रैखिक समीकरण-तंत्र: पंक्ति न्यूनीकरण, रैंक और शून्यकता
उद्देश्य, पूर्वज्ञान और सीमा
रैखिक तंत्र को Ax=b लिखना, विस्तारित आव्यूह घटाना, संगति जाँचना और स्वतंत्र पैरामीटरों से सभी हल बताना सीखें। पूर्वज्ञान: आव्यूह संक्रियाएँ और सारणिक। रैंक और शून्यकता आधिकारिक Matrices तथा System of linear equations शीर्षकों के सहायक साधन हैं। हम R पर काम करते हैं; परिमित क्षेत्रों में हलों की संख्या का अर्थ अलग है।
1. विस्तारित आव्यूह दाएँ पक्ष को साथ रखता है
m समीकरणों और n अज्ञातों का तंत्र Ax=b है, जहाँ A का आकार m×n, x का n×1 और b का m×1 है। विस्तारित आव्यूह [A|b] में n+1 स्तम्भ हैं। पंक्ति संक्रिया पूरी पंक्ति, अर्थात b वाले भाग पर भी करनी चाहिए। दो समीकरणों की अदला-बदली करना, किसी समीकरण को अशून्य संख्या से गुणा करना और दूसरे समीकरण का गुणज जोड़ना मान्य हैं। ये उलट सकने वाली क्रियाएँ हैं और हल-समुच्चय बचाती हैं।
स्तम्भ संक्रियाएँ अलग हैं: वे चर या उनका क्रम बदलती हैं। उस बदलाव को दर्ज किए बिना वही निर्देशांक-हल नहीं मिलता। Ax=b हल करते समय स्तम्भ संक्रिया को पंक्ति संक्रिया की तरह चुपचाप न लगाएँ।
2. पिवट और सोपानक रूप
सोपानक रूप में अशून्य पंक्ति की पहली अशून्य प्रविष्टि पिवट है। नीचे जाते समय पिवट का स्थान दाईं ओर बढ़ता है, शून्य पंक्तियाँ अंत में आती हैं और हर पिवट के नीचे शून्य होते हैं। घटे हुए सोपानक रूप में पिवट एक है तथा उसके स्तम्भ की बाकी प्रविष्टियाँ शून्य हैं। सोपानक रूप से पीछे से प्रतिस्थापन कर सकते हैं; घटा हुआ रूप पैरामीटर लिखना और सरल करता है।
अद्वितीय हल का उदाहरण: x+2y=5 और 3x+5y=13 से [[1,2|5],[3,5|13]]। R₂←R₂−3R₁ करने पर [0,−1|−2], अतः y=2। पहले समीकरण से x=1। मूल दोनों समीकरण जाँचें: 1+4=5 और 3+10=13। पंक्ति न्यूनीकरण एक विधि है; मूल समीकरणों में प्रतिस्थापन अलग जाँच है।
3. रैंक और संगति
rank(A), A के किसी भी सोपानक रूप में पिवटों की संख्या है। यह स्वतंत्र पंक्तियों की अधिकतम संख्या और स्वतंत्र स्तम्भों की अधिकतम संख्या, दोनों के बराबर है। इसलिए 0≤rank(A)≤min(m,n)। अशून्य पंक्तियाँ न्यूनीकरण के बाद गिनें; मूल आव्यूह की आनुपातिक अशून्य पंक्तियाँ निर्भर हैं।
तंत्र संगत तभी है जब rank(A)=rank([A|b])। [0 … 0 | c], जहाँ c≠0, का अर्थ 0=c है और तंत्र असंगत है; विस्तारित स्तम्भ से अतिरिक्त पिवट बना है। संगत तंत्र की रैंक r हो तो n−r स्वतंत्र चर हैं। r=n पर अद्वितीय हल और r<n पर अनंत वास्तविक हल हैं। केवल समीकरणों की संख्या इन मामलों में अंतर नहीं बताती।
