% वार्षिक दर से पूरे दो वर्षों की वार्षिक चक्रवृद्धि के बाद मिश्रधन ₹10,890 है। आरंभिक मूलधन निकालिए।
आगे की गणना: 10890 = P × (1.10)^2 । दोनों गुणकों से उलटा भाग दें: P = 10890/(1.10)^2 = 10890/1.21 = ₹9,000 ।
आगे की जाँच: 9000 → 9900 → 10890 । अंतिम ₹10,890 में से उसका 21% घटाना गलत आधार का उपयोग होगा; 21% वृद्धि अज्ञात आरंभिक मूलधन के सापेक्ष थी।
उदाहरण 9 सरल वार्षिक दर निकालिए
₹1,600 दो वार्षिक चक्रवृद्धि अवधियों में ₹1,936 होता है। दर समान है और शून्य या धनात्मक है। i उसकी भिन्नरूपी वार्षिक दर हो।
(1+i)^2 = 1936/1600 = 1.21 = (1.1)^2 । वृद्धि का गुणक 1+i धनात्मक है, इसलिए धनात्मक वर्गमूल लें: 1+i=1.1 । अतः i=0.1 और वार्षिक दर 100×0.1=10% है।
जाँच: 1600 × 1.1 × 1.1 = 1936 । पूरे दो वर्षों की वृद्धि 21% है। इसे दो से भाग देने पर 10.5% मिलेगा, जो बदलते आधार को अनदेखा करता है। 110% मिश्रधन के गुणक को प्रतिशत में बताता है, ब्याज दर को नहीं।
उदाहरण 10 पूरी अवधियों की संख्या निकालिए
₹5,120 पर 25% वार्षिक दर से वार्षिक चक्रवृद्धि होने पर मिश्रधन ₹10,000 है। अवधि पूरे वर्षों की संख्या है।
वार्षिक गुणक 1.25=5/4 है। मिश्रधन और मूलधन का अनुपात 10000/5120=125/64=(5/4)^3 है। इसलिए N=3 वार्षिक अवधियाँ, अर्थात 3 वर्ष।
छोटी सारणी से जाँचिए: 5120 → 6400 → 8000 → 10000 । इसमें छोटी सटीक घात पहचानी गई है; साधारण ब्याज का दोगुना होने वाला नियम नहीं लगाया गया। प्रति-अवधि दर और मूलधन धनात्मक हों तो राशि हर अवधि में बढ़ती है, इसलिए केवल एक पूरी अवधि-संख्या पर यह मिश्रधन मिलेगा।
दर शून्य हो तो हर पूर्णांक N के लिए A=P है। तब A=P से कोई एक निश्चित समय नहीं निकलता; A≠P हो तो उस शून्य-दर मॉडल में कोई हल नहीं है। यहाँ मनमाने उलटे समय-प्रश्न लघुगणक से हल नहीं किए जाएँगे।
रुकिए और उलटी गणना जाँचिए
10% वार्षिक चक्रवृद्धि से दो वर्ष बाद मिश्रधन ₹5,808 है। मूलधन पाने के लिए ₹5,808 का 21% घटाएँगे या 1.21 से भाग देंगे?
