सांतत्य, अवकलनीयता और खंडशः फलन
लक्ष्य और पूर्वज्ञान
सीमाओं से सांतत्य जाँचें, परिभाषा से अवकलज निकालें और खंडशः सूत्रों का मिलान करें। वास्तविक एकचर फलनों पर काम होगा। पूर्वज्ञान: पाठ 1 और प्राथमिक बीजगणित।
1. सांतत्य की तीन जाँचें
भीतरी बिंदु a पर f(a) मौजूद हो, lim(x→a)f(x) मौजूद हो और दोनों बराबर हों। बंद अंतराल [a,b] के सिरों पर भीतर की ओर से एकपक्षीय सांतत्य चाहिए। परिमेय फलन अशून्य हर वाले बिंदुओं पर सतत है; लघुगणक का तर्क धनात्मक और वास्तविक वर्गमूल का तर्क गैरऋणात्मक होना चाहिए।
x≠1 पर f(x)=(x²−1)/(x−1), f(1)=k हो तो सांतत्य के लिए k=2। यह हटाने योग्य असांतत्य है। लेकिन बाईं-दाईं सीमाएँ अलग हों तो बिंदु का एक मान चुनकर छलाँग नहीं मिटा सकते। असीमित असांतत्य भी परिमित मान से ठीक नहीं होता।
बंद परिबद्ध अंतराल पर सतत फलन परम अधिकतम और न्यूनतम प्राप्त करता है। मध्यवर्ती मान प्रमेय f(a) और f(b) के बीच हर मान के प्राप्त होने की गारंटी देता है, अद्वितीयता की नहीं। यदि f सतत है और f(a)f(b)<0, तो (a,b) में कम से कम एक शून्य है।
2. अवकलज ढाल की सीमा है
भीतरी बिंदु पर f′(a)=lim(h→0)[f(a+h)−f(a)]/h, जब सीमा परिमित वास्तविक हो। यह स्पर्शरेखा की ढाल और तात्कालिक परिवर्तन-दर है। f(x)=x² में भागफल 2a+h है, इसलिए f′(a)=2a। दोनों एकपक्षीय अवकलज परिमित और बराबर होने चाहिए।
अवकलनीयता से सांतत्य मिलता है: f(a+h)−f(a), h और अंतर-भागफल का गुणनफल है, जो शून्य की ओर जाता है। उलटा सही नहीं। |x| शून्य पर सतत है, पर बायाँ अवकलज −1 और दायाँ 1 है। वास्तविक घनमूल का शून्य पर अंतर-भागफल 1/|h|^(2/3) असीमित है; खड़ी स्पर्शरेखा परिमित अवकलज नहीं देती।
3. नियम और क्षेत्र
अवकलनीय u,v के लिए (u+v)′=u′+v′, (uv)′=u′v+uv′, v≠0 पर (u/v)′=(u′v−uv′)/v², और (g(u))′=g′(u)u′। जहाँ परिभाषित हो वहाँ (xⁿ)′=nxⁿ⁻¹; (eˣ)′=eˣ; x>0 पर (ln x)′=1/x; रेडियन में (sin x)′=cos x और (cos x)′=−sin x।
y=ln(1+x²) सभी वास्तविक x पर परिभाषित है और y′=2x/(1+x²)। y=x²eˣ का अवकलज 2xeˣ+x²eˣ है, केवल 2xeˣ नहीं। पहले गुणन नियम लगाएँ।
4. खंडशः मिलान: पहले मान, फिर ढाल
x<1 पर f(x)=ax+b और x≥1 पर f(x)=x² लें। सांतत्य के लिए a+b=1। इसे लगाने के बाद बायाँ अवकलज a और दायाँ 2 है। अवकलनीयता के लिए a=2, b=−1। केवल शाखाओं की ढाल मिलाना काफी नहीं: छलाँग होने पर अवकलनीयता नहीं होगी।
x≠0 पर f(x)=x²sin(1/x) और f(0)=0 लें। सैंडविच से सतत है। शून्य पर अंतर-भागफल h sin(1/h)→0, अतः f′(0)=0। लेकिन x≠0 पर f′(x)=2x sin(1/x)−cos(1/x), जिसकी शून्य पर सीमा नहीं है। अवकलनीय फलन का अवकलज उसी बिंदु पर असतत हो सकता है।
5. सामान्य भूलें और क्रम
जोड़ वाले बिंदु पर f(a), बाईं-दाईं फलन-सीमाएँ, फिर अंतर-भागफल लिखें। केवल x≠a के लिए निकाले अवकलज-सूत्र में a न रखें। f का सांतत्य और f′ का सांतत्य अलग हैं। सिरे पर यदि एकपक्षीय अवकलज माँगा हो तो दिशा स्पष्ट करें; सामान्य भीतरी द्विपक्षीय परिभाषा स्वतः नहीं लगती।
मौलिक अभ्यास: छह एक-सही-विकल्प प्रश्न
ये मौलिक प्रश्न हैं, पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं। ठीक एक विकल्प चुनें।
CD01. x≠1 पर f(x)=(x²−1)/(x−1), f(1)=k है। कौन-सा k, 1 पर सांतत्य देगा?