उदाहरण: x+y=1 और 2x+2y=3 घटकर [0,0|1] देते हैं, इसलिए कोई हल नहीं। दूसरे दाएँ पक्ष को 2 करने पर शून्य पंक्ति मिलती है और अनंत हल (x,y)=(1−t,t) हैं। दोनों का गुणांक आव्यूह वही अव्युत्क्रमणीय आव्यूह है; संगति दाएँ पक्ष पर निर्भर है।
4. सभी हलों का पैरामीटरीकरण और शून्यकता
x+2y−z=3 और y+z=1 में गैर-पिवट चर z=t चुनें। तब y=1−t और x=1+3t। प्रत्येक हल है
(x,y,z)ᵀ=(1,1,0)ᵀ+t(3,−1,1)ᵀ, t∈R।
पहला सदिश एक विशेष हल xₚ है; दिशा-सदिश समघात तंत्र Ax=0 हल करता है। सामान्यतः संगत Ax=b के सभी हल xₚ+z हैं, जहाँ z शून्य-समष्टि ker(A)={z:Az=0} में है। दो विशेष हल घटाने से समघात हल क्यों मिलता है, यह स्पष्ट होता है।
समघात तंत्र में शून्य हल हमेशा है। अशून्य हल तभी है जब rank(A)<n। शून्यकता, अर्थात ker(A) का आयाम, n−rank(A) है; इसे रैंक–शून्यकता संबंध कहते हैं। 4×6 आव्यूह की रैंक 3 हो तो शून्य-समष्टि का आयाम 3 है, 4−3 नहीं। असमघात संगत हल-समुच्चय सामान्यतः सदिश समष्टि नहीं बल्कि उसका स्थानांतरित रूप है; b≠0 पर इसमें शून्य सदिश नहीं होता।
5. पैरामीटरों के लिए अलग मामले
x+y=1 और 2x+ty=s का विलोपन (t−2)y=s−2 देता है। t≠2 हो तो y=(s−2)/(t−2), x=1−y: अद्वितीय हल। t=2 तथा s=2 हो तो समीकरण निर्भर हैं और एक स्वतंत्र पैरामीटर है। t=2 तथा s≠2 पर असंगति है। शून्य मामला देखे बिना t−2 से भाग देने पर दोनों विशेष मामले खो जाएँगे।
वर्ग n×n A के लिए ये समतुल्य हैं: det(A)≠0; rank(A)=n; Ax=0 का केवल शून्य हल; A व्युत्क्रमणीय; हर b के लिए Ax=b का ठीक एक हल। आयताकार आव्यूह में पूर्ण स्तम्भ रैंक, हल मौजूद होने पर उसकी अद्वितीयता देती है, हर b के लिए अस्तित्व नहीं। पूर्ण पंक्ति रैंक हर b पर संगति देती है, पर स्वतंत्र चर बच सकते हैं। उदाहरण: रैंक 2 वाला 2×3 आव्यूह हर दो-प्रविष्टि b के लिए हल देता है और कम-से-कम एक स्वतंत्र चर रहता है।
जाँच-सूची और गलतियाँ
चरों का क्रम लिखें, [A|b] घटाएँ और स्वतंत्र चर गिनने से पहले विरोधाभास पहचानें। A के पिवट गिनें, स्वतः विस्तारित आव्यूह के नहीं। हर गैर-पिवट चर को अलग स्वतंत्र पैरामीटर दें, फिर पीछे से प्रतिस्थापन करें। पैरामीटर-निर्भर पिवट पर भाग देने से पहले मामले बाँटें। प्रस्तावित सामान्य हल हर मूल समीकरण में जाँचें। आयताकार आव्यूह पर सारणिक-परीक्षण न करें और रैंक को हलों की संख्या न मानें।
मौलिक अभ्यास: छह एक-सही-विकल्प प्रश्न
ये मौलिक प्रश्न हैं, पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं। ठीक एक विकल्प चुनें।
LS01. [[1,2,3],[2,4,6],[0,1,1]] की रैंक क्या है?