जाँच: 1.21 से भाग देकर ₹4,800 मिलेगा; फिर 4800 × 1.21 = 5808 । यह भी समझाइए कि 100% घटकर शून्य हुए मूल्य से एक निश्चित आरंभिक मूल्य क्यों नहीं निकाल सकते।
अंतिम विधि जाँच
विकल्प चुनने से पहले:
- मॉडल पहचानिए: आरंभिक आधार पर साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि, बताई गई वृद्धि या बताया गया मूल्यह्रास
- मूलधन, अंतिम मिश्रधन, कुल ब्याज और किसी एक अवधि के ब्याज को अलग रखिए
- प्रति-अवधि प्रतिशत दर लिखिए और पूरी अवधियाँ गिनिए
- स्पष्ट नाममात्र-दर की शर्त पर ही वार्षिक दर बाँटिए; पहले से प्रति-अवधि दर को फिर मत बाँटिए
- अधूरी अवधि का नियम न दिया हो तो अनुमान लगाने की जगह उसकी कमी बताइए
- पूरी गणना सटीक रखिए; अंत में प्रश्न की बताई गोलाई का नियम अपनाइए
- उलटे प्रश्न के उत्तर को आगे की गणना में रखकर जाँचिए
स्वतंत्र अभ्यास
व्याख्या वाले उत्तर पढ़ने से पहले सभी 16 प्रश्न हल कीजिए। यह निःशुल्क, बिना समय-सीमा का सीखने वाला अभ्यास है: सही उत्तर पर +1, गलत या छोड़े गए उत्तर पर 0 अंक। कोई उत्तीर्ण सीमा या ऋणात्मक अंकन नहीं है। यह पूर्ण आरआरबी CBT मॉक नहीं है।
1. ₹3,000 पर 10% वार्षिक दर से वार्षिक चक्रवृद्धि है। केवल दूसरे वर्ष का ब्याज निकालने के लिए कौन-सा मूलधन लिया जाएगा?
A. ₹3,000 B. ₹3,300 C. ₹300 D. ₹3,630
2. ₹6,400 पर 12.5% वार्षिक दर से पूरे दो वर्षों की वार्षिक चक्रवृद्धि का मिश्रधन निकालिए।
A. ₹8,000 B. ₹1,700 C. ₹7,200 D. ₹8,100
3. ₹7,500 पर 4% वार्षिक दर से पूरे तीन वर्षों की वार्षिक चक्रवृद्धि का कुल ब्याज निकालिए।
A. ₹936.48 B. ₹900 C. ₹612 D. ₹8,436.48
4. समान ₹18,000 पर निश्चित 5% वार्षिक दर से ठीक दो वर्षों के लिए CI−SI निकालिए। चक्रवृद्धि वार्षिक है।
A. ₹900 B. ₹1,800 C. ₹45 D. ₹137.25
5. ₹8,000 पर पहले वर्ष 5% और दूसरे वर्ष 10% की दर से वार्षिक चक्रवृद्धि है। अंतिम मिश्रधन निकालिए।
A. ₹9,200 B. ₹9,240 C. ₹9,245 D. ₹1,240
6. नाममात्र वार्षिक 8% दर दो छमाहियों में बराबर बाँटी जाती है। 18 महीनों तक छमाही चक्रवृद्धि है। कौन-सा जोड़ा प्रति चक्रवृद्धि अवधि की दर और पूरी अवधियों की संख्या बताता है?
A. 4% प्रति छमाही; 3 अवधियाँ B. 8% प्रति छमाही; 3 अवधियाँ C. 4% प्रति छमाही; 1.5 अवधियाँ D. 4% प्रति छमाही; 6 अवधियाँ
7. ₹15,000 पर नाममात्र वार्षिक 8% दर से एक वर्ष का छमाही चक्रवृद्धि ब्याज निकालिए। नाममात्र वार्षिक दर दो छमाहियों में बराबर बाँटी जाती है।
A. ₹1,200 B. ₹600 C. ₹16,224 D. ₹1,224
8. ₹20,000 पर नाममात्र वार्षिक 12% दर से छह महीनों की तिमाही चक्रवृद्धि का मिश्रधन निकालिए। नाममात्र वार्षिक दर चार तिमाहियों में बराबर बाँटिए।
A. ₹20,600 B. ₹21,200 C. ₹21,218 D. ₹1,218
9. दर स्पष्ट रूप से 3% प्रति तिमाही है और चक्रवृद्धि तिमाही है। कौन-सी गणना ₹10,000 पर छह महीने बाद का मिश्रधन सही देती है?
