किसी समूह का अंकगणितीय औसत
सीखने का परिणाम
अंकगणितीय औसत निकालें, कुल योग या अज्ञात मान खोजें और शून्य औसत को अपरिभाषित औसत से अलग पहचानें।
अर्थ और तरीका
अंकगणितीय औसत समूह का कुल योग बराबर बाँटने पर प्रत्येक सदस्य को मिलने वाला मान है। यह समूह का सार है; हर सदस्य का वास्तविक मान उतना होना जरूरी नहीं।
खाली न होने वाले समूह के लिए:
औसत = सभी मानों का कुल योग ÷ मानों की संख्या।
कुल योग = मानों की संख्या × औसत।
दूसरा संबंध पहले की उलटी क्रिया है: बराबर हिस्से को हिस्सों की संख्या से गुणा करने पर कुल योग लौटता है। गिनती में हर मान शामिल करें, चाहे वह दोहराया गया हो या शून्य हो। गिनती धनात्मक पूर्णांक होनी चाहिए।
औसत सबसे छोटे और सबसे बड़े मान के बीच होता है; सिरों के बराबर भी हो सकता है। बराबर हिस्सा सभी मूल मानों से छोटा या सभी से बड़ा नहीं हो सकता। लेकिन औसत जरूरी नहीं कि सूचीबद्ध मान या पूर्णांक हो।
कुल योग और अशून्य औसत ज्ञात हों, तो गिनती = कुल योग ÷ औसत। सटीक आँकड़ों में अलग-अलग वस्तुओं की भिन्नात्मक गिनती असंगत है। औसत शून्य हो तो उससे भाग न दें।
धनात्मक गिनती वाले समूह का कुल योग शून्य होने पर औसत शून्य हो सकता है। खाली समूह की गिनती शून्य है, इसलिए उसका औसत अपरिभाषित है, शून्य नहीं।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 — बराबर हिस्सा निकालें। पाँच अभ्यास सत्रों में विद्यार्थी 14, 18, 16, 22 और 20 प्रश्न हल करता है। कुल = 14 + 18 + 16 + 22 + 20 = 90। औसत = 90 ÷ 5 = 18 प्रश्न प्रति सत्र। जाँच: 5 × 18 = 90।
उदाहरण 2 — अज्ञात मान निकालें। छह डिब्बों में औसतन 17 पैकेट हैं। पाँच में 14, 16, 19, 18 और 15 पैकेट हैं। आवश्यक कुल = 6 × 17 = 102। ज्ञात कुल = 14 + 16 + 19 + 18 + 15 = 82। छठे डिब्बे में 102 - 82 = 20 पैकेट हैं।
उदाहरण 3 — गिनती निकालें। पार्सलों का कुल द्रव्यमान 234 kg और औसत द्रव्यमान 19 1/2 kg है। चूँकि 19 1/2 = 39/2, गिनती = 234 ÷ (39/2) = 234 × 2 ÷ 39 = 12 पार्सल। परिणाम अपेक्षानुसार धनात्मक पूर्णांक है।
आम गलतियाँ
कुल मानों की जगह केवल अलग-अलग मानों की संख्या से भाग न दें। माप की इकाइयाँ समान रखें। औसत बराबर पुनर्वितरण बताता है, सबसे अधिक बार आने वाला मान नहीं।
अभ्यास प्रश्न
- 11, 15, 17 और 21 का औसत निकालें।
- पाँच कॉपियों की औसत कीमत ₹38 है। चार की कीमतें ₹31, ₹36, ₹42 और ₹39 हैं। पाँचवीं की कीमत निकालें।
- रस्सियों की कुल लंबाई 126 m और औसत लंबाई 10 1/2 m है। कितनी रस्सियाँ हैं?
- -7, 0 और 7 का औसत निकालें। क्या खाली समूह का औसत भी शून्य होगा?
हल सहित उत्तर
- कुल = 11 + 15 + 17 + 21 = 64। मानों की संख्या 4 है, इसलिए औसत = 64 ÷ 4 = 16।
- कुल कीमत = 5 × 38 = ₹190। ज्ञात कीमत = 31 + 36 + 42 + 39 = ₹148। पाँचवीं की कीमत 190 - 148 = ₹42 है।
- गिनती = 126 ÷ (21/2) = 126 × 2 ÷ 21 = 12 रस्सियाँ। यहाँ 10 1/2 = 21/2।
- कुल (-7) + 0 + 7 = 0 है। धनात्मक गिनती से भाग देने पर 0 ÷ 3 = 0 मिलता है। खाली समूह की गिनती धनात्मक नहीं है; उसका औसत निकालने के लिए शून्य से भाग देना पड़ेगा, इसलिए वह अपरिभाषित है।
प्रगति सहेजने के लिए साइन इन करें। साइन इन