A. 1 B. 2 C. 3 D. 0
उत्तर: B
A: पहली और तीसरी पंक्तियाँ स्वतंत्र हैं।
B: दूसरी पंक्ति पहली की दोगुनी है; पहली और तीसरी से दो पिवट मिलते हैं।
C: एक पंक्ति निर्भर है, इसलिए रैंक 3 नहीं हो सकती।
D: आव्यूह में अशून्य पंक्तियाँ हैं।
LS02. वास्तविक संख्याओं पर तीन अज्ञातों वाले तंत्र में rank(A)=rank([A|b])=2 है। कितने हल हैं?
A. None / कोई नहीं B. Exactly one / ठीक एक C. Exactly two / ठीक दो D. Infinitely many / अनंत
उत्तर: D
A: समान रैंक से संगति सिद्ध है।
B: एक स्वतंत्र चर है, इसलिए अद्वितीयता नहीं।
C: रैंक हलों की संख्या नहीं है।
D: 3−2=1 स्वतंत्र पैरामीटर है, जिससे अनंत वास्तविक हल मिलते हैं।
LS03. घटे हुए विस्तारित आव्यूह में [0 0 0 | 1] है। क्या निष्कर्ष है?
A. x₃=1 B. The system has no solution / कोई हल नहीं C. There is a free variable / एक स्वतंत्र चर है D. The system has exactly one solution / ठीक एक हल है
उत्तर: B
A: x₃ का गुणांक शून्य है, एक नहीं।
B: यह पंक्ति 0=1 कहती है, जो असंगत है।
C: अन्य पंक्तियों में स्वतंत्र चर हों भी, यह विरोधाभास सभी हल रोक देता है।
D: विरोधाभासी पंक्ति किसी भी हल को असंभव बनाती है।
LS04. A का आकार 4×6 और रैंक 3 है। {x:Ax=0} का आयाम क्या है?
A. 1 B. 3 C. 4 D. 6
उत्तर: B
A: पंक्तियों की संख्या 4 नहीं, अज्ञातों की संख्या 6 प्रयोग करें।
B: शून्यकता स्तम्भों की संख्या घटा रैंक है: 6−3=3।
C: समीकरणों की संख्या शून्यकता नहीं है।
D: तीन पिवट प्रतिबंध छह-आयामी प्रांत को घटाते हैं।
LS05. x+y=1 और 2x+ty=3 के लिए कौन-सा कथन सही है?
A. Unique for every t / हर t पर अद्वितीय B. Infinite at t=2 / t=2 पर अनंत C. No solution at t=2; unique otherwise / t=2 पर कोई हल नहीं; अन्यथा अद्वितीय D. No solution for t≠2 / t≠2 पर कोई हल नहीं
उत्तर: C
A: t=2 पर पहले समीकरण का दुगुना घटाने से 0=1 मिलता है।
B: t=2 पर दाएँ पक्ष असंगत हैं, अनावश्यक दोहराव नहीं।
C: विलोपन से (t−2)y=1; 2 पर असंगत, अन्यथा अद्वितीय हल है।
D: t−2≠0 होने पर y=1/(t−2), फिर x=1−y।
LS06. x+2y−z=3 तथा y+z=1 का पूरा हल कौन-सा है?
A. (x,y,z)=(1+3t,1−t,t), t∈R B. (x,y,z)=(1−3t,1−t,t), t∈R C. (x,y,z)=(3,0,0) D. No solution / कोई हल नहीं
उत्तर: A
A: z=t रखें; y=1−t और x=3−2(1−t)+t=1+3t।
B: पहले समीकरण में रखने से 3−6t मिलता है, जो हमेशा 3 नहीं है।
C: दूसरा समीकरण 0=1 बनता है।
D: t=0 रखने पर ही सही हल (1,1,0) मिल जाता है।
स्रोत और सीमा
रैंक, संगति तथा पूरे हल-समुच्चय द्वारा आधिकारिक System of linear equations और Matrices शीर्षकों का समर्थन। छह मौलिक एक-सही-विकल्प प्रश्न आधार जाँचते हैं, संपूर्ण दक्षता नहीं।
Official GATE 2026 CS syllabus (verified 2026-10-14).
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