A. ₹10,000 × (1+0.03/4)^2 B. ₹10,000 × (1.03)^2 = ₹10,609 C. ₹10,000 × (1+0.03×2) = ₹10,600 D. ₹10,000 × 1.03 = ₹10,300
10. ₹10,000 पर एक वर्ष के लिए समान नाममात्र वार्षिक 10% दर हो तो छमाही चक्रवृद्धि का मिश्रधन वार्षिक चक्रवृद्धि से कितना अधिक है? छमाही के लिए नाममात्र वार्षिक दर को 2 से बराबर बाँटिए।
A. ₹0 B. ₹500 C. ₹1,025 D. ₹25
11. एक काल्पनिक संख्या 8,000 से शुरू होती है और दो वार्षिक चरणों में हर बार वर्तमान संख्या का ठीक 10% बढ़ती है। अंतिम संख्या निकालिए।
A. 9,680 B. 9,600 C. 1,680 D. 8,800
12. ₹48,000 का एक काल्पनिक मूल्य लगातार दो वर्षों में हर वर्ष के अंत में वर्तमान मूल्य का 25% घटता है। बचा हुआ मूल्य निकालिए।
A. ₹24,000 B. ₹75,000 C. ₹27,000 D. ₹21,000
13. 10% वार्षिक दर से पूरे दो वर्षों की वार्षिक चक्रवृद्धि के बाद मिश्रधन ₹8,470 है। आरंभिक मूलधन निकालिए।
A. ₹6,691.30 B. ₹7,000 C. ₹7,700 D. ₹8,470
14. ₹3,600 दो वार्षिक चक्रवृद्धि अवधियों में समान शून्य या धनात्मक दर पर ₹5,184 होता है। वार्षिक प्रतिशत दर निकालिए।
A. 20% B. 44% C. 22% D. 120%
15. 25% वार्षिक दर से वार्षिक चक्रवृद्धि होने पर ₹6,400 बढ़कर ₹10,000 होता है। अवधि पूरे वर्षों की संख्या है। वह अवधि निकालिए।
A. 1 वर्ष B. 2.25 वर्ष C. 4 वर्ष D. 2 वर्ष
16. एक प्रश्न धनात्मक मूलधन और धनात्मक वार्षिक दर देता है, वार्षिक चक्रवृद्धि कहता है और 18 महीनों का मिश्रधन पूछता है। अंतिम छह महीनों का कोई नियम नहीं दिया गया है। कौन-सा कथन उचित है?
A. वार्षिक दर को अपने आप 2 से भाग देकर तीन छमाहियाँ लें। B. वार्षिक गुणक की घात अपने आप 1.5 लें। C. अद्वितीय मिश्रधन के लिए अंतिम अधूरी अवधि की गणना का नियम बताना जरूरी है। D. पूरे 18 महीनों का साधारण ब्याज अपने आप आरंभिक मूलधन पर लें।
व्याख्या सहित उत्तर
1. उत्तर B
वर्ष 1 के बाद मिश्रधन = 3000 + 3000×0.10 = ₹3,300 । यही अंतिम मिश्रधन वर्ष 2 का शुरुआती मूलधन है। जाँच: दूसरे वर्ष का ब्याज 3300×0.10=₹330 होगा, ₹300 नहीं।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹3,000 लेने से साधारण ब्याज का आरंभिक आधार रखा जाता है।
- B: ₹3,300 में पहले वर्ष का ब्याज शामिल है; यही माँगा गया आधार है।
- C: ₹300 केवल पहले वर्ष का ब्याज है।
- D: ₹3,630 वर्ष 2 के अंत का मिश्रधन है, उसका शुरुआती आधार नहीं।
2. उत्तर D
12.5%=1/8 है, इसलिए हर वर्ष का गुणक 9/8 है। A=6400×(9/8)^2=₹8,100 । सारणी से जाँचें: 6400→7200→8100 । कुल CI ₹1,700 है, लेकिन प्रश्न मिश्रधन पूछता है।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹8,000 दो वर्ष का साधारण ब्याज वाला मिश्रधन है।
