मुख्य सामग्री पर जाएँ

सिलेबस · Quantitative Aptitude

विषय के सभी टॉपिक
Number System8
Arithmetic Operations4
Squares and Square Roots3
Decimals3
Fractions4
Ratio and Proportion5
Percentages7
Averages3
Commercial Arithmetic5
Simple Interest3
Compound Interest4
Partnership2
Mixtures3
Work and Time5
Speed, Distance and Time6
Algebra7
Geometry9
Measurement2
Plane Mensuration5
Solid Mensuration6
Trigonometry6

वृत्त की जीवाएँ और कोणों के गुणधर्म

पाठ 80 / 1004 मिनटमुफ़्त

सीखने का उद्देश्य

लंबवत् दूरियों, संबंधित चापों और शीर्षों की स्थिति के आधार पर जीवाओं की लंबाई तथा वृत्त के कोण निकालना।

अवधारणाएँ और मान्यताएँ

वृत्त का केंद्र O और त्रिज्या r > 0 मानें। जीवा वृत्त के दो अलग बिंदुओं को जोड़ती है; व्यास केंद्र O से होकर गुजरता है और उसकी लंबाई 2r होती है। चाप पर बताए गए बिंदुओं में उसके सिरे शामिल नहीं हैं। लघु चाप का कोणीय माप 180° से कम तथा दीर्घ चाप का 180° से अधिक होता है।

केंद्र O से जीवा पर खींचा गया लंब उसे दो बराबर भागों में बाँटता है। जीवा की लंबाई c और केंद्र से उसकी लंबवत् दूरी d हो, तो पाइथागोरस प्रमेय से:

(c ÷ 2)² + d² = r²।

एक ही वृत्त या समान त्रिज्या वाले वृत्तों में बराबर जीवाओं की केंद्रों से लंबवत् दूरियाँ बराबर होती हैं और उनसे बनने वाले अप्रतिवर्ती केंद्रीय कोण भी बराबर होते हैं। निश्चित त्रिज्या के लिए केंद्र के अधिक पास वाली जीवा लंबी होती है।

परिधि कोण ∠APB में A, P और B वृत्त पर स्थित तीन अलग बिंदु हैं। यह कोण उस चाप AB के कोणीय माप का आधा होता है जिसमें P नहीं है। उसी चाप पर बना केंद्रीय कोण, परिधि कोण का दुगुना होता है; यदि संबंधित चाप दीर्घ चाप हो, तो प्रतिवर्ती केंद्रीय कोण लें।

एक ही जीवा पर बने परिधि कोणों के शीर्ष उस जीवा की रेखा की एक ही ओर हों, तो कोण बराबर होते हैं; विपरीत ओर हों, तो वे संपूरक होते हैं, क्योंकि संबंधित चापों का कुल माप 360° होता है। व्यास अपने सिरों के अलावा वृत्त के प्रत्येक अन्य बिंदु पर 90° का परिधि कोण बनाता है।

जिस चतुर्भुज के चारों शीर्ष क्रम से एक ही वृत्त पर हों, उसके विपरीत आंतरिक कोणों का योग 180° होता है। चतुर्भुज के चक्रीय होने की यह शर्त आवश्यक है।

हल सहित उदाहरण

उदाहरण 1 — जीवा की लंबाई। एक वृत्त की त्रिज्या 13 cm है। केंद्र O से खींचा गया लंब जीवा AB को M पर मिलता है और OM = 5 cm है। चूँकि AM = MB, समकोण त्रिभुज OMA से AM² = 13² − 5² = 144 मिलता है। अतः AM = 12 cm और AB = 24 cm।

उदाहरण 2 — एक जीवा, अलग-अलग चाप। छोटा केंद्रीय कोण ∠AOB, 104° है। P और Q दीर्घ चाप AB पर हैं, जबकि R लघु चाप AB पर है। इसलिए ∠APB = ∠AQB = 104° ÷ 2 = 52°। लेकिन ∠ARB का संबंधित चाप दीर्घ चाप है, इसलिए ∠ARB = (360° − 104°) ÷ 2 = 128°।

उदाहरण 3 — व्यास और त्रिभुज। A, B और C एक वृत्त पर हैं; AB व्यास है और ∠BAC = 34°। व्यास के सामने बना कोण ∠ACB = 90° है। इसलिए त्रिभुज ABC में ∠ABC = 180° − 90° − 34° = 56°।

सामान्य गलतियाँ

शीर्ष लघु चाप पर हो, तो छोटे केंद्रीय कोण को आधा न करें। वृत्तखंड की स्थिति जाँचे बिना “एक ही जीवा पर बने कोण बराबर हैं” वाला नियम न लगाएँ। जीवा और उसकी दूरी के सूत्र में आधी जीवा आती है, पूरी जीवा नहीं।

अभ्यास प्रश्न

  1. एक वृत्त की त्रिज्या 10 cm है। उसकी एक जीवा केंद्र से 6 cm की लंबवत् दूरी पर है। जीवा की लंबाई निकालें।
  2. छोटा केंद्रीय कोण ∠AOB, 138° है। P दीर्घ चाप AB पर है। ∠APB निकालें।
  3. P और Q दीर्घ चाप AB पर दो अलग बिंदु हैं। यदि ∠APB = 47°, तो ∠AQB तथा लघु चाप AB का कोणीय माप निकालें।
  4. A, B, C, D क्रम से एक वृत्त पर स्थित हैं। ∠ABC = 112° और ∠BAD = 73° दिए हैं। ∠ADC और ∠BCD निकालें।

हल सहित उत्तर

  1. आधी जीवा की लंबाई का वर्ग = 10² − 6² = 64, इसलिए आधी जीवा = 8 cm। पूरी जीवा = 2 × 8 = 16 cm।
  2. P पर बना कोण लघु चाप AB पर आधारित है। परिधि कोण, उसी चाप के केंद्रीय कोण का आधा है: ∠APB = 138° ÷ 2 = 69°।
  3. दोनों शीर्ष एक ही वृत्तखंड में हैं, इसलिए ∠AQB = 47°। संबंधित लघु चाप का माप इस कोण का दुगुना है: 2 × 47° = 94°।
  4. चतुर्भुज चक्रीय है। विपरीत कोण संपूरक हैं: ∠ADC = 180° − 112° = 68° और ∠BCD = 180° − 73° = 107°।

प्रगति सहेजने के लिए साइन इन करें। साइन इन