वार्षिक और वर्ष में एक से अधिक बार चक्रवृद्धि
सीखने का परिणाम
नाममात्र वार्षिक दर को सही चक्रवृद्धि अवधियों के अनुसार बदलें और अधूरी अवधि पर केवल स्पष्ट नियम के अनुसार गणना करें।
अवधारणाएँ और मान्यताएँ
नाममात्र वार्षिक दर r% वर्ष के भीतर चक्रवृद्धि का प्रभाव जोड़ने से पहले बताई दर है। व्यवस्था में प्रति वर्ष m बराबर चक्रवृद्धि अवधियाँ हों तो प्रति-अवधि दर (r ÷ m)% है। t वर्षों में अवधियों की संख्या n = m × t है।
A = P × [1 + r/(100 × m)]^n, जहाँ n पूरी हुई अवधियों की पूर्ण संख्या है। कुल ब्याज = A - P।
वार्षिक के लिए m = 1, अर्धवार्षिक के लिए 2, तिमाही के लिए 4 और मासिक के लिए 12 लें। दर और समय दोनों साथ बदलें: अवधियों की संख्या बढ़ाए बिना केवल वार्षिक दर को बाँटना व्यवस्था का गलत चित्र देगा।
सूत्र हर अवधि की वही वृद्धि दोहराता है। इससे एक वर्ष की प्रतिशत वृद्धि सामान्यतः बताई नाममात्र दर से अलग होती है। दर प्रभावी वार्षिक वृद्धि-दर के रूप में दी हो तो उसे सीधे m से न बाँटें; ऊपर का रूपांतरण नाममात्र दर मानकर चलता है।
अवधियाँ गिनने के लिए वर्ष में 12 महीने लें। 15 महीनों के लिए वार्षिक चक्रवृद्धि कहना अपने-आप नहीं बताता कि अतिरिक्त 3 महीनों में क्या होगा। प्रश्न को अधूरी अवधि का नियम देना होगा। शेष महीनों पर साधारण ब्याज बताया हो तो महीने/12 लें; शेष दिनों के लिए निर्धारित 365-दिन का वर्ष लें। हर कैलेंडर महीने को बराबर 30 दिन का न मान लें।
मानें कि मूलधन धनात्मक है, ब्याज रकम में बना रहता है और कोई अतिरिक्त जमा, निकासी, बीच में भुगतान या शुल्क नहीं है। बीच की रकम सटीक रखें। अंतिम मिश्रधन और ब्याज को अंत में ही ₹0.01 तक पूर्णांकित करें; आधा पैसा होने पर ऊपर जाएँ। पूर्णांकित परिणामों के लिए ≈ लगाएँ।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 — अर्धवार्षिक। ₹15,000 पर नाममात्र वार्षिक 12% दर है और 18 महीनों तक अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि है। प्रति-अवधि दर = 12 ÷ 2 = 6%; अवधियाँ = 18 ÷ 6 = 3। रकम 15000 × 1.06 = ₹15,900, फिर 15900 × 1.06 = ₹16,854, फिर 16854 × 1.06 = ₹17,865.24 है। ब्याज = 17865.24 - 15000 = ₹2,865.24।
उदाहरण 2 — तिमाही और पूर्णांकन। ₹24,000 पर नाममात्र वार्षिक 12% दर से 9 महीनों तक तिमाही चक्रवृद्धि है। दर = 12 ÷ 4 = 3% प्रति तिमाही; अवधियाँ = 9 ÷ 3 = 3। रकम 24000 × 1.03 = ₹24,720, फिर 24720 × 1.03 = ₹25,461.60, फिर ठीक 25461.60 × 1.03 = ₹26,225.448 है। इसलिए A ≈ ₹26,225.45 और ब्याज = 26225.448 - 24000 = ₹2,225.448 ≈ ₹2,225.45।
उदाहरण 3 — शेष अवधि का स्पष्ट नियम। ₹20,000 पर 10% दर से एक वर्ष वार्षिक चक्रवृद्धि है, फिर वर्षांत की रकम पर 3 महीनों का साधारण ब्याज है। पहली रकम = 20000 × 1.10 = ₹22,000। अतिरिक्त ब्याज = 22000 × 10 × (3/12)/100 = ₹550। अंतिम मिश्रधन = ₹22,550; कुल ब्याज = ₹2,550। यह परिणाम बताए विस्तार-नियम पर निर्भर है।
आम गलतियाँ
हर तिमाही में पूरी वार्षिक दर न लगाएँ। वर्ष का भिन्नात्मक समय पूरी तिमाहियाँ हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि पूरे वर्ष हो। अधूरी अवधि के ब्याज का तरीका बिना बताए न चुनें।
अभ्यास प्रश्न
- ₹12,500 पर नाममात्र वार्षिक 8% दर से एक वर्ष अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि का मिश्रधन और ब्याज निकालें।
- ₹18,000 पर नाममात्र वार्षिक 12% दर से 6 महीने तिमाही चक्रवृद्धि का मिश्रधन और ब्याज निकालें।
- ₹10,000 पर नाममात्र वार्षिक 12% दर से 3 महीने मासिक चक्रवृद्धि का मिश्रधन और ब्याज निकालें।
- ₹8,000 पर 18 महीनों के लिए वार्षिक 10% दर है: पहले वर्ष चक्रवृद्धि लगाएँ, फिर बनी रकम पर 6 महीनों का साधारण ब्याज। मिश्रधन और ब्याज निकालें।
हल सहित उत्तर
- दर = 4%; अवधियाँ = 2। A = 12500 × 1.04^2 = ₹13,520; ब्याज = 13520 - 12500 = ₹1,020।
- दर = 3%; अवधियाँ = 2। A = 18000 × 1.03^2 = ₹19,096.20; ब्याज = ₹1,096.20।
- दर = 1%; अवधियाँ = 3। A = 10000 × 1.01^3 = ₹10,303.01; ब्याज = ₹303.01।
- पहली रकम = 8000 × 1.10 = ₹8,800। अतिरिक्त ब्याज = 8800 × 10 × (6/12)/100 = ₹440। A = ₹9,240; कुल ब्याज = ₹1,240।
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