मानक कोणों के त्रिकोणमितीय मान
सीखने का लक्ष्य
मानक न्यूनकोणों के सटीक त्रिकोणमितीय मान व्युत्पन्न करना और उनका उपयोग गणनाओं तथा समकोण त्रिभुज की लंबाइयाँ निकालने में करना।
अवधारणाएँ और मान्यताएँ
यहाँ सभी कोण डिग्री में हैं। शून्य से अधिक क्षेत्रफल वाले समकोण त्रिभुज का संदर्भ न्यूनकोण 0° और 90° के बीच होता है; दोनों सीमाएँ शामिल नहीं हैं। भुजाओं की लंबाइयाँ धनात्मक हैं। स्पष्ट रूप से सन्निकटन न करने तक उत्तर सटीक रखे जाएँगे।
45° के लिए ऐसा समद्विबाहु समकोण त्रिभुज लें जिसकी दोनों लंबभुजाएँ 1 हों। पाइथागोरस से कर्ण √2 मिलता है। इसलिए sin 45° = cos 45° = 1/√2 = √2/2 और tan 45° = 1।
30° और 60° के लिए, 2 भुजा वाले समबाहु त्रिभुज को उसकी ऊँचाई से दो बराबर भागों में बाँटें। इससे एक 60° कोण दो 30° कोणों में बँट जाता है। बने हुए प्रत्येक समकोण त्रिभुज में कर्ण 2, छोटी लंबभुजा 1 और ऊँचाई √(4 − 1) = √3 है। 30° के सामने वाली भुजा 1 है; 60° के सामने वाली भुजा √3 है। उपयुक्त भुजाओं का भाग देने से नीचे की सारणी मिलती है।
इकाई वृत्त के आधार पर परिभाषा का विस्तार करने पर cos θ और sin θ क्रमशः क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर निर्देशांक हैं। 0° पर बिंदु (1, 0) और 90° पर (0, 1) है। ये सीमांत कोण सामान्य समकोण त्रिभुज के संदर्भ न्यूनकोण नहीं हैं।
| अनुपात | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° |
|---|---|---|---|---|---|
| sin | 0 | 1/2 | √2/2 | √3/2 | 1 |
| cos | 1 | √3/2 | √2/2 | 1/2 | 0 |
| tan | 0 | √3/3 | 1 | √3 | अपरिभाषित |
न्यूनकोणों के लिए cosec = 1/sin, sec = 1/cos और cot = 1/tan। सीमांत कोणों तक किए गए विस्तार में tan 90° और sec 90° अपरिभाषित हैं; cosec 0° और cot 0° भी अपरिभाषित हैं। शून्य से भाग देने पर अनंत नहीं मिलता।
sin² θ का अर्थ (sin θ)² है, sin(θ²) नहीं।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 — सीधे मान रखना। (2 sin 30° + cos 60°)/tan 45° का मान निकालें।
हर 1 है, इसलिए भाग देना मान्य है। मान रखें: [2(1/2) + 1/2]/1 = (1 + 1/2)/1 = 3/2।
उदाहरण 2 — भुजाओं की लंबाइयाँ। ABC में ∠C = 90°, ∠A = 30° और AB = 18 cm हैं।
BC, A के सामने है: BC/18 = sin 30° = 1/2, इसलिए BC = 9 cm। AC/18 = cos 30° = √3/2, इसलिए AC = 9√3 cm। जाँच: 9² + (9√3)² = 81 + 243 = 324 = 18²।
उदाहरण 3 — व्युत्क्रम और गुणनफल। tan 60° × cot 30° − sec 45°/cosec 45° का मान निकालें।
cot 30° = 1/(√3/3) = √3। sec 45° = cosec 45° = √2; हर अशून्य है। इसलिए व्यंजक √3 × √3 − √2/√2 = 3 − 1 = 2 है।
आम गलतियाँ
30° और 60° के मान बदल देना; लंबभुजा को कर्ण मान लेना; गुणांकों का वर्ग करना भूलना; सीमांत कोणों के अपरिभाषित अनुपातों को संख्या मान लेना।
अभ्यास प्रश्न
- 4 sin 30° − 2 cos 60° + tan 45° का मान निकालें।
- एक न्यूनकोण 45° है और उसकी आसन्न लंबभुजा 9 cm है। सामने वाली लंबभुजा और कर्ण निकालें।
- sin² 60° + cos² 45° का मान निकालें।
- sec² 30° + cosec² 60° − cot² 45° का मान निकालें।
चरणबद्ध हल
- मान रखें: 4(1/2) − 2(1/2) + 1 = 2 − 1 + 1 = 2।
- सामने वाली भुजा = 9 tan 45° = 9 cm। कर्ण = 9/cos 45° = 9/(√2/2) = 9√2 cm।
- (√3/2)² + (√2/2)² = 3/4 + 1/2 = 5/4।
- sec 30° = cosec 60° = 2/√3; cot 45° = 1। इसलिए 4/3 + 4/3 − 1 = 5/3।
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