- B: ₹1,700 केवल चक्रवृद्धि ब्याज है।
- C: ₹7,200 पर गणना एक वर्ष बाद रोक दी गई है।
- D: ₹8,100 में दोनों वर्षों का गुणक लगा है।
3. उत्तर A
वार्षिक गुणक 1.04 है। मिश्रधन क्रमशः ₹7,800, ₹8,112 और ₹8,436.48 हैं। अतः CI=8436.48−7500=₹936.48 । जाँच: 300+312+324.48=936.48 ।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹936.48 तीनों अवधियों के ब्याज का योग है।
- B: ₹900 में तीनों वर्षों के लिए आरंभिक मूलधन लिया गया है; यह SI है।
- C: ₹612 में तीसरा वर्ष छूट गया है।
- D: ₹8,436.48 मिश्रधन है, ब्याज नहीं।
4. उत्तर C
दो समान वार्षिक अवधियों में अतिरिक्त CI पहले वर्ष के ब्याज पर लगा ब्याज है: 18000×0.05×0.05=₹45 । जाँच: SI=₹1,800; CI=18000×1.05^2−18000=₹1,845; अंतर=₹45 ।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹900 एक वर्ष का ब्याज है।
- B: ₹1,800 पूरे दो वर्षों का साधारण ब्याज है।
- C: ₹45 माँगा गया अंतर है।
- D: ₹137.25 इन्हीं मानों पर तीन वर्ष का CI−SI अंतर है; प्रश्न में दो वर्ष हैं।
5. उत्तर B
A=8000×1.05×1.10=₹9,240 । दूसरी दर ₹8,400 पर लगती है। जाँच: ब्याज ₹400+₹840=₹1,240 है, इसलिए मिश्रधन ₹9,240 है।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹9,200 में आरंभिक आधार पर 5% और 10% जोड़ दिए गए हैं।
- B: ₹9,240 में बताई दरें क्रम से लगी हैं।
- C: ₹9,245 में औसत 7.5% दो बार लगा है, जो प्रश्न की दर-श्रृंखला नहीं है।
- D: ₹1,240 CI है, अंतिम मिश्रधन नहीं।
6. उत्तर A
बताई नाममात्र शर्त पर j=8/2=4% प्रति छमाही है। एक अवधि छह महीने की है, इसलिए N=18/6=3 । जाँच: 3×6=18 महीने। i=0.04 तीन बार लगेगा।
हर विकल्प की जाँच:
- A: दर और संख्या दोनों छमाही के अनुसार हैं।
- B: वार्षिक दर को 2 से नहीं बाँटा गया है।
- C: 1.5 वर्षों में समय है, छमाही अवधियों की संख्या नहीं।
- D: छह छमाहियाँ 36 महीने होंगी, 18 नहीं।
7. उत्तर D
प्रति-अवधि दर=4%; N=2 । A=15000×1.04^2=₹16,224; CI=₹1,224 । जाँच: पहली छमाही का ब्याज ₹600; दूसरी का ब्याज 15600×0.04=₹624; कुल ₹1,224 ।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹1,200 एक वर्ष की वार्षिक चक्रवृद्धि या समान SI का परिणाम है।
- B: ₹600 केवल पहली छमाही का ब्याज है।
- C: ₹16,224 मिश्रधन है।
- D: ₹1,224 में दोनों छमाहियों का ब्याज है।
8. उत्तर C
j=12/4=3% प्रति तिमाही और N=6/3=2 । A=20000×1.03^2=₹21,218 । जाँच: 20000→20600→21218; ब्याज ₹600+₹618=₹1,218 है।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹20,600 पर एक तिमाही बाद गणना रोक दी गई है।
- B: ₹21,200 में आरंभिक मूलधन का 3% दो बार जोड़ा गया है।
- C: ₹21,218 में दोनों तिमाहियों की चक्रवृद्धि लगी है।
