साधारण ब्याज: सूत्र और प्रश्न हल करने के तरीके
सीखने के लक्ष्य
इस पाठ के बाद आप साधारण ब्याज और मिश्रधन निकाल सकेंगे, समय की इकाइयाँ सही कर सकेंगे, अज्ञात मूलधन या दर ज्ञात कर सकेंगे और राशि के दोगुना होने तथा दो मिश्रधनों के अंतर वाले प्रश्न हल कर सकेंगे। ये अभ्यास के कौशल हैं; परीक्षा में इस विषय से कितने प्रश्न आएँगे, इसकी भविष्यवाणी नहीं।
1. पहले गणना का आधार समझिए
साधारण ब्याज की गणना पूरी बताई गई अवधि में आरंभिक मूलधन पर होती है। पहले से अर्जित ब्याज पर नया ब्याज नहीं जुड़ता। इसे एक ही साइकिल के तय वार्षिक किराये से समझ सकते हैं: गणना का आधार और किराये की दर समान हों, तो हर वर्ष समान किराया मिलता है।
मानिए P मूलधन है, R वार्षिक प्रतिशत दर है और T वर्षों में समय है। एक वर्ष का ब्याज P × R / 100 होगा। इसलिए:
- SI = P × R × T / 100
- मिश्रधन A = P + SI
- P = 100 × SI / (R × T)
- R = 100 × SI / (P × T)
- T = 100 × SI / (P × R)
आखिरी तीन सूत्रों में जिस व्यंजक से भाग दिया जा रहा है, वह शून्य नहीं होना चाहिए। धनराशि, प्रतिशत दर और समय की इकाइयाँ अलग-अलग पहचानिए।
2. सूत्र में रखने से पहले समय बदलिए
वार्षिक दर के लिए 9 महीने = 9/12 = 3/4 वर्ष और 2 वर्ष 6 महीने = 2.5 वर्ष। यदि समय दिनों में हो, तो प्रश्न में दी गई वर्ष की अवधि अपनाइए; 365 दिन दिए हों तो अपने आप 360 दिन मत मानिए। मासिक दर को महीनों के साथ प्रयोग करें या उसे वार्षिक साधारण दर में बदलें।
उदाहरण A: वार्षिक ब्याज
₹2,000 पर 5% वार्षिक दर से 3 वर्ष का ब्याज: SI = 2000 × 5 × 3 / 100 = ₹300। मिश्रधन = ₹2,300। जाँच: ₹2,000 का 5% हर वर्ष ₹100 है, इसलिए तीन वर्षों में ₹300 मिलना चाहिए।
उदाहरण B: महीनों में समय
₹8,000 पर 9% वार्षिक दर से 8 महीने का ब्याज: SI = 8000 × 9 × (8/12) / 100 = ₹480। मिश्रधन = ₹8,480। यदि T = 8 रख देंगे, तो ब्याज सही उत्तर का बारह गुना निकल आएगा।
उदाहरण C: मूलधन ज्ञात करना
6% वार्षिक दर से 3 वर्ष में ₹900 ब्याज मिलता है। P = 100 × 900 / (6 × 3) = ₹5,000। वापस जाँचिए: 5000 × 6 × 3 / 100 = 900।
उदाहरण D: दर ज्ञात करना
₹7,500 पर 2.5 वर्ष में ₹1,125 ब्याज मिलता है। R = 100 × 1125 / (7500 × 2.5) = 6% प्रति वर्ष। दर 15% प्रति वर्ष नहीं है। 15% पूरी अवधि का कुल ब्याज है, जिसे मूलधन के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया गया है।
3. दो मिश्रधनों का अंतर इस्तेमाल कीजिए
