मापन की सटीकता और विमीय जाँच
सीखने का लक्ष्य
निकटतम मान तक लिखे गए मापों का अर्थ समझना, उनसे निकले परिणामों की सीमाएँ निकालना और विमीय जाँच से अनुपयुक्त सूत्र पहचानना।
अवधारणाएँ और मान्यताएँ
मापा गया मान अपने-आप सटीक नहीं हो जाता। उपकरण की विभेदन क्षमता वह सबसे छोटा बदलाव है जिसे वह अलग पहचान सकता है; सटीकता बताती है कि परिणाम वास्तविक मान के कितना निकट है। कैलकुलेटर के अतिरिक्त अंक सटीकता नहीं बढ़ाते।
मानें कि अनिश्चितता केवल बताए गए निकटतम मान तक लिखने से आती है; वास्तविक उपकरण अन्य त्रुटियाँ भी ला सकते हैं। दो विकल्पों के ठीक बीच पड़ने वाले धनात्मक मान को ऊपर वाले विकल्प पर लें।
यदि किसी माप को q के निकटतम गुणज में लिखने पर x मिलता है, तो वास्तविक मान x − q/2 से x + q/2 के बीच होता है। निचली सीमा शामिल है, ऊपरी सीमा नहीं। इस प्रक्रिया की त्रुटि का परिमाण अधिकतम q/2 है: मध्यबिंदु पार करते ही दर्ज होने वाला मान बदल जाता है।
आयत के धनात्मक आयामों में से कोई भी बढ़े तो क्षेत्रफल बढ़ता है। न्यूनतम क्षेत्रफल के लिए दोनों निचली सीमाओं का गुणा करें। ऊपरी सीमा के लिए दोनों ऊपरी सीमाओं का गुणा करें; यह सीमा परिणाम में शामिल नहीं होगी। बीच की गणना सटीक रखें।
विमाएँ बताती हैं कि राशि किस प्रकार की है। परिमाप में लंबाई की इकाइयाँ, क्षेत्रफल में वर्ग इकाइयाँ और आयतन में घन इकाइयाँ चाहिए। जोड़े जाने वाले पदों की विमाएँ संगत होनी चाहिए। गलत विमाएँ किसी सूत्र को गलत सिद्ध कर देती हैं; सही विमाएँ अकेले उसे सही सिद्ध नहीं करतीं।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 — निकटतम मान में लिखा माप। एक लंबाई को निकटतम 0.1 cm तक 12.6 cm दर्ज किया गया है। उसकी सीमा निकालिए।
अंतराल का आधा = 0.1/2 = 0.05 cm। निचली सीमा = 12.6 − 0.05 = 12.55 cm। ऊपरी सीमा = 12.6 + 0.05 = 12.65 cm। इसलिए 12.55 cm ≤ लंबाई < 12.65 cm; निकटतम मान लेने से हुई त्रुटि का परिमाण अधिकतम 0.05 cm है।
उदाहरण 2 — क्षेत्रफल में अनिश्चितता। एक आयत के आयाम 12 cm और 8 cm दर्ज हैं। दोनों माप निकटतम सेंटीमीटर तक लिखे गए हैं।
दर्ज मापों से क्षेत्रफल = 12 × 8 = 96 cm²। लंबाई की सीमा 11.5 से 12.5 तक और चौड़ाई की सीमा 7.5 से 8.5 तक है, सभी माप cm में हैं। प्रत्येक निचली सीमा शामिल है और ऊपरी सीमा शामिल नहीं है। न्यूनतम क्षेत्रफल = 11.5 × 7.5 = 86.25 cm²। ऊपरी सीमा = 12.5 × 8.5 = 106.25 cm²। अतः 86.25 cm² ≤ क्षेत्रफल < 106.25 cm²। गणना से निकली इन सीमाओं का अर्थ यह नहीं कि मापन एक वर्ग सेंटीमीटर के सौवें हिस्से तक सटीक है।
उदाहरण 3 — सूत्रों की जाँच। 5 m लंबाई और 3 m चौड़ाई वाले आयत के लिए प्रस्तावित क्षेत्रफल सूत्रों 2(लंबाई + चौड़ाई) और (लंबाई + चौड़ाई)² की जाँच कीजिए।
पहला सूत्र 2(5 + 3) = 16 m देता है। यह लंबाई की इकाई है, इसलिए क्षेत्रफल नहीं हो सकता। दूसरा सूत्र (5 + 3)² = 64 m² देता है। विमाएँ उपयुक्त हैं, लेकिन उत्तर गलत है। वास्तविक क्षेत्रफल = 5 × 3 = 15 m²। विमीय मेल आवश्यक है, पर पर्याप्त नहीं।
आम गलतियाँ
निकटतम मान तक लिखे माप को सटीक कहना; विभेदन क्षमता और सटीकता को एक समझना; असंगत राशियाँ जोड़ना; केवल इकाइयाँ मिलने से सूत्र पर विश्वास कर लेना; बीच की सीमाओं को ही सन्निकट मान में बदल देना।
अभ्यास प्रश्न
- एक लंबाई निकटतम 0.1 m तक 7.2 m है। उसकी सीमा और निकटतम मान लेने से हुई त्रुटि की सीमा बताइए।
- एक वर्ग की भुजा निकटतम सेंटीमीटर तक 10 cm है। दर्ज माप से क्षेत्रफल और संभावित क्षेत्रफल की सीमा निकालिए।
- l, w और h लंबाइयाँ हैं। lwh, 2(lw + wh + hl), और lwh + l की विमाएँ जाँचिए।
- एक आयत के आयाम 2.4 m और 1.8 m दर्ज हैं। दोनों निकटतम 0.1 m तक लिखे गए हैं। दर्ज मापों से परिमाप और उसकी सीमा निकालिए। क्या इसे ठीक 8.400 m कहना उचित है?
चरणबद्ध हल
- अंतराल का आधा = 0.05 m। इसलिए 7.15 m ≤ लंबाई < 7.25 m। निकटतम मान लेने से हुई त्रुटि का परिमाण अधिकतम 0.05 m है।
- भुजा की सीमा: 9.5 cm ≤ भुजा < 10.5 cm। दर्ज माप से क्षेत्रफल = 100 cm²। सीमाओं का वर्ग करने पर 90.25 cm² ≤ क्षेत्रफल < 110.25 cm²।
- lwh की विमाएँ आयतन की हैं; 2(lw + wh + hl) की विमाएँ क्षेत्रफल की हैं। lwh + l अमान्य है, क्योंकि आयतन और लंबाई को जोड़ा नहीं जा सकता।
- दर्ज मापों से परिमाप = 2(2.4 + 1.8) = 8.4 m। सीमाएँ 2(2.35 + 1.75) = 8.2 m और 2(2.45 + 1.85) = 8.6 m हैं। इसलिए 8.2 m ≤ परिमाप < 8.6 m। इसे सटीक मान कहना उचित नहीं है।
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