आव्यूह: संक्रियाएँ, ट्रांसपोज़ और व्युत्क्रम
उद्देश्य, पूर्वज्ञान और सीमा
आव्यूह के आकार पढ़ना, गुणन करना, इकाई और शून्य आव्यूह अलग पहचानना, ट्रांसपोज़ के नियम लगाना और व्युत्क्रम समझना सीखें। पूर्वज्ञान: अंकगणित, योग और सरल समीकरण। जब तक अलग क्षेत्र न दिया हो, वास्तविक संख्याओं पर काम करें। यह GATE 2026 CS के रैखिक बीजगणित का आव्यूह-आधार है; पूरा पाठ्यक्रम नहीं।
1. आकार भी आव्यूह का हिस्सा है
m×n आव्यूह A में m पंक्तियाँ और n स्तम्भ होते हैं। aᵢⱼ का स्थान पंक्ति i, स्तम्भ j है। दो आव्यूह तभी बराबर हैं जब आकार और सभी संगत प्रविष्टियाँ बराबर हों। जोड़ और घटाव समान आकार के आव्यूहों में प्रविष्टि-दर-प्रविष्टि होते हैं। अदिश गुणन हर प्रविष्टि को एक ही संख्या से गुणा करता है। शून्य आव्यूह की हर प्रविष्टि शून्य है, पर उसका आकार भी बताना आवश्यक है।
इकाई आव्यूह Iₙ का आकार n×n है; विकर्ण पर एक और अन्य स्थानों पर शून्य हैं। m×n आव्यूह A के लिए IₘA=A=AIₙ। दोनों ओर इकाई आव्यूहों के आकार अलग हो सकते हैं। वर्ग आव्यूह में m=n। विकर्ण आव्यूह में विकर्ण से बाहर शून्य हैं। ऊपरी त्रिकोणीय में विकर्ण के नीचे और निचले त्रिकोणीय में ऊपर शून्य हैं।
उदाहरण: A=[[1,−2,3],[0,4,5]] का आकार 2×3 है। 2A=[[2,−4,6],[0,8,10]]। इसे किसी 2×3 आव्यूह में जोड़ सकते हैं, पर 3×2 में नहीं, भले दोनों में छह प्रविष्टियाँ हों।
2. आव्यूह गुणन पंक्ति-स्तम्भ की क्रिया है
यदि A का आकार m×n और B का n×p हो, तो AB का m×p है तथा (AB)ᵢⱼ=Σₖ₌₁ⁿ aᵢₖbₖⱼ। भीतरी आकार बराबर होने चाहिए और बाहरी आकार बचते हैं। यह संयोजन दर्शाता है: p निर्देशांकों वाले x के लिए Bx में n और A(Bx) में m निर्देशांक हैं। सामान्य आव्यूह गुणन, प्रविष्टि-दर-प्रविष्टि गुणन नहीं है।
हल किया उदाहरण: A=[[1,2],[0,1]], B=[[1,0],[3,1]]। चार पंक्ति-स्तम्भ गुणनों से AB=[[7,2],[3,1]] मिलता है, जबकि BA=[[1,2],[3,7]]। अतः AB≠BA। संगत आकारों के लिए गुणन साहचर्य है: (AB)C=A(BC), और जोड़ पर वितरण नियम मानता है। कोष्ठक बदल सकते हैं, गुणकों का क्रम नहीं।
यदि A का आकार 2×3 और B का 3×2 हो, तो AB का 2×2 और BA का 3×3 है। दोनों बनते हैं लेकिन अलग आकार के कारण बराबर नहीं हो सकते। यदि B का आकार 3×4 हो, तो AB बनता है और BA अपरिभाषित है।
3. ट्रांसपोज़ और सममिति
Aᵀ पंक्तियों और स्तम्भों को बदलता है: (Aᵀ)ᵢⱼ=aⱼᵢ। इसलिए m×n का आकार n×m हो जाता है। (Aᵀ)ᵀ=A, (A+B)ᵀ=Aᵀ+Bᵀ और (cA)ᵀ=cAᵀ। मुख्य नियम (AB)ᵀ=BᵀAᵀ है। क्रम इसलिए उलटता है क्योंकि AB की प्रविष्टि A की पंक्ति तथा B के स्तम्भ का गुणन है।