यदि मूलधन और साधारण ब्याज की दर अपरिवर्तित रहें, तो दो समयों के मिश्रधन का अंतर उस अतिरिक्त अवधि का ब्याज होता है।
एक राशि 2 वर्ष बाद ₹6,200 और 4 वर्ष बाद ₹6,800 हो जाती है। दो अतिरिक्त वर्षों का ब्याज = 6800 − 6200 = ₹600। एक वर्ष का ब्याज = ₹300। मूलधन = 6200 − 2 × 300 = ₹5,600। दर = 300/5600 × 100 = 75/14% प्रति वर्ष, अर्थात लगभग 5.36% प्रति वर्ष। ₹6,200 को मूलधन मत मानिए; उसमें दो वर्षों का ब्याज पहले से शामिल है।
4. राशि का दोगुना या कई गुना होना
यदि मिश्रधन मूलधन का k गुना हो जाए, तो ब्याज (k − 1)P होगा। इसलिए T = 100(k − 1)/R। समान साधारण दर पर राशि को तिगुना होने में, दोगुना होने की अपेक्षा दुगना समय लगता है: आवश्यक ब्याज P के स्थान पर 2P होता है।
यदि राशि 8 वर्षों में दोगुनी होती है, तो R = 100/8 = 12.5% प्रति वर्ष। वह 16 वर्षों में तिगुनी होगी। यह तरीका साधारण ब्याज के लिए है; चक्रवृद्धि ब्याज में राशि बढ़ने का आधार अलग होता है।
5. दर बदलने पर क्या करें?
यदि दर बदलती हो लेकिन हर अवधि का साधारण ब्याज उसी मूलधन पर लगना हो, तो प्रत्येक अवधि का ब्याज अलग निकालकर जोड़िए।
₹10,000 पर पहले 2 वर्ष 6% वार्षिक और फिर 1 वर्ष 8% वार्षिक दर है। कुल ब्याज = ₹1,200 + ₹800 = ₹2,000। मिश्रधन = ₹12,000। जब तक प्रश्न स्पष्ट रूप से गणना का आधार न बदले, पहले का ब्याज मूलधन में जोड़कर चक्रवृद्धि गणना मत कीजिए।
सामान्य गलतियाँ
- मिश्रधन को ब्याज मान लेना: मिश्रधन दिया हो तो ब्याज पाने के लिए मूलधन घटाइए
- वार्षिक दर के साथ महीनों को बिना बदले रख देना
- साधारण ब्याज में बढ़े हुए मिश्रधन पर अगली अवधि का ब्याज लगाना
- दोगुना होने के साधारण ब्याज वाले नियम को चक्रवृद्धि ब्याज पर लगाना
- बीच की गणना में भिन्न को बहुत जल्दी गोल कर देना
अभ्यास: उत्तर पढ़ने से पहले हल कीजिए
- ₹12,000 पर 7.5% वार्षिक दर से 2 वर्षों का साधारण ब्याज और मिश्रधन निकालिए।
- ₹6,400 पर 12% वार्षिक दर से 9 महीनों का साधारण ब्याज निकालिए।
- किस मूलधन पर 8% वार्षिक दर से 3 वर्षों में ₹1,440 ब्याज मिलता है?
- ₹9,000 की राशि 3 वर्षों में ₹10,620 हो जाती है। वार्षिक साधारण दर निकालिए।
- 8% वार्षिक साधारण ब्याज पर किसी राशि को दोगुना होने में कितना समय लगेगा?
- एक राशि 3 वर्षों में ₹4,600 और 5 वर्षों में ₹5,000 होती है। मूलधन और वार्षिक दर निकालिए।
- साधारण ब्याज पर एक राशि 20 वर्षों में तिगुनी होती है। उसे दोगुना होने में कितना समय लगेगा?
