सांद्रता और मिश्रणों के भारित औसत
सीखने का लक्ष्य
भारित औसत से मिले हुए घोल की सांद्रता निकालना और किसी लक्षित सांद्रता तक पहुँचने के लिए मिलाए जाने वाले द्रव की मात्रा ज्ञात करना।
अवधारणा और मान्यताएँ
सांद्रता आयतन के आधार पर प्रतिशत (% v/v) में है: घोल की प्रत्येक 100 आयतन इकाइयों में विलेय का आयतन। सभी आयतन लीटर में हैं। मानें कि द्रव समांगी और अच्छी तरह मिले हुए हैं, आयतन सीधे जुड़ते हैं तथा कोई अभिक्रिया, वाष्पीकरण या विलेय की हानि नहीं होती। शुद्ध पानी से कोई विलेय नहीं जुड़ता।
c% सांद्रता वाले V आयतन के लिए:
विलेय का आयतन = V × c/100।
मिलाने पर विलेय की मात्राएँ और कुल द्रव के आयतन अलग-अलग जोड़े जाते हैं। इसलिए:
अंतिम सांद्रता (%) = 100 × कुल विलेय का आयतन ÷ कुल मिश्रण का आयतन।
दो घोलों के लिए इसे ऐसे भी लिख सकते हैं:
अंतिम प्रतिशत = (V₁c₁ + V₂c₂)/(V₁ + V₂)।
यहाँ c₁ और c₂ प्रतिशत की संख्याएँ हैं, दशमलव भिन्न नहीं। आयतन भार का काम करते हैं, क्योंकि अधिक मात्रा वाला घोल अनुपात में अधिक पदार्थ देता है। दोनों घोलों के आयतन समान हों तो साधारण औसत लिया जा सकता है; असमान आयतन होने पर सामान्यतः ऐसा नहीं कर सकते।
द्रव्यमान-प्रतिशत वाले मिश्रणों में भार के रूप में द्रव्यमान लें। उपयुक्त रूपांतरण के आँकड़ों के बिना द्रव्यमान और आयतन प्रतिशतों को एक साथ न मिलाएँ। भारित औसत, घटकों की सबसे कम और सबसे अधिक सांद्रता के बीच रहता है।
पानी मिलाने से विलेय की मात्रा अपरिवर्तित रहती है, लेकिन कुल आयतन बढ़ जाता है। कोई घोल मिलाने से सामान्यतः दोनों बदलते हैं। यहाँ द्रव मिलाया जा रहा है, निकाला नहीं जा रहा।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 — दो असमान मात्राएँ। 20% घोल के 3 L में 40% घोल के 7 L मिलाइए।
विलेय की मात्राएँ = 3 × 20/100 = 0.6 L और 7 × 40/100 = 2.8 L। कुल विलेय = 3.4 L; कुल मिश्रण = 3 + 7 = 10 L। सांद्रता = 100 × 3.4/10 = 34%। यह 40% के अधिक निकट है, क्योंकि उस घोल की मात्रा अधिक है।
उदाहरण 2 — तीन घोल। 15% घोल के 4 L, 25% घोल के 6 L और 40% घोल के 10 L मिलाइए।
विलेय की मात्राएँ = 4 × 0.15 = 0.6 L; 6 × 0.25 = 1.5 L; 10 × 0.40 = 4 L। कुल विलेय = 0.6 + 1.5 + 4 = 6.1 L। कुल आयतन = 4 + 6 + 10 = 20 L। सांद्रता = 100 × 6.1/20 = 30.5%।
उदाहरण 3 — मिलाई जाने वाली अज्ञात मात्रा। 15% घोल के 20 L में कितना 50% घोल मिलाएँ कि सांद्रता 30% हो जाए?
मानें कि मिलाया जाने वाला आयतन x L है। शुरुआती विलेय = 20 × 15/100 = 3 L। जुड़ने वाला विलेय = 0.50x; अंतिम आयतन = 20 + x। इसलिए 3 + 0.50x = 0.30(20 + x)। कोष्ठक खोलने पर: 3 + 0.50x = 6 + 0.30x। अतः 0.20x = 3, जिससे x = 15 L। जाँच: विलेय = 3 + 7.5 = 10.5 L; आयतन = 35 L; 100 × 10.5/35 = 30%।
आम गलतियाँ
असमान मात्राओं की सांद्रताओं का बिना भार के औसत निकालना; अंतिम के बजाय शुरुआती आयतन से भाग देना; प्रतिशत को ही आयतन समझ लेना; यह मानना कि तनुकरण से विलेय नष्ट हो जाता है; असंगत सांद्रता-इकाइयाँ मिलाना।
अभ्यास प्रश्न
- 12% घोल के 5 L और 28% घोल के 15 L मिलाए जाते हैं। सांद्रता ज्ञात कीजिए।
- 25% घोल के 16 L में 4 L पानी मिलाया जाता है। सांद्रता ज्ञात कीजिए।
- 10% घोल के 6 L, 25% घोल के 4 L और 40% घोल के 10 L मिलाए जाते हैं। सांद्रता ज्ञात कीजिए।
- 24% घोल के 30 L में कितना पानी मिलाएँ कि सांद्रता 18% हो जाए?
चरणबद्ध हल
- विलेय = 5 × 0.12 + 15 × 0.28 = 0.6 + 4.2 = 4.8 L। कुल आयतन = 20 L। सांद्रता = 100 × 4.8/20 = 24%।
- विलेय की मात्रा 16 × 0.25 = 4 L ही रहती है। कुल आयतन = 16 + 4 = 20 L। सांद्रता = 100 × 4/20 = 20%।
- विलेय = 6 × 0.10 + 4 × 0.25 + 10 × 0.40 = 5.6 L। आयतन = 20 L। सांद्रता = 100 × 5.6/20 = 28%।
- विलेय = 30 × 0.24 = 7.2 L। मानें कि x L पानी मिलाया गया। तब 7.2/(30 + x) = 0.18, इसलिए 30 + x = 40। अतः x = 10 L।
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