A. 0 B. 1 C. 2 D. No such k / कोई नहीं
उत्तर: C
A: सीमा 2 है, 0 नहीं।
B: सीमा x+1 में 1 रखने से मिलेगी।
C: काटने से सीमा 2, अतः k=2।
D: असांतत्य हटाने योग्य है।
CD02. शून्य पर f(x)=|x| है:
A. Differentiable / अवकलनीय B. Continuous but not differentiable / सतत पर अनवकलनीय C. Discontinuous / असतत D. Undefined / अपरिभाषित
उत्तर: B
A: एकपक्षीय ढालें अलग हैं।
B: दोनों फलन-सीमाएँ 0, ढालें −1 और 1 हैं।
C: मान f(0)=0 की ओर जाते हैं।
D: शून्य पर मान 0 है।
CD03. f(x)=ax+b (x<1), f(x)=x² (x≥1) को 1 पर अवकलनीय बनाने के लिए:
A. a=1,b=0 B. a=2,b=0 C. a=0,b=1 D. a=2,b=−1
उत्तर: D
A: मान मिलते हैं, ढालें नहीं।
B: ढालें मिलती हैं, पर छलाँग है।
C: मान मिलते हैं, पर बाईं ढाल 0 है।
D: ढाल से a=2, सांतत्य से b=−1।
CD04. वास्तविक x के लिए d/dx ln(1+x²) क्या है?
A. 1/(1+x²) B. 2x/(1+x²) C. 2/x D. ln(2x)
उत्तर: B
A: भीतरी अवकलज 2x छूटा है।
B: श्रृंखला नियम लगाएँ; तर्क सदा धनात्मक है।
C: हर 1+x² है, x² नहीं।
D: अवकलज का लघुगणक नहीं मिलता।
CD05. f(0)=0 और x≠0 पर f(x)=x²sin(1/x)। f′(0) क्या है?
A. 0 B. 1 C. −1 D. Does not exist / मौजूद नहीं
उत्तर: A
A: परिभाषा का भागफल h sin(1/h)→0।
B: सैंडविच से भागफल 0 की ओर है।
C: सैंडविच से भागफल 0 की ओर है।
D: अवकलज मौजूद है, भले f′ वहाँ सतत नहीं।
CD06. वास्तविक फलन के भीतरी बिंदु पर कौन-सा निष्कर्ष सदा सही है?
A. Continuous ⇒ differentiable / सतत ⇒ अवकलनीय B. Differentiable ⇒ continuous / अवकलनीय ⇒ सतत C. Derivative exists ⇒ derivative continuous / अवकलज मौजूद ⇒ अवकलज सतत D. Limit exists ⇒ function continuous / सीमा मौजूद ⇒ फलन सतत
उत्तर: B
A: शून्य पर |x| प्रतिउदाहरण है।
B: परिमित अवकलज से f(a+h)−f(a)→0।
C: x²sin(1/x) वाला उदाहरण इसे गलत करता है।
D: फलन का मान भी सीमा के बराबर होना चाहिए।
स्रोत और सीमा
आधिकारिक सांतत्य और अवकलनीयता: एकचर परिभाषाएँ, नियम और जोड़-बिंदु।
Official GATE 2026 CS syllabus (verified 2026-10-14).
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