वृत्तों की स्पर्शरेखाएँ और उभयनिष्ठ स्पर्शरेखाएँ
सीखने का उद्देश्य
स्पर्शरेखाओं की लंबाइयाँ और कोण निकालना तथा प्रत्यक्ष और अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्शरेखाओं में अंतर करना।
अवधारणाएँ और मान्यताएँ
स्पर्शरेखा वृत्त को ठीक एक बिंदु पर मिलती है और वहाँ की त्रिज्या के लंबवत् होती है। इसके उलट, त्रिज्या के परिधि पर स्थित सिरे से उसके लंबवत् खींची गई रेखा वहाँ स्पर्शरेखा होती है।
केंद्र O और त्रिज्या r वाले वृत्त के बाहरी बिंदु P से खींची गई स्पर्शरेखाएँ PA और PB, क्रमशः A और B पर स्पर्श करती हैं। समकोण त्रिभुज OAP और OBP का कर्ण OP साझा है और उनकी त्रिज्याएँ बराबर हैं, इसलिए:
PA = PB = √(OP² − r²)।
यह बराबरी एक ही बाहरी बिंदु और एक ही वृत्त के लिए सुनिश्चित है। इसके अतिरिक्त, ∠APB + छोटा केंद्रीय कोण ∠AOB = 180°।
यदि किरण AT, A पर स्पर्शरेखा है, AB एक जीवा है और वृत्त का बिंदु C तथा T, रेखा AB की विपरीत ओर हैं, तो स्पर्शरेखा–जीवा प्रमेय से ∠TAB = ∠ACB।
उभयनिष्ठ स्पर्शरेखाओं के लिए त्रिज्याएँ R ≥ r > 0 और केंद्रों की दूरी d > R + r लें: वृत्त न एक-दूसरे को छूते हैं, न उनके भीतरी क्षेत्र आपस में मिलते हैं। चार उभयनिष्ठ स्पर्शरेखाएँ होती हैं; नीचे लंबाई का अर्थ दोनों स्पर्शबिंदुओं के बीच के रेखाखंड की लंबाई है:
प्रत्यक्ष: दोनों केंद्र स्पर्शरेखा की एक ही ओर होते हैं। लंबाई = √(d² − (R − r)²)।
अनुप्रस्थ: केंद्र विपरीत ओर होते हैं; स्पर्शबिंदुओं को जोड़ने वाला रेखाखंड, केंद्रों को जोड़ने वाले रेखाखंड को काटता है। लंबाई = √(d² − (R + r)²)।
पाइथागोरस प्रमेय में कर्ण d तथा लंबवत् अंतर R − r या R + r लिया जाता है। अन्य स्थितियों में स्पर्शरेखाओं के अस्तित्व की अलग से जाँच आवश्यक है।
हल सहित उदाहरण
उदाहरण 1 — दो स्पर्शरेखा खंड। P से खींची गई PA और PB, केंद्र O और 7 cm त्रिज्या वाले वृत्त को स्पर्श करती हैं; OP = 25 cm। त्रिभुज OAP में A पर समकोण है: PA² = 25² − 7² = 576। इसलिए PA = PB = 24 cm।
उदाहरण 2 — स्पर्शरेखाओं के बीच का कोण। P से खींची गई PA और PB, केंद्र O वाले वृत्त को A और B पर स्पर्श करती हैं तथा ∠APB = 64° है। चतुर्भुज OAPB में A और B पर समकोण हैं। इसलिए छोटा केंद्रीय कोण ∠AOB = 360° − 90° − 90° − 64° = 116°।
उदाहरण 3 — प्रत्यक्ष और अनुप्रस्थ का अंतर। दो वृत्तों की त्रिज्याएँ 17 cm और 7 cm हैं तथा केंद्रों की दूरी 26 cm है। चूँकि 26 > 17 + 7 = 24, दोनों प्रकार की उभयनिष्ठ स्पर्शरेखाएँ संभव हैं। प्रत्यक्ष लंबाई = √(26² − 10²) = √576 = 24 cm। अनुप्रस्थ लंबाई = √(26² − 24²) = √100 = 10 cm।
सामान्य गलतियाँ
लंबवत् संबंध के लिए स्पर्शबिंदु तक की त्रिज्या लें। अलग-अलग बिंदुओं या वृत्तों की स्पर्शरेखाओं की लंबाई अपने-आप बराबर न मानें। प्रत्यक्ष सूत्र में त्रिज्याओं का अंतर और अनुप्रस्थ सूत्र में उनका योग आता है। वृत्तों का बाहर से अलग होना हमेशा जाँचें।
अभ्यास प्रश्न
- P, केंद्र O वाले वृत्त का बाहरी बिंदु है। त्रिज्या 9 cm और OP = 15 cm है। स्पर्शरेखा खंड की लंबाई निकालें।
- किरण AT, A पर स्पर्शरेखा है; AB एक जीवा है। वृत्त का बिंदु C, रेखा AB की T से विपरीत ओर है। यदि ∠TAB = 38°, तो ∠ACB निकालें।
- एक-दूसरे के बाहर अलग-अलग स्थित दो वृत्तों की त्रिज्याएँ 18 cm और 3 cm तथा केंद्रों की दूरी 25 cm है। प्रत्यक्ष उभयनिष्ठ स्पर्शरेखा खंड की लंबाई निकालें।
- एक-दूसरे के बाहर अलग-अलग स्थित दो वृत्तों की त्रिज्याएँ 9 cm और 6 cm तथा केंद्रों की दूरी 17 cm है। अनुप्रस्थ उभयनिष्ठ स्पर्शरेखा खंड की लंबाई निकालें।
हल सहित उत्तर
- स्पर्शबिंदु की त्रिज्या और स्पर्शरेखा समकोण बनाती हैं। स्पर्शरेखा खंड की लंबाई का वर्ग = 15² − 9² = 144, इसलिए लंबाई 12 cm है।
- C आवश्यक विपरीत वृत्तखंड में है। स्पर्शरेखा–जीवा प्रमेय से ∠ACB = ∠TAB = 38°।
- चूँकि 25 > 18 + 3 = 21, वृत्त बाहर से अलग हैं। प्रत्यक्ष लंबाई = √(25² − (18 − 3)²) = √(625 − 225) = 20 cm।
- चूँकि 17 > 9 + 6 = 15, अनुप्रस्थ स्पर्शरेखाएँ संभव हैं। लंबाई = √(17² − (9 + 6)²) = √(289 − 225) = 8 cm।
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