- D: ₹1,218 केवल ब्याज है।
9. उत्तर B
दी गई दर पहले से एक तिमाही की है। i=0.03 लीजिए, 0.03/4 नहीं। छह महीनों में दो तिमाहियाँ हैं, इसलिए A=10000×1.03^2=₹10,609 । जाँच: 10000→10300→10609 ।
हर विकल्प की जाँच:
- A: पहले से प्रति-तिमाही दर को फिर 4 से बाँटा गया है।
- B: दोनों तिमाहियों में 3% लगाया गया है।
- C: आरंभिक आधार दो बार लेकर साधारण ब्याज जैसा जोड़ किया गया है।
- D: केवल एक तिमाही गिनी गई है।
10. उत्तर D
वार्षिक मिश्रधन=10000×1.10=₹11,000 । छमाही मिश्रधन=10000×1.05^2=₹11,025 । अंतर=₹25 । जाँच: पहली छमाही के ₹500 ब्याज पर दूसरी छमाही में अतिरिक्त 5%, अर्थात ₹25 मिलता है।
हर विकल्प की जाँच:
- A: समान नाममात्र दर से अंतिम मिश्रधन समान होना आवश्यक नहीं।
- B: ₹500 पहली छमाही का ब्याज है।
- C: ₹1,025 छमाही चक्रवृद्धि का पूरा ब्याज है, अंतर नहीं।
- D: ₹25 पहली छमाही के ब्याज पर मिला अतिरिक्त ब्याज है।
11. उत्तर A
वृद्धि का गुणक 1.10 दो बार लगाएँ: 8000×1.10^2=9,680 । जाँच: पहली वृद्धि 800; दूसरी 880; कुल वृद्धि 1,680, जिससे अंतिम संख्या 9,680 है।
हर विकल्प की जाँच:
- A: 9,680 में पहले चरण के बाद आधार बदला गया है।
- B: 9,600 में आरंभिक संख्या का 20% जोड़ा गया है।
- C: 1,680 वृद्धि है, अंतिम संख्या नहीं।
- D: 8,800 पर पहला चरण पूरा हुआ है।
12. उत्तर C
हर वर्ष 75% बचता है, इसलिए गुणक=0.75 । अंतिम मूल्य=48000×0.75^2=₹27,000 । जाँच: 48000→36000→27000 । कुल मूल्यह्रास ₹21,000 है।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹24,000 में आरंभिक मूल्य का 25% दो बार घटाया गया है।
- B: ₹75,000 में दो बार 25% वृद्धि की गई है।
- C: ₹27,000 में वर्तमान मूल्य पर दो बार कमी हुई है।
- D: ₹21,000 मूल्य में कमी है, बचा हुआ मूल्य नहीं।
13. उत्तर B
A=P×1.10^2, इसलिए P=8470/1.21=₹7,000 । आगे जाँचें: 7000→7700→8470 । गुणा को उलटने के लिए भाग दें, अंतिम मिश्रधन का 21% न घटाएँ।
हर विकल्प की जाँच:
- A: ₹6,691.30 में अंतिम मिश्रधन का 21% घटाया गया है।
- B: ₹7,000 में दोनों वार्षिक गुणक उलटे गए हैं।
- C: ₹7,700 में केवल अंतिम गुणक उलटा गया है।
- D: ₹8,470 पहले से अंतिम मिश्रधन है।
14. उत्तर A
(1+i)^2=5184/3600=1.44 । धनात्मक वर्गमूल से 1+i=1.2, इसलिए i=0.2 और वार्षिक दर 20% है। जाँच: 3600×1.2×1.2=5184 ।
हर विकल्प की जाँच:
- A: 20% से आवश्यक वार्षिक गुणक 1.2 मिलता है।
- B: 44% पूरे दो वर्षों की वृद्धि है।
- C: 22% में कुल वृद्धि को आधा करके आधार स्थिर मान लिया गया है।
- D: 120% मिश्रधन का गुणक बताता है, ब्याज की दर नहीं।
15. उत्तर D