वास्तविक वर्ग आव्यूह सममित है यदि Aᵀ=A; विषम-सममित है यदि Aᵀ=−A। वास्तविक विषम-सममित आव्यूह का विकर्ण शून्य होता है क्योंकि aᵢᵢ=−aᵢᵢ। सममित आव्यूह का विकर्ण होना आवश्यक नहीं: [[2,3],[3,5]] सममित है। किसी भी वास्तविक आयताकार A के लिए AᵀA वर्ग और सममित है क्योंकि (AᵀA)ᵀ=AᵀA। उसका व्युत्क्रमणीय होना आवश्यक नहीं।
हर वास्तविक वर्ग A को A=(A+Aᵀ)/2+(A−Aᵀ)/2 लिख सकते हैं। पहला भाग सममित और दूसरा विषम-सममित है। उदाहरण: [[1,4],[2,3]]=[[1,3],[3,3]]+[[0,1],[−1,0]]। इससे ट्रांसपोज़ के चिह्नों की जाँच भी होती है।
4. व्युत्क्रम और निरसन
वर्ग A का व्युत्क्रम A⁻¹ वह आव्यूह है जिसके लिए AA⁻¹=A⁻¹A=I। यह केवल व्युत्क्रमणीय, अर्थात अव्युत्क्रमणीय न होने वाले, आव्यूहों के लिए होता है और अद्वितीय है। हर प्रविष्टि का अलग व्युत्क्रम लेना आव्यूह-व्युत्क्रम नहीं है। A=[[1,2],[0,1]] के लिए A⁻¹=[[1,−2],[0,1]]। दोनों क्रमों में गुणा करके इकाई आव्यूह की जाँच करें।
यदि A और B व्युत्क्रमणीय वर्ग आव्यूह हों, तो (AB)⁻¹=B⁻¹A⁻¹। उलटे क्रम से पास-पास के गुणक कटते हैं। (Aᵀ)⁻¹=(A⁻¹)ᵀ भी सही है। दोनों आव्यूह व्युत्क्रमणीय हों तो भी उनका योग हो, यह आवश्यक नहीं: I+(−I)=0। सामान्यतः (A+B)⁻¹=A⁻¹+B⁻¹ गलत है।
यदि AX=AY और A व्युत्क्रमणीय है, तो बाएँ A⁻¹ से गुणा करने पर X=Y। बिना व्युत्क्रमणीयता के यह निरसन गलत है। A=[[1,0],[0,0]] और अशून्य x=(0,1)ᵀ के लिए Ax=0। अशून्य आव्यूह का वर्ग भी शून्य हो सकता है: N=[[0,1],[0,0]] के लिए N²=0। इसलिए AB=0 से A=0 या B=0 निष्कर्ष न निकालें।
5. घातें और हल की जाँच-सूची
वर्ग A के लिए A⁰=I और धन पूर्णांक k पर Aᵏ बार-बार गुणन है। ऋणात्मक घातों के लिए व्युत्क्रम चाहिए। विकर्ण D=diag(d₁,…,dₙ) के लिए धन k पर Dᵏ=diag(d₁ᵏ,…,dₙᵏ)। (A+B)²=A²+2AB+B² तभी प्रयोग करें जब AB=BA; सामान्यतः बीच के पद AB+BA हैं।
गणना से पहले हर आकार लिखें। गुणन में एक-एक पंक्ति-स्तम्भ का गुणन करें। ट्रांसपोज़ और व्युत्क्रम में क्रम जाँचें। निरसन तभी करें जब व्युत्क्रम का अस्तित्व सिद्ध हो। सममित, विकर्ण और व्युत्क्रमणीय अलग गुण हैं; एक शब्द से बाकी सब निष्कर्ष नहीं निकलते। अगले पाठ सारणिक और रैंक से व्युत्क्रमणीयता की जाँच तथा समीकरणों के हल बताएँगे।
मौलिक अभ्यास: छह एक-सही-विकल्प प्रश्न
ये मौलिक प्रश्न हैं, पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं। ठीक एक विकल्प चुनें।
LM01. A का आकार 2×3 और B का 3×4 है। AB का आकार क्या है?
