प्रतिस्थापन और बार-बार तनुकरण
सीखने का लक्ष्य
बार-बार द्रव निकालकर पानी भरने के बाद बचा विलेय निकालना, प्रतिस्थापन की अज्ञात मात्रा ज्ञात करना और लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आवश्यक चरणों की संख्या तय करना।
अवधारणा और मान्यताएँ
सांद्रता आयतन के आधार पर प्रतिशत (% v/v) में लें। मानें कि आयतन सीधे जुड़ते हैं, कोई अभिक्रिया या वाष्पीकरण नहीं होता और हर निकासी से पहले घोल अच्छी तरह मिलाया जाता है। V L में से x L निकालें, फिर ठीक x L शुद्ध पानी भरें। इसलिए कुल आयतन V ही रहता है।
समान रूप से मिले घोल में हर निकासी उस समय मौजूद विलेय का x/V भाग निकालती है। बचने वाला अंश q = 1 − x/V है। हर अगले प्रतिस्थापन में बची मात्रा फिर q से गुणा होती है, इसलिए:
बचा हुआ विलेय = शुरुआती विलेय × qⁿ। अंतिम सांद्रता = शुरुआती सांद्रता × qⁿ।
दूसरा सूत्र इसलिए लागू होता है क्योंकि आयतन स्थिर है। यहाँ n धनात्मक पूर्णांक है और 0 ≤ x ≤ V है। जब 0 < x < V हो, तो सीमित बार प्रतिस्थापन करने से पूरा विलेय नहीं निकलता।
निकाली गई मात्राएँ अलग-अलग हों तो हर बार बचने वाले अंशों का अलग-अलग गुणन करें। ये सूत्र शुद्ध पानी भरने के लिए हैं; किसी अन्य सांद्रता वाला घोल भरने पर विलेय का नया हिसाब लगाना होगा। बिना निकासी के पानी मिलाने से आयतन बढ़ता है और वह अलग प्रक्रिया है। भिन्नों को सटीक रखें; केवल अंतिम उत्तर को आवश्यक दशमलव स्थानों तक निकटतम मान में बदलें और सन्निकट उत्तर पर ≈ लगाएँ।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 — एक बार प्रतिस्थापन। 40 L के पात्र में 30% घोल है। 10 L निकालकर उसकी जगह 10 L पानी भरें। सांद्रता ज्ञात कीजिए।
शुरुआती विलेय = 40 × 0.30 = 12 L। निकला हुआ विलेय = 10 × 0.30 = 3 L। बचा विलेय = 12 − 3 = 9 L। अंतिम सांद्रता = 100 × 9/40 = 22.5%।
उदाहरण 2 — तीन बार प्रतिस्थापन। 60 L के पात्र में 50% घोल है। तीन बार 12 L निकालकर उतना ही पानी भरें और प्रत्येक अगले चरण से पहले घोल मिलाएँ।
बचने वाला अंश q = 1 − 12/60 = 4/5। शुरुआती विलेय = 60 × 0.50 = 30 L। क्रमिक चरणों के बाद विलेय: 30 × 4/5 = 24 L, फिर 24 × 4/5 = 19.2 L, फिर 19.2 × 4/5 = 15.36 L। अंतिम सांद्रता = 100 × 15.36/60 = 25.6%।
उदाहरण 3 — प्रतिस्थापन की मात्रा निकालना। 80 L के 64% घोल से दो बार समान मात्रा निकालकर उतना ही पानी भरने पर सांद्रता 36% हो जाती है। हर बार निकाली गई मात्रा ज्ञात कीजिए।
मानें कि हर बार x L का प्रतिस्थापन होता है। 36 = 64(1 − x/80)²। 64 से भाग देने पर: (1 − x/80)² = 36/64 = 9/16। बचने वाला अंश गैर-ऋणात्मक है, इसलिए 1 − x/80 = 3/4। अतः x/80 = 1/4, जिससे x = 20 L। जाँच: सांद्रता पहले 64 × 3/4 = 48%, फिर 48 × 3/4 = 36% होती है।
आम गलतियाँ
हर चरण में विलेय की समान मात्रा निकालना मान लेना; कई चरणों को एक निकासी में जोड़ देना; घोल मिलाना भूलना; स्थिर आयतन वाले हर को बदल देना; बीच की गणनाओं में ही सटीक मान के बजाय सन्निकट मान लेना।
अभ्यास प्रश्न
- 50 L के पात्र में 24% घोल है। एक बार 10 L निकालकर उतना ही पानी भरें। सांद्रता ज्ञात कीजिए।
- 40 L के पात्र में शुरुआत में केवल एक सांद्र द्रव है। दो बार 5 L निकालकर उतना ही पानी भरें। मूल सांद्र द्रव कितना बचेगा?
- 54 L के पात्र में 30% घोल है। दो बार 18 L निकालकर उतना ही पानी भरें। अंतिम सांद्रता ज्ञात कीजिए।
- 20 L के पात्र में 80% घोल है। हर चरण में 5 L निकालकर उतना ही पानी भरें। सांद्रता को 40% से नीचे लाने के लिए न्यूनतम कितने चरण चाहिए?
चरणबद्ध हल
- शुरुआती विलेय = 50 × 0.24 = 12 L। बचने वाला अंश = 1 − 10/50 = 4/5। बचा विलेय = 12 × 4/5 = 9.6 L। सांद्रता = 100 × 9.6/50 = 19.2%।
- शुरुआती सांद्र द्रव = 40 L; बचने वाला अंश = 1 − 5/40 = 7/8। बचा सांद्र द्रव = 40 × (7/8)² = 40 × 49/64 = 30.625 L, सटीक।
- बचने वाला अंश = 1 − 18/54 = 2/3। अंतिम सांद्रता = 30 × (2/3)² = 30 × 4/9 = 13⅓%, सटीक; या दशमलव के बाद दो स्थानों तक निकटतम मान लेने पर ≈ 13.33%।
- बचने वाला अंश = 1 − 5/20 = 3/4। क्रमिक सांद्रताएँ 80 × 3/4 = 60%, 60 × 3/4 = 45% और 45 × 3/4 = 33.75% हैं। पहली दो 40% से अधिक हैं; तीसरी उससे कम है। इसलिए न्यूनतम 3 चरण चाहिए।
इस पाठ के टेस्ट
- SSC CGL वाणिज्यिक अंकगणित, ब्याज और मिश्रण: 24 प्रश्नों का अभ्यास
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