Proportion and Partnership
समानुपात
चार संख्याएँ a, b, c, d समानुपात में हैं यदि a : b = c : d, अर्थात a × d = b × c (बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल)।
- a, b, c का चतुर्थानुपाती: d = (b × c)/a
- a, b का तृतीयानुपाती: c = b²/a
- a, b का मध्यानुपाती: √(a × b)
साझेदारी
लाभ पूँजी × समय के अनुपात में बाँटा जाता है।
- A ने ₹20,000 12 महीने, B ने ₹30,000 8 महीने लगाए। अनुपात = 1 : 1।
- समय समान हो तो लाभ अनुपात = पूँजी अनुपात।
- कार्यरत साझेदार को पहले वेतन या लाभ का तय % मिल सकता है; शेष पूँजी अनुपात में।
किसी राशि को अनुपात में बाँटना
₹1,200 को 2 : 3 : 5 में → कुल 10 भाग, एक भाग ₹120 → ₹240, ₹360, ₹600।
परीक्षा टिप
अनुपात को सरलतम रूप में लाएँ और जाँचें कि भागों का योग कुल के बराबर हो।
उदाहरण से समझें
साझेदारी टैक्सी का किराया न्यायपूर्वक बाँटने जैसी है। अगर एक दोस्त 10 किमी और दूसरा 5 किमी चले, तो पहला दोगुना देगा। व्यापार में पैसा "सीट" है और महीने "दूरी" — जो ज़्यादा पैसा ज़्यादा समय तक लगाए, उसे लाभ का बड़ा हिस्सा मिलता है।
इस पाठ के टेस्ट
- RRB NTPC Proportion and Partnership practice
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