वार्षिक गुणक=1.25=5/4 । अनुपात 10000/6400=25/16=(5/4)^2 है, इसलिए N=2 वर्ष। जाँच: 6400→8000→10000 । धनात्मक दर से राशि बढ़ती है, इसलिए पूरे वर्षों का उत्तर अद्वितीय है।
हर विकल्प की जाँच:
- A: एक वर्ष में ₹8,000 होता है, ₹10,000 नहीं।
- B: 2.25 वर्ष में ₹3,600 वृद्धि को ₹1,600 प्रतिवर्ष का साधारण ब्याज माना गया है।
- C: चार वर्ष 25% SI पर दोगुना होने का समय है; वह अलग प्रश्न है।
- D: दो वार्षिक गुणकों से ₹10,000 मिलता है।
16. उत्तर C
18 महीनों में केवल एक पूरी वार्षिक अवधि समाप्त होती है। वार्षिक चक्रवृद्धि बाकी छह महीनों का नियम नहीं बताती। जैसे ₹1,000 पर 10% दर से एक वर्ष के ₹1,100 मिश्रधन पर स्पष्ट साधारण-ब्याज शेष-अवधि नियम हो तो ₹1,155 मिलता है; अगला पूरा वर्ष होने तक अतिरिक्त ब्याज न जोड़ने का स्पष्ट नियम हो तो ₹1,100 । अलग अतिरिक्त नियम अलग परिणाम देते हैं; किसी को चुपचाप नहीं मान सकते।
हर विकल्प की जाँच:
- A: बिना बताए चक्रवृद्धि की आवृत्ति बदल दी गई है।
- B: बिना दी हुई भिन्नात्मक घात की शर्त जोड़ दी गई है।
- C: गणना की गायब शर्त सही पहचानी गई है।
- D: दी गई चक्रवृद्धि को साधारण ब्याज में बदल दिया गया है।
आगे पढ़ने के स्रोत
- एनसीईआरटी गणित कक्षा 8, राशियों की तुलना, खंड 7.4–7.6, पृ.91–96: वार्षिक चक्रवृद्धि, सूत्र और उपयोग। यह 2024–25 का पुराना पुनर्मुद्रण है
- एनआईओएस माध्यमिक गणित 211, अध्याय 8: खंड 8.5.4 पृ.233 से चक्रवृद्धि तथा खंड 8.5.5 पृ.240 से बढ़ोतरी और अवमूल्यन
- एनआईओएस अंग्रेज़ी माध्यमिक गणित 211, अध्याय 8, खंड 8.5.3 पृ.219–223; खंड 8.5.4 पृ.224–230; खंड 8.5.5 पृ.230–233: साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि, अवधि-रूपांतरण और वृद्धि/मूल्यह्रास
- एनसीईआरटी अंग्रेज़ी गणित प्रकाश कक्षा 8 भाग II, Fractions in Disguise, पृ.21–25: क्रमिक प्रतिशत गुणक, ब्याज और कमी
- आरआरबी CEN 09/2025, खंड 14.1, मुद्रित पृ.28: गणित के विषयों की सूची
पाठ्यपुस्तकें गणितीय मॉडलों का आधार देती हैं। आरआरबी सूची में साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज हैं; सूची उदाहरणात्मक है, संपूर्ण नहीं। वह इन पाठों या प्रश्न-संख्याओं को तय नहीं करती। यहाँ की व्याख्याएँ और अभ्यास मौलिक हैं। नाममात्र दर तथा अधूरी अवधि की स्पष्ट शर्तें प्रत्येक मॉडल का भाग हैं, वर्तमान वित्तीय सलाह नहीं। यहाँ भर्ती की तिथियाँ, पात्रता या प्रक्रियागत जानकारी नहीं पढ़ाई गई है।
उदाहरण से समझें