- ₹15,000 पर पहले 1 वर्ष 4% वार्षिक और अगले 2 वर्ष 6% वार्षिक दर से कुल साधारण ब्याज निकालिए। मूलधन अपरिवर्तित है।
व्याख्या सहित उत्तर
- SI = 12000 × 7.5 × 2 / 100 = ₹1,800; मिश्रधन = ₹13,800।
- T = 9/12; SI = 6400 × 12 × 0.75 / 100 = ₹576।
- P = 1440 × 100 / 24 = ₹6,000।
- SI = 10620 − 9000 = ₹1,620; R = 1620 × 100 / 27000 = 6% प्रति वर्ष।
- दोगुना होने के लिए ब्याज मूलधन के बराबर चाहिए, इसलिए T = 100/8 = 12.5 वर्ष।
- एक वर्ष का ब्याज = (5000 − 4600)/2 = ₹200। P = 4600 − 600 = ₹4,000; R = 5% प्रति वर्ष।
- तिगुना होने के लिए मूलधन का दुगना ब्याज चाहिए। दोगुना होने के लिए उसका आधा ब्याज और इसलिए आधा समय, अर्थात 10 वर्ष चाहिए।
- SI = 15000 × (4 × 1 + 6 × 2)/100 = ₹2,400।
अंतिम जाँच
उत्तर चुनने से पहले पहचानिए कि प्रश्न मूलधन, ब्याज या मिश्रधन में से क्या पूछ रहा है। दर और समय की इकाइयाँ मिलाइए। एक वर्ष का ब्याज निकालकर जाँचिए कि अंतिम उत्तर उचित है या नहीं।
उदाहरण से समझें
साधारण ब्याज को उसी साइकिल के निश्चित वार्षिक किराये से समझिए। गणना का आधार और वार्षिक दर अपरिवर्तित हों, तो हर वर्ष समान राशि जुड़ती है। तीन वर्षों में तीन बराबर भुगतान मिलते हैं। यह तुलना बराबर ब्याज बढ़ने को समझाती है; इसका अर्थ यह नहीं कि हर वास्तविक किराये का समझौता साधारण ब्याज वाला ऋण है। दर बदलने पर उसी मूलधन पर प्रत्येक अवधि की गणना अलग कीजिए।
सूत्र और नियम
साधारण ब्याज: संक्षिप्त संदर्भ
- P = आरंभिक मूलधन; R = वार्षिक प्रतिशत दर; T = वर्षों में समय
- SI = P × R × T / 100; मिश्रधन A = P + SI
- P = 100 × SI / (R × T)
- R = 100 × SI / (P × T)
- T = 100 × SI / (P × R)
- बदले हुए सूत्रों में हर शून्य नहीं होना चाहिए
- महीने → वर्ष: 12 से भाग दें; दिनों के लिए प्रश्न में बताई वर्ष की अवधि अपनाएँ
- मूलधन और दर समान रहें: वार्षिक ब्याज = मिश्रधनों का अंतर / वर्षों का अंतर
- मिश्रधन मूलधन का k गुना होने का समय: T = 100(k − 1)/R, जब दर निश्चित और धनात्मक हो
- बदलती साधारण दरें: SI = P × (R₁T₁ + R₂T₂ + …) / 100; मूलधन वही हो और दर वार्षिक तथा समय वर्षों में हो
- अंतिम जाँच: मूलधन, ब्याज और मिश्रधन अलग पहचानें; साधारण ब्याज में चक्रवृद्धि गणना न करें
स्रोत और पाठ्यक्रम से संबंध
- NIOS माध्यमिक गणित, अध्याय 8, खंड 8.5.3, पृ. 219–223: साधारण ब्याज
- RRB CEN 09/2025, खंड 14.1, पृ. 28: गणित का पाठ्यक्रम
ये संदर्भ गणितीय आधार और पाठ्यक्रम में विषय के स्थान के लिए हैं। यह पाठ वर्तमान आवेदन या पात्रता संबंधी सलाह नहीं देता।
इस पाठ के नोट्स
इस पाठ के टेस्ट
- साधारण ब्याज: 12 प्रश्नों का विषय अभ्यास
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