A. 2×4 B. 3×3 C. 4×2 D. AB is undefined / AB अपरिभाषित है
उत्तर: A
A: भीतरी आकार समान हैं; बाहरी आकार 2 और 4 हैं।
B: जुड़ने वाला आकार 3 परिणाम का आकार नहीं बनता।
C: बाहरी आकार का क्रम नहीं बदलता।
D: दोनों भीतरी आकार 3 हैं, इसलिए गुणन परिभाषित है।
LM02. A=[[1,2],[0,1]], B=[[1,0],[3,1]] है। AB की (1,1) प्रविष्टि क्या है?
A. 1 B. 3 C. 7 D. 6
उत्तर: C
A: यह पंक्ति-स्तम्भ गुणन का दूसरा पद छोड़ता है।
B: यह B की प्रविष्टि है, आवश्यक गुणनफल नहीं।
C: पहली पंक्ति और पहले स्तम्भ का गुणन 1×1+2×3=7 है।
D: यह 1×1 छोड़ता है।
LM03. संगत वास्तविक आव्यूह A और B के लिए कौन-सी सर्वसमिका सदैव सही है?
A. (AB)ᵀ=AᵀBᵀ B. (AB)ᵀ=BᵀAᵀ C. AB=BA D. A+B=AB
उत्तर: B
A: ट्रांसपोज़ गुणकों का क्रम उलटता है; यह गुणन आकारों के कारण अपरिभाषित भी हो सकता है।
B: ट्रांसपोज़ की (i,j) प्रविष्टि AB की (j,i) प्रविष्टि है; इसी से उलटा क्रम मिलता है।
C: आव्यूह गुणन सामान्यतः क्रमविनिमेय नहीं है।
D: जोड़ और गुणन अलग क्रियाएँ हैं तथा उनके आकार-नियम अलग हैं।
LM04. A वास्तविक विषम-सममित आव्यूह है: Aᵀ=−A। हर विकर्ण प्रविष्टि क्या होनी चाहिए?
A. 1 B. −1 C. Arbitrary / मनमानी D. 0
उत्तर: D
A: विकर्ण पर aᵢᵢ=−aᵢᵢ है, इसलिए 1 संभव नहीं।
B: उसी समीकरण से −1 भी संभव नहीं।
C: विकर्ण नियंत्रित है, भले अन्य प्रविष्टियाँ बदल सकती हैं।
D: वास्तविक संख्याओं में 2aᵢᵢ=0 से aᵢᵢ=0 मिलता है।
LM05. A=[[0,1],[0,0]] है। कौन-सा कथन सही है?
A. A²=I B. A²=A C. A²=0 although A≠0 / A≠0 फिर भी A²=0 D. A is invertible / A व्युत्क्रमणीय है
उत्तर: C
A: प्रत्यक्ष गुणन से शून्य आव्यूह मिलता है, इकाई आव्यूह नहीं।
B: (1,2) प्रविष्टि 1 से 0 हो जाती है।
C: हर पंक्ति-स्तम्भ गुणन शून्य है; अशून्य आव्यूह का वर्ग शून्य हो सकता है।
D: व्युत्क्रम होता तो A²=0 को उससे गुणा करने पर A=0 मिलता।
LM06. A और B एक ही आकार के व्युत्क्रमणीय वर्ग आव्यूह हैं। (AB)⁻¹ क्या है?
A. A⁻¹B⁻¹ B. B⁻¹A⁻¹ C. A⁻¹+B⁻¹ D. AB
उत्तर: B
A: इस क्रम में समीपवर्ती गुणक सामान्यतः नहीं कटते।
B: AB(B⁻¹A⁻¹)=I तथा (B⁻¹A⁻¹)AB=I।
C: गुणनफल का व्युत्क्रम व्युत्क्रमों का योग नहीं है।
D: गुणनफल सामान्यतः अपना व्युत्क्रम नहीं होता।
स्रोत और सीमा
आधिकारिक Matrices शीर्षक का आधार। सारणिक, रैंक, आइगेनमान और LU अलग पाठों में हैं। प्रकाशन या संपूर्ण परीक्षा-तैयारी का दावा नहीं।
Official GATE 2026 CS syllabus (verified 2026-10-14).
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