मानिए 100 mm की रेखा को एक गणितीय आकार-बदलने के नियम से हर बार उसकी वर्तमान लंबाई का 10% बढ़ाया जाता है। एक चरण बाद 110 mm और दूसरे के बाद 121 mm होगा, क्योंकि अब 10% का आधार 110 है। इसके बजाय हर बार निश्चित 10 mm जोड़ें तो 110 mm और फिर 120 mm होगा। चक्रवृद्धि बार-बार लगने वाले गुणक जैसी है; निश्चित दर का साधारण ब्याज आरंभिक आधार से निकले निश्चित जोड़ जैसा है। यह तुलना केवल गणना समझाती है। वास्तविक प्रश्न में दर, अवधि और मॉडल फिर भी स्पष्ट होने चाहिए।
सूत्र और नियम
चक्रवृद्धि ब्याज संक्षिप्त संदर्भ
- धनात्मक मूलधन P>0 तथा शून्य या धनात्मक पूर्णांक N लें। P आरंभिक मूलधन, A अंतिम मिश्रधन और कुल CI=A−P है। एक अवधि का ब्याज और कुल CI अलग राशियाँ हैं
- हर अवधि में शुरुआती आधार B बदलकर B(1+i) होता है, जहाँ i उसी अवधि की भिन्नरूपी दर है। समान प्रति-अवधि दर से N पूरी अवधियों में A=P(1+i)^N
- प्रति अवधि j% दर का अर्थ i=j/100 है। जैसे j=6 होने पर i=0.06
- केवल स्पष्ट नाममात्र वार्षिक शर्त पर: एक वर्ष में m समान अवधियाँ हों तो j=R/m और N=mT; R वार्षिक प्रतिशत की संख्या तथा T वर्षों में समय है। यहाँ N पूर्णांक होना चाहिए। वार्षिक m=1; छमाही m=2; तिमाही m=4
- दर पहले से प्रति छमाही या प्रति तिमाही हो तो उस अवधि में सीधे लगाएँ। उसे फिर m से मत बाँटें
- दी गई प्रति-अवधि दरें बदलें तो अलग गुणक गुणा करें: A=P(1+i₁)(1+i₂)…; दरें जोड़ें या उनका औसत न लें
- SI और CI की तुलना में P, प्रति-अवधि दर और N समान रखें। SI=PNi। P>0 और i>0 हों तो N=0 या 1 पर दोनों बराबर और पूरे N≥2 पर CI>SI है। i=0 पर हर N के लिए बराबर हैं
- ठीक दो वार्षिक अवधियाँ, समान P और निश्चित वार्षिक प्रतिशत दर R: CI−SI=P(R/100)^2 । इसे दूसरी अवधि या चक्रवृद्धि आवृत्ति पर मत लगाएँ
- वर्तमान मूल्य में g% वृद्धि का गुणक 1+g/100 है। d% मूल्यह्रास का गुणक 1−d/100 है; सामान्य शून्य या धनात्मक मूल्यों के लिए 0≤d≤100 । मूल्यह्रास की उलटी गणना में d<100 जरूरी है
- उलटा मूलधन: A को पूरे गुणक से भाग दें। समान i पर P=A/(1+i)^N। वृद्धि उलटने के लिए अंतिम मिश्रधन से उसका कुल वृद्धि-प्रतिशत कभी न घटाएँ
- समान दर वाली दो अवधियों में धनात्मक गुणक 1+i=√(A/P)। फिर दर%=100 i। बताई उचित सीमा अपनाएँ; गुणक को ब्याज दर न समझें
- सरल पूरे-अवधि वाले उलटे समय-प्रश्न में छोटी सटीक घात पहचानें या छोटी सारणी बनाएँ, फिर आगे जाँचें। शून्य दर पर A=P से अद्वितीय समय नहीं मिलता; A≠P उस मॉडल में असंभव है
- अंतिम अधूरी अवधि का स्पष्ट नियम चाहिए। अपने आप भिन्नात्मक घात, बची अवधि का साधारण ब्याज या दूसरी चक्रवृद्धि आवृत्ति मत मानें
- अंतिम गोलाई के नियम तक गणना सटीक रखें। धनराशि, प्रतिशत, अवधि और अवधि-संख्या अलग रखें। ये सूत्र बताए मॉडल पर हैं; बीच में अतिरिक्त धन-लेनदेन, शुल्क या कर शामिल नहीं हैं
इस पाठ के नोट्स
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